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पूर्व विधायक राजमन बेंजाम का आरोप: किसानों के साथ धोखा कर रही है भाजपा सरकार

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  •  2300 रुपए की दर पर की जा रही धान खरीदी 

जगदलपुर चित्रकोट के पूर्व विधायक राजमन बेंजाम ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने प्रदेश के किसानों के साथ धोखा किया है।

राजमन बेंजाम ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि धान की खरीदी 3100 रुपए की दर से की जाएगी और किसानों को नगद राशि का भुगतान किया जाएगा। लेकिन जब धान खरीदने का समय आया, तो भाजपा सरकार अपने वादे से मुकर कर केवल 2300 रुपए में धान खरीदी कर रही है। राजमन बेंजाम ने कहा कि भाजपा किसान विरोधी पार्टी है और जहां भी भाजपा की सरकार है, वहां के किसान परेशान और हताश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाकी के 800 रुपए देने के लिए भाजपा सरकार के पास कोई योजना नहीं है और ना ही किसानों को बोनस देने का वादा किया है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के किसानों, बेरोजगारों और महिलाओं से कई वादे किए थे, लेकिन धरातल पर डबल इंजन सरकार पूरी तरह से फेल चुकी है। इस मुद्दे पर किसानों में भारी नाराजगी है और वे अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राजमन बेंजाम ने किसानों के समर्थन में खड़े होकर भाजपा सरकार से अपने वादों को पूरा करने की मांग की है।

किसानों की नाराजगी और संघर्ष

राजमन बेंजाम के मुताबिक किसानों की नाराजगी इस बात से भी बढ़ गई है कि भाजपा सरकार ने धान की खरीदी के लिए जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं कर रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपने धान की उचित कीमत नहीं मिल रही है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। राजमन बेंजाम ने कहा कि भाजपा सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने वादों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों को नहीं माना, तो वे अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

बस्तर से प्रतिभावान खिलाड़ी निकलें इसी मंशा से बस्तर ओलंपिक का आयोजन: विनायक गोयल

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  •  बस्तर ओलंपिक के तहत जिला स्तरीय प्रतियोगिता 
  • जिले के सात विकासखंडों से 1900 खिलाड़ी शामिल 

जगदलपुर बस्तर ओलंपिक 2024 के तहत बस्तर जिला स्तरीय प्रतियोगिता का दो दिवसीय आयोजन जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम, क्रीड़ा परिसर धरमपुरा और पंडरीपानी (हॉकी) में किया जा रहा है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल के आतिथ्य में हुआ।

विधायक  गोयल ने खेल प्रतियोगिता क शुभारंभ की घोषणा की और ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक के खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में पंजीयन करवाया और ब्लाॅक स्तरीय खेल प्रतियोगिता में जीतकर जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहुंचें हैं, सभी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं।  गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि बस्तर के सभी क्षेत्रों से प्रतिभावान खिलाडी निकलें इसी उद्देश्य के साथ बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया है। खिलाडियों को अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिला है इसका भरपूर लाभ और खेल का आनंद लें। खेल में हार-जीत लगी रहती है। खिलाड़ी कमजोर नहीं हों, खेल भावना से खेलकर कर उच्च स्तर तक पहुंचें। युवा खेल के साथ पढ़ाई, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी प्रतिभा दिखाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महापौर सफीरा साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक के माध्यम से मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों को आगे लाने का प्रयास के लिए आभार। सभी खिलाड़ी अच्छे से खेलें,अच्छे से मेहनत करें और खेलकर अपने क्षेत्र का नाम रौशन करें। कार्यक्रम में कमिश्नर डोमन सिंह ने ब्लॉक से जिला स्तर पर पहुंचने पर सभी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं देते कहा कि खेल गतिविधि में भाग लेकर जीवन में कई अनुभवों को सीखने का अवसर मिलता है। खेल में सुधार, आचरण व्यवहार में सुधार की संभावना से बेहतर व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है। वर्तमान में खिलाडियों के प्रति जो सम्मान, स्नेह मिलता है उसके आप हकदार बनें ऐसी मेहनत करने का प्रयास हमारे बस्तर के खिलाड़ी करें। आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए खेल एक उचित माध्यम है।खिलाडी भावना के साथ खेल का आनंद लें और शांति, सुरक्षा, विकास हेतु क्षेत्र के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बस्तर ओलंपिक का सातों जिलों में आयोजन किया जा रहा है।

 26 हजार खिलाड़ी ले चुके भाग

सीईओ जिला पंचायत एवं प्रभारी कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि बस्तर ओलंपिक के लिए एक अक्टूबर से पंजीयन प्रारंभ किया गया था जिसमें लगभग 37 हजार लोगों ने पंजीयन करवाया था इनमें से लगभग 26 हजार (71 प्रतिशत) लोगों ने ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता तीन स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। जिसमें जिले के सातों विकासखंड से लगभग 1900 बालक-बालिका भाग ले रहे है। प्रतियोगिता में व्यक्तिगत खेल गतिविधि और सामूहिक खेल के विजेताओं को नगद पुरस्कार दिया जाएगा। जिला स्तरीय प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर पद्मश्री धर्मपाल सैनी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप, पार्षद योगेंद्र पाणिग्रही, यशवर्धन राव, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, खेल अधिकारी राजेंद्र डेकाटे, सभी जिला स्तरीय अधिकारी, खेलप्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों ने फुटबाल को किक मारकर शुभारंभ किया। सातों विकासखंडों के खिलाडियों ने शानदार मार्चपास्ट किया। बस्तर ओलंपिक का एंथम- थीम गीत लांच किया गया। राष्ट्रीय खिलाडी वेदवती कश्यप ने खिलाडियों को खेल भावना के लिए शपथ दिलवाई और अतिथियों के द्वारा सातों ब्लाॅक के खिलाडियों खेल किट प्रदान किया गया। दो स्कूलों की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी।

एक घंटा राष्ट्र के नाम अभियान का होगा विस्तार, वार्ड स्तर पर जनसंपर्क की तैयारी

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जगदलपुर सर्व हिंदू समाज द्वारा राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए जन-जन में जागरण निमित्त एक घंटा राष्ट्र के नाम अभियान संबंधी चिंतन-मनन की प्रक्रिया सतत जारी है। इसके लिए केंद्रीय बैठक प्रति सप्ताह शनिवार के दिन श्री श्री जगन्नाथ मंदिर जगदलपुर में की जाती है।

इस अभियान को लेकर बैठक वार्ड स्तर पर भी होने लगी है। इसी कड़ी को विस्तार देते हुए अभियान के समन्वयक एल. ईश्वर राव ने बताया कि गुरूवार को गंगानगर वार्ड में अभियान से वार्डवासियों को जोड़ने व वार्डवासी अपने ही स्थानीय क्षेत्र में सप्ताह में एक दिन एक घंटा किसी निर्धारित स्थान पर बैठकर राष्ट्रहित को ध्येय में रखकर चिंतन-मनन करने प्रेरित किया जाएगा। इस संबंध में गुरूवार को गंगानगर वार्ड में सघन संपर्क कर वार्ड स्तर पर अभियान को गति दी जाएगी।

सहकार से समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहा है छत्तीसगढ़: केदार कश्यप

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  •  अभा सहकारिता सप्ताह के समापन में शामिल हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप

जगदलपुर बस्तर जिला सहकारिता संघ मर्यादित जगदलपुर द्वारा अयोजित 71वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के समापन समारोह में वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सम्मिलित हुए। उन्होंने इस अवसर पर किसानों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारी समितियों के सशक्तिकरण से किसानों सहित गांव, प्रदेश और देश की समृद्धि जु़ड़ी हुई है। सबकी सहभागिता से सबका विकास ही सहकारिता का मूल उद्देश्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गांव, गरीब और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ को साकार करने का आव्हान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार का ध्येय वाक्य भी ‘सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास‘‘ है और इसी ध्येय वाक्य को लेकर हमारी सरकार लोगों के हित में काम कर रही है। उन्होंने सहकारी समितियों से जुड़े लोगों से कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में  हमारा काम जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। सबकी सहभागिता और सहयोग से ही हम आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि धरती मां को हम वसुंधरा के नाम से भी जानते हैं। इस वसुंधरा की हम पूजा करने वाले लोग हैं। जहां भी हल चलाकर हम बीज बो देते हैं। वसुंधरा हमें जीवकोपार्जन के लिए कई गुना अनाज देती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति केवल धान, बीज खरीदी और बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि इसे मल्टी एक्टिविटिज तथा कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रदेश के किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने का वादा किया था। हमारी सरकार वादे के मुताबिक 3100 सौ रूपए प्रति क्विंटल के मान से आज प्रदेश के सभी केंद्रों में धान खरीदी करा रही है। वहीं इस धान खरीदी से कांग्रेसियों को पीड़ा भी है जिसके कारण धान खरीदी को लेकर वे तरह – तरह की अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति हमारी प्राथमिकता में है। किसानों की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक साढ़े 5 हजार करोड़ रूपए ऋण वितरण किए जा चुके हैं।

सहकारिता को बढ़ावा दे रही सरकार

मंत्री केदार कश्यप ने किसानों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि भाजपा सरकार ने ही सहकारिता के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति और श्वेत क्रांति की सफलता में सहकारिता का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन सहकारिता कभी भी हमारी नियोजित विकास प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रही है और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने नीतिगत योजनाओं में भी इसे कभी विशेष महत्व नहीं दिया। जिसके चलते इसकी संभाव्य क्षमता का भरपूर उपयोग नहीं हो पाया है। लेकिन मोदी सरकार के विकास मॉडल में सहकारिता को ‘सहकार से समृद्धि’ का आधार माना गया है, जिसके चलते हाल के वर्षों में सहकारिता के विकास पर अधिक समग्रता से प्रयास किए गए हैं। भारत सरकार ने 6 जुलाई 2021 को सहकारिता मंत्रालय नाम से एक नए मंत्रालय का गठन किया है। यह एक ऐतिहासिक कदम है। यह मंत्रालय सहकारिता को असली जनांदोलन के रूप में समाज की जड़ों तक ले जाने में सहायक होगा। यह मंत्रालय सही मायनों में सहकारी संघवाद की भावना स्थापित करने के लिहाज से सहकारिता का एक अग्रदूत साबित होगा।

अपनी घटती संख्या को देख अब दूसरे राज्यों से अपने साथियों को बुला रहे हैं बस्तर में सक्रिय नक्सली

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  •  पड़ोसी राज्यों से कराई जाने लगी है घुसपैठ 
  • उड़ीसा से छग में घुस रहे नक्सलियों के साथ मुठभेड़

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में लगातार बड़ी संख्या में अपने साथियों के मारे जाने से परेशान नक्सली अब पड़ोसी राज्यों से अपने साथियों को बुलाने लगे हैं।बस्तर में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे नक्सली येन केन प्रकारेण अपना वजूद बचाए रखना चाहते हैं। आज उड़ीसा से छत्तीसगढ़ में दाखिल होने की कोशिश कर रहे नक्सलियों के एक ग्रुप के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले की सीमा के पास नदी पार कर छत्तीसगढ़ में दाखिल हो रहे नक्सलियों से उड़ीसा पुलिस के जवानों की मुठभेड़ की खबर है। गुरुवार तड़के यह मुठभेड़ हुई।उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर नदी पार कर नक्सलियों के आने की सूचना मिलने के बाद जवानों ने सीमाई इलाके में मोर्चा सम्हाल लिया। सुकमा जिले के एर्राबोर की सीमा पर उड़ीसा में मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ में उड़ीसा पुलिस का एक जवान घायल हुआ है। यह मुठभेड़ सुकमा जिले की सीमा से सटे उड़ीसा के मल्कानगिरी जिले के जिनेलगुड़ा गांव में शबरी नदी के पास हुई है। बस्तर संभाग में छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों का सफाया करते जा रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकारों ने सन 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए डेड लाइन जारी कर दी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा अपने पिछले छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान की गई इस घोषणा के बाद राज्य सरकार, पुलिस और सेंट्रल फोर्सेस बेहद ही आक्रामक मुद्रा में आ गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंच कर जहां ग्रामीणों का विश्वास जीतने में सफल हो रहे हैं, वहीं नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का हौसला भी लगातार बढ़ा रहे हैं। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के दुश्मनों के खिलाफ भारतीय सेना को खुली छूट दे रखी है, वैसी ही छूट एंटी नक्सल ऑपरेशन में तैनात फोर्सेस को भी मिली हुई है। इन प्रयासों के बेहतरीन नतीजे भी सामने आने लगे हैं। बस्तर के विभिन्न जिलों में आए दिन फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो रही है और हर मुठभेड़ में अनेक नक्सली मारे जा रहे हैं। इस साल अब तक जितने नक्सली मारे गए हैं, उतने छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले कभी नहीं मारे गए थे। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री भी इस उपलब्धि से खुश हैं और राज्य सरकार एवं सुरक्षा बलों की तारीफ करने लगे हैं। इस बात का जिक्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीआरपीएफ कैंप सेवड़ा में जवानों से मुलाकात के दौरान किया था।

आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी भी

राज्य सरकार ने संभाग के सातों जिलों के नक्सल प्रभावित गांवों के समग्र विकास के लिए नियद नेल्ला नार चला रखी है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रभावित गांवों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल कनेक्टीविटी आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके सहयोगियों के पुनर्वास के लिए भी शानदार नीति बनाई है। दूसरी ओर आज अति संवेदनशील बीहड़ के गांवों में सीआरपीएफ द्वारा कैंप स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों के जरिए जहां नक्सल समस्या से निपटने में तेजी लाई जा रही है, वहीं फोर्स की मेडिकल यूनिट द्वारा ग्रामीणों का बेहतर इलाज भी किया जा रहा है। कई कैंपों में जवान ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग क्लास भी चला रहे हैं। बीमार ग्रामीणों और गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाने में भी ये जवान महति भूमिका निभा रहे हैं। इन सारे प्रयासों के सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। ग्रामीण नक्सलियों के विरोध में सामने आने लगे हैं, नक्सलियों का भी ह्रदय परिवर्तन होने लगा है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्म समर्पण कर समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और कांकेर जिलों में अब तक सैकड़ों नक्सली आत्मसमर्पण कर चके हैं। बड़ी संख्या में नक्सली गिरफ्तार भी किए गए हैं। इसके चलते बस्तर में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। हार्डकोर के नक्सली असहाय हो चले हैं और अब पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, उड़ीसा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश में सक्रिय नक्सलियों की बस्तर में घुसपैठ कराने लगे हैं, मगर फोर्स हर तरफ मोर्चाबंदी किए बैठी है।

बस्तर अब उड़ान भरना चाहता है, बस्तर के युवा देश दुनिया में अपना पहचान बनाना चाहता है: विजय शर्मा

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  •  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और खेल मंत्री टंकराम वर्मा पहुंचे बीजापुर 

जगदलपुर उप मुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री विजय शर्मा एवं राजस्व तथा खेल मंत्री टंकराम वर्मा एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचकर बस्तर ओलंपिक के ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हुए। मंत्रियों का पारंपरिक गौर नृत्य और बीजापुर के सुप्रसिद्ध मद्देड़ बाजा से भव्य स्वागत किया।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल मंत्री टंकराम वर्मा गौर मुकुट पहनकर बीजापुर के पारंपरिक नृत्य पर जमकर थिरके।

मंत्री द्वय ने जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जिला पंचायत के स्टॉल में आवास दिवस की थीम पर आधारित केक हितग्राहियों के हाथों कटवाया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को उनके नए घर की प्रतीकात्मक चाबी भेंट की गई।

बीजादूतीर कार्नर में स्वयंसेवकों से मंत्री शर्मा ने चर्चा की और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में भागीदारी निभाने पर उनका उत्साहवर्धन किया। महिला बाल विकास विभाग के स्टॉल में मंत्रियों एवं अतिथियों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का बैच लगाकर स्वागत किया गया एवं मंत्री द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ हस्ताक्षर अभियान में हस्ताक्षर किया गया। वहीं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने वाले खिलाड़ियों को सफलता की कहानी का प्रदर्शन बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी के स्टॉल पर किया गया जिनका अवलोकन मंत्रियों ने किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल मंत्री टंकराम वर्मा खिलाड़ियों के उत्साह को देख प्रफुल्लित नजर आए और भव्य आयोजन को देख युवाओं में नया जोश भरा उनके साथ सेल्फी एवं फोटो सेशन कराया। बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिता के आयोजन के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय, बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी एवं कन्या शिक्षा परिसर की मनमोहक प्रस्तुति की उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जमकर तारीफ की। वहीं रायपुर की टीम द्वारा बीजापुर एवं बस्तर में नक्सलियों की कायराना हरकत से किस प्रकार निर्दाेष ग्रामीणों को पीड़ा और तकलीफ उठानी पड़ रही है उसका जीवंत चित्रण किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल मंत्री शटंकराम वर्मा द्वारा ध्वजारोहरण कर खेल का शुभारंभ किया गया, खेल भावना से खेलने के शपथ दिलाई गई एवं कबड्डी, व्हालीबाल खेलों का टॉस करके खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खेल का शुभारंभ किया गया। गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच रस्साकसी का मुकाबला हुआ, जिसमें पुलिस विभाग विजेता बना।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन पर गोंडी बोली में बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीजापुर के खिलाड़ियों में जबरदस्त प्रतिभा है आज बीजापुर के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य और भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम ऐसा अवसर प्रदान करेंगे कि राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और भी सफलता हासिल करें। बस्तर अब उड़ान भरना चाहता है, यहां के युवा देश दुनिया में पहचान बनाना चाहते हैं। अब बीजापुर और बस्तर के युवा विकास का सपना देख रहे हैं, चहुमुखी विकास चाहते हैं जिसे पूरा करना हमारा दायित्व है। भटके हुए लोगों से हम अभी भी अपील करते हैं मुख्य धारा में लौटें और विकास में अपना योगदान दें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि मार्च 2026 तक बस्तर माओवाद से मुक्त होगा। यह बस्तर के लिए आजादी का दिन होगा माओवाद मुक्त बस्तर में युवाओं की नई ऊर्जा और ताकत सकारात्मक बदलाव लाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार से बस्तर में बदलाव की शुरुआत हो गई है। बिजली, पानी, राशन, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी जैसी तमाम सुविधाएं अब उन क्षेत्रों में मिलने लगी है और उन गावों के युवा खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भयमुक्त होकर अपनी खेल प्रतिभा दिखा रहे हैं। बस्तर में खेल के माध्यम से सुखद बदलाव आया है। मंत्री श्री शर्मा ने बस्तर की खुशहाली और आतंकमुक्त बस्तर के लिए दंतेश्वरी माई से प्रार्थना की। राजस्व एवं खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कर बस्तर के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कमी नही है। बीजापुर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सर्वश्रेष्ठ पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है जिससे युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेल प्रतियोगिता को बढ़ाने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़, सिल्वर मेडल को 2 करोड़ एवं ब्रांज मेडल वाले खिलाड़ियों को 1 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। वहीं चार साल से रूके अलंकरण समारोह को आयोजित कर खिलाड़ियों को 4 करोड़ की राशि हस्तांतरित किया है। खिलाड़ियों को हमेशा खेल भावना से खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बस्तर ओलंपिक की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया।

कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा बस्तर ओलंपिक में 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जिसमें नियद नेल्लानार योजना के तहत अंदरूनी गावों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों को रहने, खाने सहित सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं दी जा रही है जिससे खिलाड़ी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

जनकल्याणकारी योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन पर बल

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  •  जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक आयोजित

जगदलपुर जिला पंचायत बस्तर के सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक के दौरान जिले में शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन पर बल देते हुए आम जनता को लाभान्वित करने कहा गया। साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं से पात्र ग्रामीणों को लाभान्वित करने जोर दिया गया।

बैठक में आश्रम, छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों में सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया। वहीं स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों का रखरखाव करने सहित मरम्मत योग्य पुल-पुलियों का मरम्मत कार्य किये जाने और ग्रीष्मकाल के पूर्व हैंडपंप संधारण सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुरूप नवीन हैंडपंप स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिले में निःशक्तजनों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान करने कहा गया। वहीं क्रेडा द्वारा लगाए गए हाईमास्ट लाईट का समुचित संधारण करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अवगत कराया गया कि जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत सभी ग्रामों में ग्रामीण पेयजल योजना की स्वीकृति दी गई है और वर्तमान में इन कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किया जा रहा है। जिले में ग्रामीण पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने के लिए तेजी के साथ कार्य संचालित हैं। ग्रामीण इलाकों में आश्रम- छात्रावासों, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा पंचायत भवन, सामुदायिक भवन इत्यादि सार्वजनिक स्थलों में अनिवार्य रूप से नल कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय जरूरत के अनुरूप आश्रम-छात्रावास, स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के परिसर और अंदरूनी गांवों के पारे-टोले में हैंडपंप स्थापित किये जा रहे हैं। जिले में समाजकल्याण विभाग द्वारा सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत पेंशन योजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों को नियमित पेंशन प्रदाय, चिकित्सा परीक्षण उपरांत चिन्हित दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण की सुलभता और वृद्धजनों के लिए वृद्धाश्रम का संचालन किया जा रहा है। बैठक में कृषि, खाद्य, वन विभागों के योजनाओं पर चर्चा की गयी। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप सहित जिला पंचायत सदस्यगण, जनपद पंचायत अध्यक्षगण और सीईओ जिला पंचायत प्रतिष्ठा ममगाई, डीएफओ उत्तम गुप्ता तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

स्कूल स्टूडेंट्स को दिए गए करियर चुनने के टिप्स

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  •  करियर काउंसलिंग का हुआ विशेष आयोजन 

जगदलपुर स्कूली छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग का कार्यक्रम निजी स्कूल प्रबंधकीय संगठन बस्तर द्वारा मैत्री संघ विद्यालय में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर मनोज कुमार श्रीवास्तव थे। उन्होंने सभागार में उपस्थित करीब 500 छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद जी का उदाहरण देते हुए कोई एक लक्ष्य निर्धारित करने को कहा तथा उसे हासिल करने के लिए तन मन धन से जुट जाने की सलाह दी।इस कार्यक्रम के काउंसलर डॉ. अजीत वरवंडकर थे। उन्होंने छात्रों को करियर चुनने तथा उनके पास 10वीं 12वीं के बाद कौन-कौन से विकल्प हैं, इसकी जानकारी दी।उन्होंने 12वीं परीक्षा को प्राप्त होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं, किस कॉलेज में कितना कटऑफ मार्क जाता है इसकी भी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले 5-10 साल में करियर के नए-नए मार्ग खुलेंगे। जिसमें डाटा संकलन, एआई आदि महत्वपूर्ण होंगे।छात्रों को अभी से उसी अनुरूप अपनी मानसिकता को सेट करना होगा। उन्होंने कहा कि करियर दो तरह का होता है ।एक एकेडमिक करियर तथा दूसरा नैसर्गिक प्रतिभा से प्राप्त करियर। बच्चों को अपनी विशिष्टता को पहचानना होगा तथा उसी अनुरूप रूपरेखा तैयार कर आगे बढ़ना होगा। सभी छात्र-छात्राएं उनके इस कार्यक्रम को ध्यान पूर्वक सुना तथा उनसे प्रति प्रश्न भी किया। जिससे इस करियर काउंसलिंग का पूरा उद्देश्य सफल होता हुआ नजर आया। कार्यक्रम के अंत में निजी स्कूल प्रबंधन संगठन के सचिव नीलोत्पल दत्त ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।उन्होंने मैत्री संघ विद्यालय के अध्यक्ष दीपक घोष को अपनी सभा का उपलब्ध कराने के लिए विशेष धन्यवाद दिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

पुलिस और पब्लिक में तालमेल की अच्छी पहल

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  • परपा थाना में पुलिस और जनता के बीच समन्वय के लिए हुई बैठक

जगदलपुर बस्तर जिले के परपा थाना में आज 20 नवंबर को पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा की मंशा के अनुरूप एवं उनके निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग एवं उप पुलिस अधीक्षक नसीर बाठी के मार्गदर्शन में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल और संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत की अध्यक्षता में ग्राम सरपंचों एवं ग्रामीण नागरिकों की बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवादहीनता को समाप्त कर परस्पर विश्वास एवं सहयोग को बढ़ावा देना था। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित होने से न केवल अपराधों में कमी लाई जा सकती है, बल्कि असामाजिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। ग्रामीणों को बताया गया कि कई बार उनके पास अपराध या संदिग्ध गतिविधियों की महत्वपूर्ण सूचना होती है, लेकिन थाना आने में झिझक या डर के कारण वे यह जानकारी साझा नहीं कर पाते। इसका सीधा लाभ असामाजिक तत्वों को मिलता है, जिससे अपराधों में बढ़ोत्तरी होती है। बैठक में पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि थाना जनता की सुरक्षा के लिए है, और उनका सहयोग पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे गांव स्तर पर नियमित बैठक आयोजित करें और यदि कोई महत्वपूर्ण जानकारी हो तो उसे सरपंच, कोटवार या अन्य माध्यम से पुलिस तक पहुंचाएं। पुलिस और जनता के बीच इस संवाद और सहयोग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करना भी है। बस्तर पुलिस इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

सीआरपीएफ जवान प्रमिका दुग्गा की मां से मुख्यमंत्री ने की चापड़ा चटनी की फरमाईश

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  •  सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में है नारायणपुर की बेटी प्रमिका दुग्गा
  • प्रमिका की माताजी से फोन पर की साय ने बात

अर्जुन झा-

जगदलपुर हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भी अंदाज बड़ा निराला है।नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने में दोनों ने ही एक बड़ी मिसाल कायम कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के सेड़वा में स्थित सीआरपीएफ की 241वीं बटालियन में 18 नवंबर की रात बिताने के बाद दूसरे दिन सुबह जवानों से मुलाकात की। सीएम ने बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका दुग्गा की माताजी मोतीबाई से मोबाईल पर बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रमिका की माता को बताया कि हम इस बटालियन में जवानों और अधिकारियों के साथ रात रुके रहे। ये जवान देश- प्रदेश की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। इसके साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने माताजी की तबियत और हालचाल की जानकारी ली। साथ ही धान कटाई और खेती बाड़ी की स्थिति के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने पूछा कि नारायणपुर आने पर आपके घर आएंगे तो चापड़ा चटनी खिलाएंगी? जिससे माताजी सहर्ष स्वीकार किया।

नक्सल मोर्चे पर डटी हैं प्रमिका

प्रमिका दुग्गा ने बताया कि बस्तरिया बटालियन में 2017 में उनका चयन हुआ था। प्रमिका मूलतः नारायणपुर जिले के ग्राम पाल की है। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की है। इससे पहले सुकमा जिले के इंजराम 219 बटालियन, कोंटा 217 बटालियन, अंदरूनी क्षेत्रों में सेवा देने के उपरांत अभी सेडवा 241 बटालियन में पदस्थ हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिला जवानों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री साय ने वस्त्र भेंट किए।

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