जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने चित्रकोट महोत्सव की तैयारियों का मौके पर जाकर जायजा लिया। चित्रकोट महोत्सव के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह कार्यक्रम, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद गतिविधियों के स्थल और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, एसडीएम लोहांडीगुड़ा एसएल सिन्हा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, जिला और जनपद पंचायत के अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस ने खोए हुए 43000 रुपए को 24 घंटे में ढूंढ के प्रार्थी को लौटाया
- खोये हुए 43,000 रू. को थाना मंगचुवा पुलिस ने ढूंढा 24 घण्टा के अन्दर ।
- 43,000 रूपये को प्रार्थी सोहन लाल सिन्हा को किया सुपुर्द ।
मंगचुवा दिनांक 26.02.2024 को प्रार्थी सोहन लाल सिन्हा पिता स्व. कपिलास सिन्हा उम्र 63 वर्ष निवासी ग्राम रेंगाडबरी थाना मंगचुवा जिला बालोद छ.ग. ने थाना मंगचुवा उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया। दिनांक 26.02.2024 को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा रेंगाडबरी में 43,000 रू. जमा करने आया था। जो लांच ब्रेक हो जाने से पैसा जमा नही होने से पैसा को थैला में रखकर सायकल के हैण्डल में टांगकर वापस अपने घर जा रहा था। सायकल के हैण्डल में थैला के साथ रखे पैसा थैला सहित रास्ते में कंही गिर कर गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया गया। थाना मंगचुवा पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर गुम हुए 43,000 रू. का पतासाजी कर प्रार्थी सोहन लाल सिन्हा को सुपुर्द किया गया। उपरोक्त पतासाजी में थाना मंगचुवा के थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार कंवर, प्रधान आरक्षक 1633 राजकिशोर साहू, आर.414 उत्तम कुमार पटेल का विशेष योगदान रहा।
ऑनलाईन सायबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
- आरोपी द्वारा पैसो की लालच में आकर ठगी करने वालों को देता था अपना बैंक एकाउंट।
- आरोपी के कब्जे से एक नग मोबाईल को किया गया जप्त।
- जिलों में लगातार सायबर जागरूकता अभियान चलाई जा रही है।
दल्लीराजहरा पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग के द्वारा जिलों में बलाई जा रही सापवर जागरूक अभियान कार्यवाही के तहत पुलिस अधीक्षक बालोद एस०आर० भगत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुशील नायक एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति डॉ० चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में सायबर सेल बालोद एवं थाना राजहरा पुलिस द्वारा आनलाईन सायबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को गिरा किया गया। प्रकरण सबर के प्रार्थी दिनेश तिवारी द्वारा थाना उपस्थित आकर एक लिखित आवेदन पेश किया कि दिनांक 06.1.2024 को सुबह करीन 10 बजे अपने घर पर बैठकर मोबाईल से गूगल में एसबीआई ब्रांच मैनेजर अग्रसेन चौक रायपुर शाखा सर्च कर रहा था उसमें दिये नंबर पर काल कर अपने ओवर ड्राम छाता क्रमांक 10460909073 जो अग्रसेन चौक रायपुर में संचालित है निसबत ओवर लिमिट बढ़ाने के लिए दिये काल करने पर एसबीआई बैंक की हेल्प लाईन नंबर पर आरोपी द्वारा अपना मोबाइल नंबर रखा जिसमें बात करने पर प्रार्थी से उसका बैंक संबंधी जानकारी ले लिया, बाद प्रार्थी को वाट्सअप पर लिंक भेजकर लिंक स्वीकर करने बोला स्वीकार करने पर प्रार्थी के मोबाईल नंबर एम पीन बदल गया है करके एसएमएस आया तब प्राथर्थी संदेह हुआ कि मेरे साथ कोई फ्रॉड कर रहा है तब तत्काल राजहरा में स्थित एसबीआई बैंक से संपर्क कर अपना इंटरनेट बैंकिंग, मोबाईल बैंकिंग, एटीएम एवं यूपीआई को बंद कर लॉक करवा दिया था। मेरे द्वारा खाता से कोई ट्रांसजेक्शन नहीं हुआ था। प्रार्थी द्वारा दिनांक 09.02.2024 को होल्ड एवं इंटरनेट बैंकिग को पुनस्थापित कराया गया दिनांक 12.02.2024 को करीबन 10.00 बजे मेरे मोबाईल पर 50000 रूपये आहरण का मेसेज आया। सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 में तत्काल शिकायत किया। कोई अज्ञात व्यक्ति अपना मोबाइल नंबर को गूगल के एसबीआई हेल लाइन में डाल कर अपनी बातो की झांझा में लेकर छल पूर्वक इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 50000 रूपये का धोखाधडी किया है प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना राजहरा में अपराध क्र० 59/2024 धारा 420 भादवि, 66डी आईटी एक्ट कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। प्रकरण के विवेचना के दौरान प्रार्थी की पैसा केनरा बैंक के खाता क्र० 110152644330 मे जाकर होल्ड हो गया। उक्त खाता का पता तलाश करने पर उक्त खाता धारक इम्तियाज शेख निवासी केम्प 2 छावनी का होना पाया गया जिसे पूछताछ करने पर बताया कि वह अपने अन्य साथी अज्जू के कहने पर केनरा बैंक जी ई रोड भिलाई में खाता क्रमांक 110152644330 खोलवाकर अपने मोबाईल नंबर 88815367553 को लिंक कराये थे, और उक्त खाते की एटीएम एवं खाता को अपने साथी अज्जू को देकर आरोपी के खाते में विभिन्न अज्ञात खातो से पैसों की ट्रांसजेक्शन होने लगा जिसमें आरोपी को प्रत्येक ट्रांसजेक्शन का 500 रूपया मिलता था, और उनके खाता में आ रही ट्रांसजेक्शन की जानकारी उनके खाते में लिंग मोबाइल नंबर से जानकारी होता थी। आरोपी द्वारा उक्त अपराध का घटित करना पाये जाने से दिनांक 27.02.2024 को गिरण कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।
उक्त कार्यवाही में सायबर सेल बालोद एवं थाना राजहरा पुलिस की विशेष भूमिका रही।
अवैध प्रतिबंधित नशीली दवाई की बिक्री करने वाले कोगिरफ्तार कर भेजा गया जेल
- आरोपियों से प्रतिबंधित नशीली दवाई SPAS TRANCAN PLUS (TRAMADOL) के कैप्सुल 2448 नग कीमती 15912 रूपये एवं ALPRAZOLAM TABETS IP के टेबलेट 2400 नग कीमती 7440 को किया गया जप्त ।
- नशा के विरुद्ध थाना राजहरा द्वारा लगातार कार्यवाही।
दल्लीराजहरा पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग के द्वारा जिलों में बताई जा रही अवैध नशे के खिलाफ अभियान कार्यवाही के तहत पुलिस अधीक्षक बालोद एस आर भगत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुशील नायक एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति डा0 चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में थाना दल्लीराजहरा पुलिस को दिनांक 27.02.2024 को जरिये मुखबीर सूचना मुखबीर से सूचना मिला की सुमीत सोनी, मनीष कुमार निर्मलकर द्वारा वार्ड क्र 07 टिचर कालोनी राजहरा में स्थित गार्डन के पास अधिक मात्रा में नशीली दवाई बिक्री कर रहा है की सूचना पर थाना राजहरा पुलिस मौके पर जाकर रेड कार्यवाही किया जिसमें आरोपी 1. मनीष कुमार निर्मलकर पिता स्व० लखन लाल निर्मलकर 311 35 वर्ष सा० वार्ड क० 7 टीचर कालोनी राजहरा थाना राजहरा के कब्जे से 7 डिब्या में प्रतिबंधित नशीली दवाई SPAS TRANCAN PLUS (TRAMADOL) के कैप्सुल 1008 नग कीमती 6552 रूपये, 2. सुमीत सोनी पिता अशोक सोनी उम्र 25 साल सा0 वार्ड क० 07 टीचर कालोनी राजहरा थाना राजाहरा जिला बालोद घ०१० के कब्जे से 4 डिब्बा में ALPRAZOLAM TABETS IP के टेबलेट 2400 नग कीमती 7440 रुपये तथा 10 डिच्चा में भरा SPAS TRANCAN PLUS (TRAMADOL) के कैप्सुल 1440 नग कीमती 9360 रूपये बरामद की गयी। आरोपियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि उक्त प्रतिबंधित दोनो नशीली दवाई मुकेश उर्फ मुक्कू निर्मलकर के द्वारा लाकर देना बताये है जो घटना दिनांक से फरार है। आरोपी मुकेश उर्फ मुक्यू का पता तलाश की जा रही है। प्रकरण सदर में आरोपियो द्वारा अपराध धारा सदर का घटित करना पाये जाने से अपराध क 60/2024 धारा स्वापक औषधी तथा मनःप्रभावी अधिनियम 1985 की धारा 22, 27 कायम कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण उक्त आरोपियों को गिर कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया। उक्त कार्यवार में ड्रग इन्सपेक्टर श्रीमति दीपिका चुरेन्द्र, नायब तहसीलदार बी० रुद्रपति उपस्थित थे। उक्त प्रकरण संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी राजहरा सुनील तिकी, उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, सउनि सूरज साहू, प्र०आर० देवेन्द्र साहू, आर० चुरेन्द्र कुरें, मनोज साहू, शेल अली, छन्नू बजारे सुरेन्द्र देशमुख, प्रेम शंकर भुआर्य का सराहनीय भूमिका रही।
कोंडागांव जिला प्रशासन के ‘लक्ष्य’ को लक्ष्य से भटका दिया अफसरों ने
- प्रशासन का लक्ष्य कोचिंग बंद होने की कगार पर
- डॉक्टर, इंजीनियर कैसे बनेंगे खाने के मोहताज बच्चे
- कोचिंग संचालकों से अब तक नहीं हुआ नया एग्रीमेंट
अमरेश झा
कोंडागांव जिला मुख्यालय कोंडागांव के कलेक्टोरेट परिसर में जिला प्रशासन द्वारा संचालित लक्ष्य कोचिंग अब अपने लक्ष्य से ही भटकता नजर आ रहा है। जिले के बच्चों को एनईईटी एवं जेईई की तैयारी एवं बच्चों को इंजीनियर एवं डॉक्टर बनाने के उद्देश्य से संचालित लक्ष्य कोचिंग अधिकारियों की उदासीनता के चलते बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
बस्तर संभाग के अमूमन सभी जिलों में सुदूर गांवों के छात्र छात्राओं के डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, जज आदि बनने के ख्वाब को पूरा करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लक्ष्य कोचिंग संस्था का संचालन किया जा रहा है। इस पहल के उत्साहजनक और सकारात्मक नतीजे भी सामने आए हैं। वहीं कोंडागांव जिले में प्रशासन की यह पहल दम तोड़ती नजर आ रही है। बीते वित्तीय वर्ष तक कोंडागांव में लक्ष्य कोचिंग के संचालन के लिए समय पर आवंटन प्राप्त होता रहा है। इससे ग्रामीण अंचलों से पहुंचे बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ लेकर अपनी कोचिंग सुचारू रूप से जारी रखे हुए थे। वहीं उनके भोजन की व्यवस्था में अब तक कोई परेशानी नहीं हो रही थी, लेकिन पिछले 5 माह से न तो बच्चों के भोजन के लिए आवंटन जारी किया गया है, और न ही कोचिंग संस्था से फिर से अनुबंध किया जा सका है। ज्ञात हो कि लक्ष्य कोचिंग सेंटर आवासीय प्रशिक्षण केंद्र कोंडागांव को पिछले वर्ष में 80 लाख रुपए आवंटित किए गए थे और यहां मिली कोचिंग के दम पर 5 बच्चों ने जेईई का मेंस क्लीयर भी किया था। बीते वर्षों में इस कोचिंग सेंटर से कई बच्चे डॉक्टरी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भी सिलेक्ट हो चुके हैं। हालांकि बीते वर्ष से संचालित कोचिंग संस्थान लगातार अध्यापन सेवा दे रही है। बच्चे भी कोचिंग से संतुष्ट भी नजर आ रहे हैं, लेकिन स्व-सहायता समूह को बीते 5 माह से भोजन व्यवस्था हेतु आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके चलते अब स्व सहायता समूह ने भोजन बनाना बंद कर दिया है। नतीजतन बच्चों को दूसरे हॉस्टल से भोजन मंगवाकर खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कोचिंग संस्थान व मेस संचालन व्यवस्था हेतु आवंटन प्राप्त नहीं होने का सीधा असर कहीं न कहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। वहीं शासन प्रशासन लाखों करोड़ों खर्च कर जिले के बच्चों के लिए डीएमएफ, सीएसआर व अन्य मदों से आवंटन उपलब्ध करवाता है ताकि जिले के अंदरूनी इलाकों के बच्चे डॉक्टर इंजीनियर बन सकें। आज अधिकारियों की उदासीनता के चलते जहां बच्चों के सपने चूर चूर हो रहे हैं, वहीं शासन प्रशासन की मंशा भी धराशायी हो रही है। इसके लिए सीधे तौर पर वे अधिकारी जिम्मेदार हैं, जो महज खानापूर्ति के लिए ही ‘लक्ष्य’ के प्रति शासकीय दायित्व बेमन से निभारहे हैं।
डीईओ मैम ने दिया था जिम्मा
लक्ष्य कोचिंग के बच्चों के लिए भोजन का इंतजाम करने वाले जय मां सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष हसीना खान का कहना है कि उनका समूह पिछले साल से लक्ष्य कोचिंग में मेस का संचालन कर रहा है। समूह को पिछले पांच माह से राशि भुगतान के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। हमने इस बारे में डीईओ मधुलिका तिवारी से बात की, तो डीईओ ने समस्या को नकाराते हुए मेस को ही बंद करने का आदेश दे दिया और कहा कि आप बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था न करें। जिला शिक्षा अधिकारी के कहने पर ही मेस बंद कर दिया गया है। हसीना खान बताती हैं कि उनका समूह पिछले 5 माह से व्यापारियों के पास से राशन व अन्य सामग्री उधार में लेकर बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाते आ रहा था, लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान के लिए हम महिलाएं 5 माह परेशा न हैं। अभी तक भुगनात नही हुआ है। पिछले पांच माह से हम डीईओ मैडम के कहने पर ही मेस का संचालन कर रही थी बिना भुगतान के, लेकिन जब मैडम से इसके लिए आदेश और पेमेंट की बात रखी गई तो मैडम ने इस बात को नकारते हुए यह साफ कह दिया कि, मैंने इसका संचालन करने के लिए नहीं कहा था और इस पर अब कोई आदेश जारी नहीं होगा। वहीं नीट की तैयारी कर रही कक्षा 11वीं की छात्रा तनूजा मरकाम और भूमिका बघेल ने बताया कि, आज हॉस्टल में खाना नहीं बना। भोजन अन्य हॉस्टल से लाकर हम लोगों को उपलब्ध कराया गया एवं आज नाश्ता भी उन्हें बाहर से ही लाकर कराया गया।
वर्सन
कर दी है भोजन व्यवस्था
स्व सहायता की महिलाओं ने बिना किसी पूर्व सूचना के खाना बनाना बंद कर दिया। इस बारे में मुझे समूह द्वारा जानकारी ही नहीं दी गई अचानक ही उन्होंने खाना बनाने से इंकार कर दिया, फिर भी हमने बच्चों के भोजन की व्यवस्था कर दी है। लक्ष कोचिंग संस्था के रिन्यूवल और संस्था के बारे में कुछ भी बोलने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।
–मधुलिका तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कोंडागांव
आयुष मोबाइल मेडीकल यूनिट के द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया
बालोद संचालक आयुष तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशन एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी, बालोद के मार्गदर्शन में आज दिनांक -27/02/2024 को ग्राम – ठेमा खुर्द में आयुष मोबाइल मेडीकल यूनिट, बालोद द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 71 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधियों का वितरण कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। प्रसूता महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श तथा औषधि प्रदान की गई। 3 मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया। शिविर में शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, दल्लीराजहरा से डा. पूर्णिमा राजपूत, श्री शीतल सिंह चुरेंद्र, त्रिवेणी साहू द्वारा अपनी सेवाएं प्रदान की गई।
ढूंढरेपाल पंचायत में मुरुम का जोरों से चल रहा अवैध खनन और परिवहन
- तहसीलदार से परमिशन लेने का पीटा जा रहा ढिंढोरा
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत ढूंढरेपाल में अवैध रूप से मुरुम खनन और परिवहन चल रहा है। खनिज विभाग बेखबर बना हुआ है। बकावंड ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोडेरेपाल के बरमुडा तालाब में पिछले 10 दिनों से मुरुम की अवैध खोदाई बिना अनुमति की जा रही है। सरपंच और खनिज विभाग के संरक्षण में विशाल ठेकेदार और जे सी बी मलिक द्वारा मिलकर 10 दिनों से टिप्पर भर भर कर मुरूम को बाहर ले जाया जा रहा है। मुरुम को आसपास की कई जगहों में ले जाकर खपाया जा रहा है। जेसीबी मालिक से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और खनिज विभाग और तहसीलदार से परमिशन लेकर मुरुम की खोदाई और परिवहन कर रहे हैं। वहीं इस संबंध में जानकारी तहसीलदार मैडम का कहना है कि मुरुम खनन और परिवहन के लिए उनसे किसी ने परमिशन नहीं लिया है। मुरूम की खोदाई तहसील कार्यालय से परमिशन नहीं मिलता।खनिज विभाग परमिशन देता हैं। ठेकेदार और जेसीबी मालिक झूठ बोलकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में अवैध तरीके से मुरुम की खोदाई कर रहे हैं। इस विषय को लेकर ग्रामीण भी तहसील कार्यालय तक शिकायत कर चुके हैं |

एनएसयूआई ने अभाविप बस्तर पर लगाए झूठे आरोप
- अभाविप ने झूठे आरोप के विरोध में एसपी को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा बिना किसी सबूत के विद्यार्थी परिषद पर आरोप लगाए जाने की अभाविप प्रदेश सहमंत्री और बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने कड़ी निंदा की है। फेक आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए परिषद ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा है।
शैलेष ध्रुव ने बताया कि किसी भी झूठ को अगर सच बनाकर लोगों के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश करोगे तो भी वह झूठ ही रहेगा। इस प्रकार का कार्य करने में एनएसयूआई के कार्यकर्ता बहुत ही माहिर हैं। पिछले दिनों क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानकी महाविद्यालय जगदलपुर में शहीद क्रांतिकारी डेबरी धुर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान एनएसयूआई के पोस्टर महाविद्यालय के आसपास लगे पोस्टर को असामाजिक तत्त्वों द्वारा फाड़ा गया था। लेकिन एनएसयूआई के लोगों ने पोस्टर फाड़ने का आरोप बिना किसी तथ्य के विद्यार्थी परिषद पर लगाते हुए एनएसयूआई सीजी इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया पेज पर डालकर विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन की छवि को धूमिल करने का षड़यंत्र एनएसयूआई द्वारा किया गया। शैलेष ध्रुव ने कहा कि यह बहुत ही शर्मसार करने वाली घटना है। बिना सोचे समझे, बिना प्रमाण के आरोप लगाकर एनएसयूआई स्वत: अपनी गरिमा को नष्ट कर रही है। इस दौरान परिवेद, विवेक, गौरव समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
महतारी वंदन योजनांतर्गत बैंक खातों का जल्द कराएं आधार लिंक: कलेक्टर विजय
- समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने महतारी वंदन योजनांतर्गत जो बैंक खाते आधार लिंक नहीं हुए हैं, उन खातों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर विजय मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को यह हिदायत दी। बैठक में कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना के ऑनलाइन आवेदनों के गलत एंट्री करवाने के लिए एक पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने जन चौपाल, जन शिकायत और समय-सीमा के प्रकरण पर विभागवार समीक्षा कर निराकरण के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के भौतिक सत्यापन में कम पाई गई सामग्री की वसूली में राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सभी एसडीएम कुर्की की कार्रवाई करें। उन्होंने नवीन एसडीएम एवं तहसील कार्यालय भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत केवाईसी का विकासखंड वार समीक्षा करते हुए किसान क्रेडिट कार्ड के लिए विभाग के लक्ष्य के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए।

केसीसी के तहत आधार सीडिंग का भी निरीक्षण करने के लिए कहा गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बैंकिंग सुविधा देने वाले बैंक सखी और बैंक मित्र का अभिनंदन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजनांतर्गत आवेदनों के संकलन, प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजनांतर्गत स्वीकृत कार्य की भी समीक्षा की। विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान रामलला दर्शन योजना के लिए लक्षित व्यक्तियों का चिन्हांकन करने, उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत न्योता भोजन कार्यक्रम, आगंनबाडी केंद्रों में किचन सह भंडारण के निर्माण में मानकों के पालन, आगंनबाडी केंद्र में एलपीजी गैस की उपलब्धता, बच्चों का जाति प्रमाण पत्र के कार्य की प्रगति,आधार सीडिंग का की विस्तृत जानकारी ली और कमियों को दूर करने की हिदायत दी। जलजीवन मिशन फेस-2 में क्रेडा के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना, जलजीवन मिशन के विकासखंड वार कार्य की प्रगति, बीआईजीएस अंतर्गत स्वीकृत निमार्ण कार्य,शहरी क्षेत्र में सिकलसेल परीक्षण को बढ़ाने,सघन मोतियाबिंद जांच एवं उपचार अभियान, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड नवीनीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता,अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर विजय दयाराम के. के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर यूथ एक्टिविटी (दाया सोसायटी) का गठन किया गया। जो जिला बस्तर में बाल व युवाओं के बहुआयामी सर्वांगीण विकास जैसे उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति मूलभूत शिक्षा, उच्च व तकनीकी शिक्षा, पोषण युवा सशक्तिकरण, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल-कूद, पर्यटन, पर्यावरण, संस्कृति-लोककला आदि के विकास, स्वरोजगार, कौशल विकास रोजगार, आजीविका, कृषि उद्यानिकी टूरिज्म जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेगी। योजना के सफल कार्यान्वयन हेतु सलाहकार समिति, तकनीकी सहयोग समूह एवं मॉनिटरिंग व सपोर्टिव सुपरविजन समिति का गठन किया गया।
चेरामंगी गांव के छात्रावास में सातवीं के छात्र ने लगा ली फांसी
- आजाकवि के छात्रावासों के छात्र -छात्राएं झेल रहे हैं मानसिक यंत्रणा
- विभाग के सहायक आयुक्त की भूमिका शक के घेरे में
–अर्जुन झा–
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आदिम जाति विकास विभाग में अव्यवस्था का आलम है। विभाग के कन्या आश्रमों और छात्रावासों में बदइंतजामी के कारण छात्र छात्राओं को मानसिक यंत्रणा के दौर से गुजरना पड़ रहा है। मासूम बच्चे आत्मघाती कदम उठाने लगे हैं। बीजापुर में पदस्थ विभाग के सहायक आयुक्त की भूमिका और कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में है।
बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत चेरामंगी स्थित बालक छात्रावास में रहकर सातवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे तेरह वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्री मैट्रिक बालक छात्रावास चेरामंगी में अध्ययनरत छात्र जेवियर कुजूर ने गमछे का फंदा बनाकर छात्रावास के रूम में ही फांसी लगा ली। बताते हैं कि छात्र दो दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। छात्र ने आत्महत्या क्यों की है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।छात्रावास अधीक्षक ने मृत छात्र के परिजनों और सहायक आयुक्त बीजापुर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी है। उसूर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी संतोष गुप्ता मुख्यालय में नहीं हैं। आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त केएस मसराम ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और आवापल्ली थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद सही जानकारी का पता चलेगा। सहायक आयुक्त केएस मसराम ने बताया कि मौके पर जांच टीम गई है। उसूर के मंडल संयोजक राम सारके ने बताया कि कक्षा सातवीं का छात्र जेवियर कुजूर की ख़ुदकुशी के कारणों का पता लगाया जा रहा है। परिजनों को छात्र के स्कूल नही पहुंचने की जानकारी दी गई थी। मंगलवार को उक्त छात्र ने सभी छात्रों के साथ नाश्ता किया था और खाना भी खाया था। परिजन समीप के गांव नुकनपाल में रहते हैं, उन्हें मामले की जानकारी दे दी गई है।
सहायक आयुक्त की लापरवाही
बीजापुर में पदस्थ आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त केएस मसराम की लापरवाही, भर्राशाही और मनमानी की चर्चा आम है। सूत्र बताते हैं कि श्री मसराम के अधीन विभागीय शालाओं, कन्या आश्रमों, छात्रावासों में सुविधाओं का व्यापक अभाव है। छात्रावासों और कन्या आश्रमों में टॉयलेट, पानी, भोजन आदि में बेतहाशा खामियां हैं। इन इंतजामों के लिए मिलने वाले फंड की बंदरबांट चल रही है। सहायक आयुक्त के संरक्षण में यह सारा खेल चल रहा है। केएस मसराम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरियां कर रहे लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप है। बीजापुर जिले के निवासी शिक्षक के. रामा यशवंत के जाति प्रमाण पत्र के मामले की भी जांच में श्री मसराम जानबूझ कर कोताही बरत रहे हैं। के. रामा यशवंत वर्तमान में सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत उच्चतर माध्यमिक शाला एर्राबोर में प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि के. रामा यशवंत ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाई है। उनके जाति प्रमाण पत्र की जांच जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति बीजापुर द्वारा की जा रही है। इस छानबीन समिति में बीजापुर के सहायक आयुक्त केएस मसराम सर्वेसर्वा हैं। बताया जाता है कि श्री मसराम द्वारा के. रामा यशवंत को बचाने की कोशिश की जा रही है। के. रामा यशवंत को समिति के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस तो जारी किया जाता है, लेकिन अंदर से उन्हें सपोर्ट किया जा रहा है। यही वजह है कि के. रामा यशवंत आज तक एक भी बार समिति के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।












