दल्लीराजहरा।नगर की आराध्य देवी माँ झरन मैय्या प्राचीन मंदिर में 3 मार्च से 8 मार्च 2024 तक शिव महापुराण कथा का आयोजन रखा गया था इस आयोजन से पूर्व समिति ने शिबू नायर नगरपालिका अध्यक्ष से मिलकर अपने आयोजन के बारे में चर्चा कर मांग किया कि अगर झरन मंदिर के भंडारा स्थल पर सीसी फ्लोर हो जाता है तो कार्यक्रम में सुविधा होगी जिसका आपके द्वारा पूर्व में भूमिपूजन किया था।
कार्यक्रम के आयोजन को देखते हुए नगरपालिका अध्यक्ष शिबू नायर ने तत्काल सीसी फ्लोर करवाया गया जिसके लिए आज दिनांक 13 मार्च को माँ झरन मैय्या मंदिर समिति के संरक्षक व मंदिर प्रभारी रमेश मित्तल, अध्यक्ष महेश सहारे, सचिव नरोत्तम सागर, कोषाध्यक्ष आनंद साहू मंदिर के पुजारी नर्मदा प्रसाद दुबे ने नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर शिबू नायर अध्यक्ष नगरपालिका को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया व कार्य पूर्ण करने के आभार प्रकट किया व आने वाले समय मे कुंड की सफाई, शौचालय व भंडार गृह में टिन शेड का कार्य कराने का अनुरोध किया जिस पर शिबू नायर ने आश्वासन दिया कि में सभी मांगो को अवश्य ही पूर्ण करूँगा।
मां झरन मैया समिति ने नगर पालिका का किया आभार
स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह की प्रतिमा व गार्डन की आड़ में भूपेश बघेल कर रहे हैं राजनीति
- धर्मपत्नी को भी नहीं दिया आमंत्रण
- रानी विभा सिंह ने खैरागढ़ कलेक्टर को पत्र लिखकर मुति अनावरण रोकने की मांग
राजनांदगांव खैरागढ़ के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह की कल मूर्ति व गार्डन का खैरागढ़ मे अनावरण हो रहा है ।यह अनावरण कांग्रेस के दिग्गज नेता , पूर्व सीएम एवं राजनांदगांव लोकसभा प्रत्याशी भूपेश बघेल खैरागढ़ में करेंगे । इस आशय का एक पत्र जारी हुआ है।इसके आयोजन को लेकर खैरागढ़ नगरपालिका व कांग्रेसियों ने अच्छी खासी तैयारी कर ली है पर इस मूर्ति के अनावरण में स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह की धर्मपत्नी रानी विभा सिंह को आमंत्रण नहीं मिलने व उनके द्वारा खैरागढ़ कलेक्टर को पत्र लेकर इस कार्यक्रम पर रोक की मांग को लेकर विवाद गहरा गया है । एक जारी बयान में रानी विभा सिंह ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर आरोप लगाया कि राजा देवव्रत सिंह ने कांग्रेस पार्टी की लंबे समय तक सेवा की और विभिन्न संगठन और निर्वाचित पदों पर रहे। उनको हमेशा द्वारा परेशान कर टिकट से वंचित करने की मंशा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रही । इसके चलते उन्होंने जोगी कांग्रेस का दामन थामकर यह जता दिया कि वह निर्भीक और दबंग राजनेता है। जिनको खैरागढ़ विधानसभा की जनता उनके कार्यों और सदाचरण के कारण पसंद करती है और विधानसभा चुनाव में भी राजा साहब ने जीतकर सिद्ध कर दिया था कि उनको जनता हमेशा दिल से पंसद करती है। श्रीमती विभा सिंह ने कहा कि मैंने खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्रकार वार्ता के माध्यम से स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के साथ उनके नाम पर खैरागढ़ विधानसभा के जलाशय ,गार्डन अथवा योजनाओं का नाम रखने की मांग की थी। अब राजनांदगांव से लोकसभा प्रत्याशी के रूप में भूपेश बघेल राजनांदगांव से है और कल वह खैरागढ़ में मूर्ति का अनावरण कराने वाले है । इस आयोजन को लेकर नगरपालिका, कांग्रेस संगठन और पूर्व मुख्यमंत्री गंभीर नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री केवल अपना राजनीतिक फायदा उठाने के लिए यह खेल कर रहे हैं क्योंकि राजा साहब व उनके परिवार के साथ खैरागढ़ विधानसभा की जनता आज भी दिल से जुड़ी है और वह कहीं ना कहीं उनकी कमी महसूस करती हैं ।इसी भावनाओं को भुनाने के लिए प्रत्याशी घोषित होने के बाद भूपेश बघेल मूर्ति का अनावरण के साथ गार्डन का भी उदघाटन कर रहे हैं ।इस मूर्ति व गार्डन का अनावरण में स्वर्गीय राजा देववत सिंह की धर्मपत्नी होने के नाते कांग्रेस संगठन और भूपेश बघेल को आमंत्रित करना था परंतु वह कुछ नेताओं के हाथ की कठपुतली बनकर रह गए हैं और उनमें चिंतन वाली बात नही रह गयी है।इसके चलते मुझे आज अभी तक आमंत्रण व सम्मान नहीं मिल पाया है। इसके लिये मैंने खैरागढ़ कलेक्टर चन्द्रकांत वर्मा को लिखित पत्र लिखकर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की है।उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम व राजनांदगांव लोकसभा प्रत्याशी भूपेश बघेल जो कहते हैं वह करते नहीं हैं ।इसके चलते राजा साहब देववत सिंह की प्रतिमा के अनावरण में मेरे जायज हक को लेकर उन्होंने चिंता नहीं की और न ही मुझे सूचित करना जरुरी समझा।यही हाल खैरागढ़ कांग्रेस संगठन व विधायक सहित नगरपालिका का है जो मुझे बुलाने व आंमत्रण देने से कतरा रही है।इस बात की जनता के बीच चर्चा है कि ऐसे प्रतिनिधि का चुनाव कहां तक ठीक है। आम जनता यह जानना चाहती है कि राजा साहब के रिश्तेदार और पत्नी को पूर्व सीएम ,कांग्रेस संगठन व विधायक आमंत्रित नही कर उपेक्षित क्यों करना चाहते है । उन्होंने आरोप लगाया कि इस बात को लेकर चौक चौराहे पर चर्चा जारी हो गई है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस लोकसभा चुनाव में अपने घटते राजनीतिक कद को लेकर चितित है और राजा साहब की लोकप्रियता को खैरागढ़ विधानसभा सहित लोकसभा क्षेत्र मे वह भुनाना चाहते है।

उन्होंने आश्चर्य जताया कि भूपेश बघेल के राजनांदगांव लोकसभा प्रत्याशी बनते ही कई भाजपायी खामोश है और ऐसे गंभीर मुद्दों पर उनकी खामौशी कुछ न कुछ कह रही हैजबकि उन्हें अपनी बात बेबाकी से रखकर बयान जारी करना चाहिये।रानी विभा सिंह ने खैरागढ़ कलेक्टर से इस मामले मे हस्तक्षेप कर इस कार्यक्रम में रोक लगाने की मांग की है।

कलेक्टर-एसपी के कार्यों से ही सरकार की छवि बनती है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- मुख्यमंत्री साय ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की योजनाओ और कानून व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर एवं एसपी को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बालोद, 13 मार्च 2024 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस लेकर शासन की योजनाओ और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज तीन महीने के बाद कलेक्टर-एसपी कांफ्रेस हो रही है। तीन महीने के भीतर ही निश्चित रूप से आप लोगों के सहयोग से हमारी सरकार ने जनता के विश्वास के मुताबिक बहुत से काम किए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि कलेक्टर-एसपी के कार्य से ही सरकार की छवि बनती है। उन्होंने कहा कि हमारे किसान अन्नदाता हैं और छत्तीसगढ़ में ज्यादातर किसान ही है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करें कि किसानों को दफ्तरों का चक्कर न लगाना पड़े। किसानों का कार्य समयावधि में पूरा हो यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य शासन और भारत सरकार की बहुत सारी योजना प्रदेश में संचालित है। सभी योजनाओं को प्रदेश की अंतिम व्यक्ति तक पहँुचाने की आवश्यकता है। कलेक्टर ध्यान रखे कि जिला प्रशासन की तरफ से योजना पहुचाने में किसी भी तरह की कोताही न हो, ढिलाई बर्दास्त नहीं की जाएगी। हम सब भी लोक सेवक हैं, हम सबका उद्देश्य जनसेवा है। कलेक्टर से लेकर पटवारी तक और एसपी से लेकर आरक्षक तक हम सबको जनता की सेवा में तत्पर रहना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 05 दिन का सप्ताह हो गया है, 05 दिन पूरे तन्मयता से कार्य हो। दफ्तरों में सभी समय पर उपस्थित हो जाये यह सुनिश्चित किया जाए। पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदेश सरकार और भारत सरकार की योजना लोगों तक पहुँचे इस ओर जिला प्रशासन ध्यान दे। हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि अपने प्रदेश में सुशासन देंगे। इस पर भी आप लोग विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि हमें विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित जिला बनाने की आवश्यकता है, उसी के अनुरूप कार्य हांे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की समुचित आपूर्ति हेतु जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर मंे नल के माध्यम से पानी पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए इन कार्यो को योजनाबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता खरीदी का समय आ गया है, शासन द्वारा प्रति मानक बोरा 5500 की दर निर्धारित की गई है। यह ध्यान रखें कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को समय पर पारिश्रमिक भुगतान तथा उनके उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ मिले। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के कार्य ठीक से चलें और समय पर भुगतान हो। मजदूरी के लिए मजदूरों को भटकना न पड़े। जितने भी स्वीकृत कार्य है, समय पर कार्य प्रारंभ हो और पूरा हो यह भी सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख हितग्राहियों का प्रधानमंत्री आवास बनाया जाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवास को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। इस योजना की जिला स्तर पर निरंतर समीक्षा की जाए। राशन कार्ड के नवीनीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए एवं राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में योजना पहली किश्त भेज दी है। इसी तरह कृषक उन्नति योजना की राशि भी किसान भाइयों को भेज दी गई है। उपरोक्त राशि के आहरण में हितग्राहियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इस संबंध में बैंकों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले दिनों हुए पुलिस अधीक्षक कांफ्रेस में दिए गए निर्देशों का पालन फील्ड में दिखना शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय होना चाहिए और आम नागरिक सभी तरह से भयमुक्त होने चाहिए। आम नागरिक भयमुक्त होकर सहजता से जीवन यापन कर सकें, हमें ऐसे वातावरण का निर्माण करना है। महिलाओं से संबंधित अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगना चाहिए। कलेक्टर-एसपी वीडियों कांफ्रेस में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अशोक जुनेजा, एडीजी इंटेलिजेंस श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव दयानन्द पी. और डॉ. बसवराजू एस. उपस्थित थे। संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, पुलिस अधीक्षक एसआर भगत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध बढ़े : दीपक बैज
- अपराधियों के आगे पस्त हो गई है भाजपा सरकार
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विष्णु देव साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं चरम पर हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं । अपराधियों पर कार्रवाई करने की बजाय पीड़ितों को ही धमकाया जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने यहां पत्रवार्ता में कहा कि साय सरकार बनने के बाद दूसरे राज्यों से महिलाओं को छत्तीसगढ़ में लाकर उनकी हत्या की जा रही है, उनके साथ रेप की घटनाएं हो रही हैं। छत्तीसगढ़ अराजकता की और आगे बढ़ रहा है और साय सरकार मोदी की गारंटी के नाम से सिर्फ विज्ञापन बाजी कर रही है। बस्तर के नारायणपुर जिले के एड़का की घटना का उल्लेख करते हुए सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रभावित गांव में पीड़ितों के परिजनों, ग्रामवासियों, प्रशासन और पीड़ित बालिकाओं से भेंटकर विस्तृत चर्चा की गई। आरोपियों ने छात्राओं से अश्लील हरकतें, अश्लील बातें एवं अभद्र व्यवहार किया, शारीरिक, मानसिक रूप से नाबालिग बालिकाओं को प्रताड़ित किया गया। आरोपी अपने कुकृत्यों को ढ़कने के लिए बच्चियों और उनके परिजनों को लगातार धमकाते रहे।ग्राम के सरपंच एवं शाला समिति के सदस्य ने पीड़ित बच्चियों के पालकों को बुलाकर धमकाया, उनसे जबरिया माफीनामा लिखवाकर कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। इससे यह स्पष्ट है कि पूरे मामले की लीपापोती करने प्रशासन के संरक्षण में पीड़ितों को ही प्रताड़ित किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़ा आरोप लगाते हुए नारायणपुर जिले के कलेक्टर और एसपी को भी कटघरे में खड़ा किया है, जिन्होंने शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की। इतनी संवेदनशील घटना के 8-10 दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।रिपोर्ट भी तब दर्ज की गई जब कांग्रेस के जांच दल ने दबाव बनाया। श्री बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद एक बार फिर से महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं। यौन शोषण, हत्या और बलात्कार की घटनाएं आम हो गई हैं। कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मामले में साय सरकार पूरी तरह से असहाय है।
पूर्ववर्ती 15 साल की भाजपा सरकार के दौरान नक्सली क्षेत्रों में हुए महिला विरोधी अत्याचार एक बार फिर लोगों के स्मृति में आने लगे हैं। विष्णु देव साय सरकार में अपराधियों और आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित को ही प्रताड़ित करने का सिलसिला भाजपा की सरकार में चल रहा है। जिला नारायणपुर के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अध्यनरत नाबालिग छात्राओं के साथ विद्यालय के शिक्षकों द्वारा लंबे समय से की जा रही अश्लील हरकतें, अश्लील बातें एवं अभद्र व्यवहार छेड़खानी की जा रही थी। साय सरकार ने नाबालिग बच्चियों के खिलाफ होने वाले इस जघन्य अपराध पर कार्रवाई के बजाय लीपापोती की है। बस्तर के नारायणपुर जिले की यह घटना झलियामारी, मीना खलको, मड़कम हिडमे और सोनी सोरी के प्रकरण की विभत्स घटनाओं की पुनरावृत्ति की तरह है। जैसे झलियामारी में मासूम बच्चियों के साथ शारीरिक शोषण शासकीय आश्रमों में हो रहा था कुछ वैसी ही घिनौना प्रयास नारायणपुर में हुआ। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आगे कहा कि बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ का नारा देने वाली भाजपा की साय सरकार में बेटियां स्कूल जाने से डर रही हैं। नारायणपुर, बस्तर, सूरजपुर, अंबिकापुर, दुर्ग, भिलाई, रायपुर में लगातार महिलाओं के पर हमले हो रहे हैं, हिंसा हो रही है, हत्याएं और छेड़छाड़ हो रही है। रमन सरकार के दौरान भी महिला अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ देश में टॉप फाइव राज्यों में था। एकबार और वही स्थिति निर्मित हो गई है। साय सरकार में माता -बहनें- बेटियां डरी हुई भयभीत है ।स्कूल हो या बाजार घर कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।सूरजपुर जिला के शिक्षा अधिकारी ने अपराधियों के डर से सुरक्षा देने में हाथ खड़े कर दिए। बच्चों के पालकों को पत्र लिखकर बच्चों की सुरक्षा स्वयं करने निर्देशित किया। इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वय सुशील मौर्य व बलराम मौर्य तथा कांग्रेस नेता मिथिलेश स्वर्णकार उपस्थित थे।
हाई स्कूल पोटा केबिन छात्रावास की स्कूली छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म
- मामला बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित आवासीय विद्यालय का
अर्जुन झा
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आदिम जाति विकास एवं कल्याण विभाग बेलगाम हो चला है। विभाग के स्कूलों, आश्रमों, छात्रावासों, कन्या परिसरों में रह रहकर पढ़ाई कर रही बेटियों की सुरक्षा की परवाह विभाग के अधिकारियों को नहीं रह गई है। रोज बरोज कोई न कोई घटना आदिवासी छात्राओं के साथ हो रही है। अब एक छात्रावासी छात्रा के गर्भवती होने और एक बच्चे को जन्म देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीजापुर जिले के छात्रावासों में छात्राओं की आबरू से खिलवाड़ किया जा रहा है, आदिम जाति विकास एक कल्याण विभाग की नाक कट रही है और अफसरों को इसकी जरा भी परवाह नहीं है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित हाई स्कूल आवासीय विद्यालय पोटा केबिन छात्रावास में रहकर 12वीं कक्षा में विज्ञानं विषय की पढ़ाई कर रही ग्राम पुसनार निवासी एक छात्रा के गर्भवती हो जाने और उसकी कोख से एक बच्चे के जन्म लेने की हैरान करने वाली खबर आई है। बताते हैं कि बीती रात उक्त छात्रा को पेट दर्द की शिकायत हुई। उसके बाद उसे रात में ही गंगालूर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। छात्रा की हालत को देखते डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। जब डॉक्टरों ने छात्रा का चेकअप किया, तो पता चला कि वह गर्भवती है और अब तब में प्रसव भी हो सकता है। इसके बाद डॉक्टरों ने छात्रा को ऑब्जर्वेशन में रखकर उसकी देखरेख के लिए नर्सो की ड्यूटी लगा दी। बताया जाता है कि देर रात छात्रा का प्रसव हो गया। उसने पूर्ण विकसित बच्चे को जन्म दिया। जैसे ही यह बात हॉस्पिटल से बाहर आई, बीजापुर में हलचल मच गई। लोग आदिवासी छात्राओं के साथ हो रहे दुराचार और अमानवीय कृत्य को लेकर आक्रोशित भी नजर आए। बताते हैं कि उक्त छात्रा 18 साल से अधिक उम्र की है। यह भी खबर है कि छात्रा का गंगालूर के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग भी चल रहा है। छात्रा के गर्भवती होने को प्रेम प्रसंग की परिणति माना जा रहा है।
क्या सो रहे हैं सहायक आयुक्त ?
मामला चाहे प्रेम प्रसंग का हो या कुछ और, मगर आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग बीजापुर के सहायक आयुक्त, छात्रावास अधीक्षिका और संबंधित अन्य अधिकारी कर्मचारी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। छात्रा अपने कथित प्रेमी युवक से मिलने के लिए छात्रावास से कब और कैसे बाहर जाती रही, उस पर संबंधित कर्मियों की नजर कैसे नहीं पड़ी, छात्रावास में छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण क्यों नहीं कराया जाता? ये तमाम सवाल विभाग के सहायक आयुक्त को कटघरे में खड़े कर रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं की जिंदगी और आबरू को विभाग के अधिकारियों ने ही दांव पर लगा दिया है। विभाग के अधिकारियों ने आदिवासी विद्यार्थियों को उनके हाल पर छोड़ रखा है। अगर छात्राओं पर बराबर नजर रखी जाती, तो एक छात्रा की इज्जत आज दांव पर नहीं लगी होती। वहीं अगर छात्राओं का समय समय पर हेल्थ चेकअप कराया जाता, तो छात्रा के गर्भवती होने की बात पहले ही पता चल जाती और अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता था। मगर लगता है कि बीजापुर में पदस्थ आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त सो रहे हैं। बीजापुर जिले के ही विभागीय छात्रावास में एक अन्य छात्रा के भी गर्भवती होने और छात्रावास में ही उसका प्रसव होने की भी खबर है। कुछ दिनों पहले ही बीजापुर जिले के एक पोटा केबिन छात्रावास में भीषण आग लग गई थी। इस अग्नि दुर्घटना में एक आदिवासी बच्ची जिंदा जल गई थी। इसके बाद भी सहायक आयुक्त व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई पहल करते नजर नहीं आ रहे हैं।
संवेदनशीलता दिखाई डीईओ ने
इस मामले में बीजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल की तत्परता और कर्तव्य परायणता की दाद देनी होगी। बघेल छात्रावासी छात्रा के मां बनने की जानकारी मिलते ही बिना समय गंवाए गंगालूर के लिए रवाना हो गए। गंगालूर जाने से पहले डीईओ बीआर बघेल अध्यायनरत छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि की। बघेल ने बताया कि वे तुरंत गंगालूर के लिए निकल रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ ही देर में बीआर बघेल गंगालूर पहुंच भी गए। बघेल की संवेदनशीलता की झलक आज देखने को मिली। लोग बघेल की इस तत्परता और संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं और आदिम जाति विकास एवं कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त को ऐसी ही संवेदनशील बनने की नसीहत दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर सहायक आयुक्त कर्तव्य परायण और संवेदनशील बन जाएं, तो विभाग की सारी अव्यवस्थाएं खुद ब खुद दूर हो जाएंगी। फिर कभी किसी आदिवासी छात्रा की इज्जत यूं दांव पर नहीं लगेगी।
निलंबित की गई अधीक्षिका
गंगालूर आवासीय पोटा केबिन की छात्रा द्वारा अस्पताल में बच्चे को जन्म दिए जाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में छात्रावास अधीक्षिका अंशु मिंज को बीजापुर कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रा के गर्भवती होने की भनक तक हॉस्टल के किसी स्टाफ को नहीं लगी।वहीं हॉस्टल अधीक्षिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सबसे बड़ी और आश्चर्य की बात ये कि 12वीं की छात्रा गर्भवती हो गई और इसकी भनक यहां के आधा दर्जन स्टाफ को नहीं लगी। पोटा केबिन में 55 छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रही हैं। इस घटना से पता चलता है कि पोटा केबिन अधीक्षिका छात्राओं की किसी तरह की मॉनिटरिंग नहीं करती हैं। इस मामले में अधीक्षिका और अनुदेशकों का जवाब भी गोलमाल रहा। इस मामले ने एकबार फिर नक्सल इलाकों की छात्राओं की आवासीय संस्थाओं में लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है। अधीक्षिका अंशु मिंज ने बताया कि मैं छात्राओं के साथ रहती हूं तथा अनुदेशक भी इन सभी छात्राओं के साथ रहती हैं। छात्रा बीच बीच में छुट्टी लेकर बीजापुर जाती रही है। छात्रा के गर्भवती होने के सवाल पर अनुदेशक, महिला गार्ड व छात्राओं के जवाब गोलमाल लगे। बीजापुर जिले के आश्रम छात्रावास हों या आवासीय विद्यालय, कहीं भी अधीक्षक अधीक्षिकाओं द्वारा विभागीय दिशा निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है। पालकों की सहमति के बगैर छात्राओं को छुट्टी देकर छात्रावास से बाहर जाने दे दिया जाता है। इस परिस्थिति में छात्राएं घर जा रही हैं या कहीं और इसकी जानकारी किसी को नहीं रहती। गंगालूर पोटा केबिन आवासीय विद्यालय में चारदीवारी का भी अभाव है। मोहल्ले के ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी छात्राएं देर शाम तक परिसर के बाहर घूमती रहती हैं। इस बीच छात्रा के गर्भवती होने के मामले को लेकर बीजापुर कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने छात्रावास अधीक्षिका आशु मिंज को निलंबित कर दिया है। उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी भैरमगढ़ के कार्यालय में अटैच किया गया है।
वर्सन
अधीक्षिका की लापरवाही
इस मामले में अधीक्षिका की लापरवाही सामने आई है। अगर बच्चियों का स्वास्थ्य परीक्षण होता रहा है तो अधीक्षिका को छात्राओं की हर तरह की जांच करानी थी। अगर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है तो छात्रा के गर्भवती का पता क्यों नही चला? इससे जाहिर होता है कि अधीक्षिका ने घोर लापरवाही बरती है।
बीआर बघेल जिला शिक्षा अधिकारी, बीजापुर
इस साल गर्मी के मौसम में कूल कूल फील करेंगे जगदलपुर के रहवासी
- निगम आयुक्त मंडावी ने स्विमिंग पुल को एक हफ्ते में शुरू कराने के दिए निर्देश
जगदलपुर नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस तरण ताल (स्विमिंग पुल) का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर स्विमिंग पुल को शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। आयुक्त श्री मंडावी ने स्विमिंग पुल के निरीक्षण के दौरान बड़ा पुल स्विमिंग पुल के फिल्टर प्लांट, पार्क, विद्युत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को एक सप्ताह के अंदर ठीक कर स्विमिंग पुल को प्रारंभ करने की हिदायत दी। आयुक्त ने बताया कि स्विमिंग पुल की सारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा। पुल की साफ सफाई, गार्डन क्षेत्र, पानी की साफ सफाई, पुल क्षेत्र की सफाई, चेंजिंग रूम की व्यवस्था के अलावा अन्य सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। इस दौरान कार्यपालन अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उप अभियंता व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

बस्तर की आवाज दिल्ली तक पहुंचाने के लिए सभी का आशीर्वाद जरूरी : महेश कश्यप
- भूमिपूजन में शामिल हुए भाजपा प्रत्याशी कश्यप
जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप बुधवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित लाखों रु. के विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक किरण देव की पहल पर परपा पंचायत में सीसी सड़क निर्माण, ग्राम पंचायत नागलसर व ग्राम पंचायत उलनार में सीसी सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन कार्यों का आज विधिवत भूमिपूजन किया गया।

परपा पंचायत में भेंडी घर से सोमरु घर तक 200 मीटर सीसी सड़क लागत 6.49 लाख रू, एनएच 13 से आशा घर तक 200 मीटर सीसी सड़क निर्माण लागत 5.20 लाख, ग्राम पंचायत उलनार के धवड़ामुंडा से पहुंच मार्ग 1 मीटर स्पान पुलिया निर्माण लागत 3.75 लाख, उलनार में मेन रोड से इतवारी घर तक ग्राम चिलकुटी में सीसी सड़क निर्माण कार्य लागत 2.60 लाख, ग्राम पंचायत नागलसर में राशन दुकान से बुधराम घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 16.06 लाख रू समेत 30 लाख रु से अधिक विकास कार्यो का भूमिपूजन किया गया।भूमिपूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए महेश कश्यप ने कहा कि विकास को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।विकास की गति नहीं रुकेगी। जनता को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है।

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है। हमारे संवेदनशील मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास में लगातार अग्रसर हैं। हमने बनाया है, हम ही सवारेंगे के अपने ध्येय वाक्य पर अमल करते हुए भाजपा सरकार द्वारा लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर की आवाज दिल्ली में उठाने के लिए आप सभी का आशीर्वाद मुझे लोकसभा चुनाव में मिले, यही आशा और विश्वास आप सभी से मेरा है। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान नवीनीकृत राशन कार्ड उपभोक्ताओं को भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप, जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा सदस्यों द्वारा वितरित किए गए। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह, कोषाध्यक्ष व नानगुर मंडल प्रभारी रजनीश पाणिग्रही, धरमू मंडावी, सतीश सेठिया, सुरेश गुप्ता नीलांबर सेठिया, मनोहर सेठिया, श्रीधर नाग, लछिंदर नाग, दोशेश्वर नाग, जयंती नाग, बंशी बाबा, जीवन कश्यप, शशांक श्रीवास्तव, गणेश काले, उदय दुबे सहित अन्य सदस्य व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
हाई स्कूल पोटा केबिन छात्रावास की स्कूली छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म
- मामला बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित आवासीय विद्यालय का
-अर्जुनझा-
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आदिम जाति विकास एवं कल्याण विभाग बेलगाम हो चला है। विभाग के स्कूलों, आश्रमों, छात्रावासों, कन्या परिसरों में रह रहकर पढ़ाई कर रही बेटियों की सुरक्षा की परवाह विभाग के अधिकारियों को नहीं रह गई है। रोज बरोज कोई न कोई घटना आदिवासी छात्राओं के साथ हो रही है। अब एक छात्रावासी छात्रा के गर्भवती होने और एक बच्चे को जन्म देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीजापुर जिले के छात्रावासों में छात्राओं की आबरू से खिलवाड़ किया जा रहा है, आदिम जाति विकास एक कल्याण विभाग की नाक कट रही है और अफसरों को इसकी जरा भी परवाह नहीं है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित हाई स्कूल आवासीय विद्यालय पोटा केबिन छात्रावास में रहकर 12वीं कक्षा में विज्ञानं विषय की पढ़ाई कर रही ग्राम पुसनार निवासी एक छात्रा के गर्भवती हो जाने और उसकी कोख से एक बच्चे के जन्म लेने की हैरान करने वाली खबर आई है। बताते हैं कि बीती रात उक्त छात्रा को पेट दर्द की शिकायत हुई। उसके बाद उसे रात में ही गंगालूर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। छात्रा की हालत को देखते डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। जब डॉक्टरों ने छात्रा का चेकअप किया, तो पता चला कि वह गर्भवती है और अब तब में प्रसव भी हो सकता है। इसके बाद डॉक्टरों ने छात्रा को ऑब्जर्वेशन में रखकर उसकी देखरेख के लिए नर्सो की ड्यूटी लगा दी। बताया जाता है कि देर रात छात्रा का प्रसव हो गया। उसने पूर्ण विकसित बच्चे को जन्म दिया। जैसे ही यह बात हॉस्पिटल से बाहर आई, बीजापुर में हलचल मच गई। लोग आदिवासी छात्राओं के साथ हो रहे दुराचार और अमानवीय कृत्य को लेकर आक्रोशित भी नजर आए। बताते हैं कि उक्त छात्रा 18 साल से अधिक उम्र की है। यह भी खबर है कि छात्रा का गंगालूर के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग भी चल रहा है। छात्रा के गर्भवती होने को प्रेम प्रसंग की परिणति माना जा रहा है।
क्या सो रहे हैं सहायक आयुक्त ?
मामला चाहे प्रेम प्रसंग का हो या कुछ और, मगर आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग बीजापुर के सहायक आयुक्त, छात्रावास अधीक्षिका और संबंधित अन्य अधिकारी कर्मचारी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। छात्रा अपने कथित प्रेमी युवक से मिलने के लिए छात्रावास से कब और कैसे बाहर जाती रही, उस पर संबंधित कर्मियों की नजर कैसे नहीं पड़ी, छात्रावास में छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण क्यों नहीं कराया जाता? ये तमाम सवाल विभाग के सहायक आयुक्त को कटघरे में खड़े कर रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं की जिंदगी और आबरू को विभाग के अधिकारियों ने ही दांव पर लगा दिया है। विभाग के अधिकारियों ने आदिवासी विद्यार्थियों को उनके हाल पर छोड़ रखा है। अगर छात्राओं पर बराबर नजर रखी जाती, तो एक छात्रा की इज्जत आज दांव पर नहीं लगी होती। वहीं अगर छात्राओं का समय समय पर हेल्थ चेकअप कराया जाता, तो छात्रा के गर्भवती होने की बात पहले ही पता चल जाती और अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता था। मगर लगता है कि बीजापुर में पदस्थ आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त सो रहे हैं। बीजापुर जिले के ही विभागीय छात्रावास में एक अन्य छात्रा के भी गर्भवती होने और छात्रावास में ही उसका प्रसव होने की भी खबर है। कुछ दिनों पहले ही बीजापुर जिले के एक पोटा केबिन छात्रावास में भीषण आग लग गई थी। इस अग्नि दुर्घटना में एक आदिवासी बच्ची जिंदा जल गई थी। इसके बाद भी सहायक आयुक्त व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई पहल करते नजर नहीं आ रहे हैं।
संवेदनशीलता दिखाई डीईओ ने
इस मामले में बीजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल की तत्परता और कर्तव्य परायणता की दाद देनी होगी। बघेल छात्रावासी छात्रा के मां बनने की जानकारी मिलते ही बिना समय गंवाए गंगालूर के लिए रवाना हो गए। गंगालूर जाने से पहले डीईओ बीआर बघेल अध्यायनरत छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि की। श्री बघेल ने बताया कि वे तुरंत गंगालूर के लिए निकल रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ ही देर में बीआर बघेल गंगालूर पहुंच भी गए। श्री बघेल की संवेदनशीलता की झलक आज देखने को मिली। लोग बघेल की इस तत्परता और संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं और आदिम जाति विकास एवं कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त को ऐसी ही संवेदनशील बनने की नसीहत दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर सहायक आयुक्त कर्तव्य परायण और संवेदनशील बन जाएं, तो विभाग की सारी अव्यवस्थाएं खुद ब खुद दूर हो जाएंगी। फिर कभी किसी आदिवासी छात्रा की इज्जत यूं दांव पर नहीं लगेगी।
विधायक किरण देव के प्रयास से जनता की एक और बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी
- 4.50 किलोमीटर सड़क के लिए 926 लाख रु. मंजूर
- नर्सरी से क्रासिंग तक और जंक्शन से बोधघाट थाना चौक तक बनेगी सड़क
जगदलपुर विधायक किरण देव के प्रयास से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों में से एक के कार्य को राज्य शासन से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। ज्योति नर्सरी से रेलवे क्रॉसिंग जंक्शन तक 2.05 किलोमीटर सड़क और करकापाल जंक्शन से बोधघाट थाना तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क कुल 4.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 926 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस सड़क की मांग क्षेत्रवासी कई वर्षों से करते आ रहे थे। जिस पर विधायक किरण देव ने पहल करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के समक्ष सड़क की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री साय एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री साव ने मांग को पूरा करते हुए इस कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिससे इस सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकेगा। इसके लिए विधायक किरण देव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री का आभार व्यक्त किया है। विधायक द्वारा जनता की मांग अनुरूप कार्य किए जाने पर क्षेत्र की जनता ने विधायक किरण देव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। सड़क की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष व्याप्त है। ज्ञात हो कि इस सड़क के लिए क्षेत्र की जनता वर्षों से मांग करती आ रही थी, लेकिन उनकी मांग बरसों से पूरी नहीं हो पा रही थी। क्षेत्र की जनता ने इस बहुप्रतीक्षित सड़क की मांग जगदलपुर विधायक से की थी। जिस पर विधायक ने पहल करते हुए जनता की बरसों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इस सड़क के निर्माण कार्य की स्वीकृति दिलाई है। विधायक किरण देव क्षेत्र वासियों के मांग की अनुरूप लगातार विकास कार्य कर रहे हैं। विधायक किरण देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में करोड़ों के विकास कार्य शासन से स्वीकृत कराकर कार्य प्रारंभ कराया है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए विधायक किरण देव ने बड़े पैमाने पर नलकूप खनन कार्य स्वीकृत कराए हैं। साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, विद्युतीकरण, आंगनबाड़ी भवन एवं अन्य मूलभूत विकास कार्य भी लगातार कराए जा रहे हैं। देव ने कहा है कि जनता की मूलभूत सुविधाओं को पूरा करना हम सभी का दायित्व है। हम लगातार जनता की मांग के अनुरूप विकास कार्य करा रहे हैं। विकास कार्यों में राशि की कमी नहीं होगी। हमारी डबल इंजन की सरकार विकास करने के लिए वचनबद्ध है। हर क्षेत्र में चहुमुखी विकास कार्य हो रहे हैं। देव ने बताया कि ज्योति नर्सरी से रेलवे क्रासिंग तक एवं करकापाल जंक्शन से बोधधाट चौक तक के सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई है इस सड़क की मांग बरसों से जनता के द्वारा की जा रही थी। जिस पर हमारी सरकार ने पहल करते हुए मांग को पूरा किया है। जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और तय सीमा में निर्माण कार्य पूरा भी होगा। इस सड़क के बन जाने से आवागमन में सुगमता होगी। देव ने कहा कि हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए चहुमुखी विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
महतारी वंदन योजना के नाम पर भाजपा सरकार ने किया घोटाला : दीपक बैज
- सरकारी आंकड़े खोल रहे हैं सरकार के झूठ की पोल
- 68.5 लाख महिलाओं के खाते में पैसे जाते, तो राशि 685.3 करोड़ की होती न कि 636.44 करोड़ की
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार ने महतारी वंदन योजना के नाम पर बड़ा घोटाला किया है। सरकार का दावा है 68.53 लाख महिलाओं के खाते में पैसा गया है जबकि हकीकत में 25 लाख महिलाओं के ही खाते मे ही पैसा गया है। जब महिलाओं के खाते में पैसा नही गया, तो महिलाओं के नाम पर पैसा किसके खाते में गया है ?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि महतारी वंदन योजना में सरकार का दावा है कुल 70 लाख 12 हजार 800 महिलाएं पात्र हैं। सरकार द्वारा जो आंकड़े जारी किए गए हैं, उसके अनुसार 68.53 लाख महिलाओं के खाते में 636.44 करोड़ का भुगतान किया गया है। सरकार द्वारा जारी आंकडे ही बता रहे हैं
कि सरकार गलत दावे कर रही है। यदि सही में 68.53 लाख महिलाओं के खाते में पैसा डाला गया है, तो प्रति महिला 1000 रू के हिसाब से कुल भुगतान 685.3 करोड़ का होता न कि 636.44 करोड़ का। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 48.86 करोड़ रू कम का भुगतान किया गया है। 48.86 करोड़ का भुगतान का मतलब है 48 लाख 86 हजार महिलाओं भुगतान नही मिला है। सरकार के आंकड़े हकीकत बयान कर रहे हैं, लेकिन इस मामले में सच इससे भी अलग है सरकार का दावा भले ही 68 लाख महिलाओं को भुगतान किए जाने का है, मगर हकीकत में 25 लाख महिलाओं के खाते में राशि पहुंची है। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों से जिन महिलाओं ने आवेदन किया है उनमें से 30 प्रतिशत महिलाओं के खाते में ही पैसे आए हैं। 70 प्रतिशत महिलाओं को पैसा मिला ही नहीं है। लोकसभा चुनावों को देखते हुए सरकार झूठे दावे कर मोदी की गारंटी पूरा करने का दंभ भर रही है। सरकार को कांग्रेस पार्टी चुनौती देती है जिन 68 लाख महिलाओं के खाते में अभी तक पैसे पहुंचे हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए, सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। सरकार 24 घंटे के अंदर सभी लाभार्थी महिलाओं के नाम सार्वजनिक करे। प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं की है जिसमें से लगभग 1 करोड़ महिलाएं विवाहित हैं। सरकार के दावे के मुताबिक योजना के दायरे में मात्र 70 लाख महिलाएं आई हैं। 30 प्रतिशत महिलाओं को तो पहले ही छोड़ दिया गया है।पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा का चरित्र ही धोखेबाजी का रहा है। विधानसभा चुनाव में फार्म भरवा कर हर विवाहित महिला को सरकार बनते ही 1000 रू देने का वादा किया गया था। सरकार बनने के बाद नियम शर्ते लगा दी गईं, ताकि कम से कम महिलाओं को लाभ मिल सके। जब वादा सभी महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ देने का था, तो फिर इसमें कटौती क्यों की गई ? दिसंबर में सरकार बनी तो महिलाओं को जनवरी से मार्च तक तीन माह का पैसा मिलना था। लोकसभा चुनाव को देखते हुए पहली किश्त दे तो दिया, लेकिन सिर्फ एक चौथाई महिलाओं को। चुनाव के बाद किसी भी एक रूपया नहीं देने वाले हैं।











