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 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सीटू और सीएमएसएस व एटक के ठेका श्रमिकों ने ठप किया खदान का काम

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खदान के ठेका श्रमिकों की 13 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 5 महीने से संघर्षरत सीटू और सीएमएसएस व एटक अध्यक्ष के ठेका श्रमिकों ने प्रबंधन के रवैया से आक्रोशित होकर आज खदान का कामकाज ठप कर दिया ।

उल्लेखनीय है कि खदान में कार्यरत लगभग 1900 ठेका कर्मियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तीनों यूनियनों के अध्यक्षों ने एक हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मार्च महीने में प्रबंधन को सौप था । इस ज्ञापन में श्रमिकों को समयबद्ध अपग्रेडेशन देने, समान काम समान वेतन, पूर्व सहमति के अनुसार चिकित्सा सुविधा लागू करने, कम दर पर ठेका लेने वाले एवं समय पर भुगतान न करने वाले ठेकेदारों पर बैन लगाने, ठेका श्रमिकों को ग्रेच्युटी भुगतान करने जैसी 13 मांगे शामिल की गई थी। इन मांगों पर 6 जुलाई को विशाल प्रदर्शन कर पुनः प्रबंधन को स्मरण पत्र दिया गया, लेकिन प्रबंधन ने इन मांगों का निराकरण करने में कोई रुचि नहीं दिखाई । जिसके चलते खदान के श्रमिक बेहद आक्रोशित थे। अंतत: प्रबंधन के रवैया से क्षुब्ध होकर श्रमिकों ने आज खदान के विभिन्न विभागों का कामकाज ठप कर, दल्ली माइंस के गेट को जाम कर दिया तथा जबरदस्त घेराबंदी की, जिसके कारण प्रथम पाली में दल्ली खदान का उत्पादन नहीं हो सका। अन्य खदानों में भी उत्पादन बुरी तरह प्रभावित रहा । प्रबंधन ने श्रमिकों के कड़े तेवर को देखते हुए आनन फानन में यूनियन नेताओं के साथ दो दौर की बड़ी बैठक की । पहले दौर की बैठक दल्ली माइंस के महाप्रबंधक पी एम सिरपुरकर के साथ संपन्न हुई । जिसमें दल्ली माइंस में गलत तरीके से प्रारंभ किए गए ठेका को तत्काल रोकने पर सहमति बनी । दूसरे दौर की बैठक सीजीएम कॉन्फ्रेंस साल में सम्पन्न हुई। जिसमें ई डी माइंस बी के गिरी,सीजीएम आईओसी आर बी गहरवार, खदान के तमाम उच्च अधिकारी मौजूद रहे । इस बैठक में 13सूत्रीय मांगों पर चर्चा करते हुए प्रबंधन ने खदान के श्रमिकों के अपग्रेडेशन के लिए यूनियन के सुझाव के अनुसार सिस्टम बनाने पर सैद्धांतिक सहमति दी है। मेडिकल सुविधा जल्द से जल्द चालू करने का ठोस आश्वासन दिया गया। प्रबंधन ने बताया कि ठेका श्रमिकों के ग्रेच्युटी का भुगतान प्रारंभ कर दिया गया है, लेकिन जिन ठेकों में टी एल नहीं काटा है उनमें भी ग्रेजुएटी भुगतान करने पर सहमति बनी है। सभी ठेकों में डीए डिफरेंस की राशि का भुगतान एक साथ एक मुफ्त करने पर प्रबंधन सहमत हुआ है। इसी तरह समय पर भुगतान न करने वाले ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई करने पर भी प्रबंधन ने सहमति व्यक्ति की है। हितकसा डैम के शेष 46 श्रमिकों के रोजगार की व्यवस्था पर भी प्रबंधन से गंभीर चर्चा हुई और प्रबंधन ने रोजगार की निरंतरता के लिये रास्ता बनाने पर सहमति दी है। सीजीएम कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक के दौरान ईडी माइंस सीजीएम आईओसी आर बी गैहरवार, जीएम चिंताला श्रीकांत, जीएम पी एम सिरपुरकर,जीएम सुकान्तो मंडल,माइंस मैनेजर पंकज कुमार, कार्मिक विभाग से डॉक्टर जे एस बघेल, जोत कुमार, सिकंदर इंदौरिया, समस्त लेबर वेलफेयर ऑफीसर, यूनियन की ओर से एटक से राजेंद्र बेहरा, मुकुल वर्मा, सीटू से प्रकाश सिंह क्षत्रिय, पुरुषोत्तम सिमैया, ज्ञानेंद्र सिंह, बीएल रोकड़े, मानसिंह कनवर, सीएमएसए से सोमनाथ उइके, रामचरण नेताम, शैलेश ,एवं सुरेंद्र इत्यादि साथी उपस्थित रहे । बैठक समाप्त होने के बाद दल्ली माइंस गेट पर ठेका श्रमिकों की विशाल आम सभा कर हड़ताल समाप्ति की घोषणा की गई। इस अवसर पर हडताल को पूर्ण समर्थन दे रहे पूर्व विधायक कामरेड जनकलाल ठाकुर ने कहा कि आईओसी राजहरा में ठेका सिस्टम को बिगाडने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ भविष्य में भी ठेका श्रमिक डटकर खड़े होंगे तथा अपनी मांगों को हर हाल में हासिल करेंगे।

 

कलस्टर स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन

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  • शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं राजीव युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य के साथ विभिन्न खेलों का आनंद लिया
  • विजय प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया

जगदलपुर नगर निगम एवं बस्तर नगर पंचायत के विभिन्न आयु वर्ग के 800 खिलाड़ियों ने पारंपरिक खेलों में भाग लिया विजेता खिलाड़ी जिला एवं राज्य स्तर पर लेंगे भाग विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने उपस्थित खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की सोच है जो आज हमारे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन किया गया है आज चारों ओर छत्तीसगढ़ीया स्वाभीमान की लहर चारों ओर दौड़ रही है उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा की ” लहरों से डरकर नौका पर नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ”

 

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं राजीव युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा की छत्तीसगढ़िया ओलंपिक एक माध्यम है हमारे छत्तीसगढ के पारंपरिक खेलों एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए और यह हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की सोच का परिणाम है जो आज हमारे पारंपरिक खेल संंरक्षीत और संवर्धित हो रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन,शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं राजीव युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य, वरिष्ठ पार्षद राजेश राय, पार्षद सुनीता सिंह, कमलेश पाठक, अंकित पारख, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सरला तिवारी, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा,इंटक महासचिव विजय सिंह,एस नीला,मोना , सोनिया,सी एम ओ बस्तर कृष्णा राव, राजस्व अधिकारी मिनाक्षी नाग, जितेन्द्र जोशी, रणधीर सिंह,नलिन शुक्ला, अफजल अलि , प्रदीप राव, जोगेंद्र ठाकुर,हसीन अहमद,सरला रथ,माया सिंह, अविनाश सेते,डेविस वासला समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

विधायक रेखचंद जैन ने आड़ावाल को दी लाखों की सौगात

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  • ग्राम पंचायत आड़ावाल में बनने वाली तीन सीसी सड़कों का किया भूमिपूजन

जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने ग्राम पंचायत आड़ावाल को लाखों रु. के निर्माण कार्यों की सौगात दी। उन्होंने वहां करीब 19 लाख रुपयों की लागत से बनने वाली सड़कों के लिए भूमिपूजन किया।

जैन ने जिन सड़कों का भूमिपूजन किया, उनमें राजीवपारा पीटर घर से धोबी घर तक 150 मीटर सीसी रोड लागत 4.63 लाख, खासपारा गौरवपथ से शर्मा घर तक 200 मीटर सीसी रोड लागत 6.37 लाख एवं ओरना कैंप में एनएच 63 से पशु औषधालय तक 200 मीटर सीसी रोड लागत 7.46 लाख रुपए का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। आपकी आड़ावाल पंचायत में लाखों रुपए के कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर कार्य निष्पादन किया गया है। उन्होंने कहा की पूर्ववर्ती सरकार में जहां आपकी पंचायत को उपेक्षित छोड़ दिया गया था, आज आपकी पंचायत को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया गया

भाजपा शासन विकास बाधित रहा : सुशील मौर्य

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष सुशील मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन द्वारा आपकी पंचायत में पिछले पौने पांच साल में जितने कार्य किए गए हैं, उतने कार्य तो भाजपा के पंद्रह सालों में भी नहीं हुए। उन्होंने पिछली सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकार में विकास चेहरा देखकर किया जाता था आज हर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य, प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त सचिव दुर्गेश राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरला तिवारी, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, एनएसयूआई अध्यक्ष नीलम कश्यप, वरिष्ठ पार्षद राजेश राय, इंटक महासचिव विजय सिंह,जाहिद हुसैन,अल्ताफ खान, सरपंच जयंती कश्यप, उप सरपंच अमित दास, मिलन संघ अध्यक्ष श्याम घोष, तपन राय, अभय सिंह, वासुदेव हलदार, वेंकट राव, विद्या जिराम, एस नीला, शीतला कोर्राम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों पर होगी कार्रवाई

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  • तीन दिन के भीतर काम पर लौटने की दी गई चेतावनी

जगदलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बस्तर ने राज्य शासन के फैसले का हवाला देते हुए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। उन्होंने हड़ताली कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के बस्तर जिला अध्यक्ष पंकज सेठिया और स्वास्थ्य कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष को प्रेषित पत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन के आह्वान पर 5 सूत्रीय मांग के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत 21 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल से वापस आने के संबंध में। छग शासन, के सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय ने छग सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-6 एवं नियम-7 के प्रावधानों के तहत प्रदर्शन तथा हड़ताल और स्वीकृत होने के पूर्व अवकाश पर प्रस्थान को राज्य के शासकीय सेवकों के लिए प्रतिबंधित कर रखा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अधिकारी – कर्मचारी अपनी मांगों के संबंध में अनाधिकृत रूप से निरंतर हड़ताल पर हैं। इस कारण से लोकहित, नागरिक सेवाएं तथा शासकीय कार्य प्रभावित हो रहें हैं और लोगों को असुविधा हो रही है। शासकीय सेवकों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अनुसार कदाचरण की श्रेणी में आता है। ऐसा कृत्य करने पर वे अनुशासनात्मक कार्यवाही के भागी होंगें। अतः आप अपने संघ के कर्मचारियों को 3 दिवस के अंदर उपस्थित होने हेतु निर्देशित करें। उपस्थित नहीं होने की स्थिति में छत्तीसगढ़, सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-6 एवं नियम-7 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

संवेदनशील गांवों में विधायक ने किया भूमिपूजन

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  • धुर नक्सल प्रभावित छिनारी और कोरेंडा गांव पहुंचे विधायक चंदन कश्यप 

भानपुरी नारायणपुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित अति संवेदनशील ग्राम छिनारी और कोरेंडा में विधायक चंदन कश्यप ने विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। विधायक के पहुंचने और उनके द्वारा विकास कार्यों की सौगात दी जाने से ग्रामीणों व छात्र छात्रों में खुशी की लहर देखी गई।

      नारायणपुर के विधायक एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष चंदन कश्यप ने शासकीय उच्च प्राथमिक शाला छिनारी पहुंचे। ग्रामीण खुशी से झूम उठे। छात्र छात्राओं व अन्य लोगों ने ढोल बाजा और नाचा गाने के साथ उनका स्वागत किया। विधायक ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र की पूजा अर्चना कर मैथ्स पार्क एवं साइंस पार्क का फीता काटकर लोकार्पण किया। बूढ़ादेव की पूजा अचर्ना कर भूमिपूजन किया।  कश्यप ने शीतला माता मंदिर पहुंचकर पूजा की और पौधरोपण भी किया। ग्राम पंचायत भवन छिनारी और ग्राम कोरेंडा पहुंचकर विधायक ने छिनारी में सामुदायिक शेड निर्माण लागत 6.19 लाख एवं स्कूल पारा से खालेपारा मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण लागत 1.68 लाख और ग्राम कोरेंडा प्राथमिक शाला भवन निर्माण कार्य लागत 16.10 लाख व सांस्कृतिक रंगमंच शेड निर्माण लागत 2.945 लाख का भूमिपूजन किया। ग्रामीणों का कहना था कि पहले के जो मंत्री और विधायक हुआ करते थे, वे इन गांवों में कभी पहुंचे नहीं, लेकिन वर्तमान विधायक चंदन कश्यप पहुंचकर ग्रामीणों से मिले और उनकी समस्याएं सुनी। लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे थे। लोगों का कहना था कि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा था।

नारायणपुर विधायक कश्यप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की हमारी कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुंचा रहे हैं, गांव के गरीब, किसान के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई है और उनका लाभ गांव लोगों मिल रहा है। हर वर्ग के लोगों को पट्टा देने का काम हमारी सरकार कर रही है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेंडी, जनपद अध्यक्ष पंडीराम वड्डे, सांसद प्रतिनिधि अजय देशमुख, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि देवांगन, गंगादई सोरी, सुकूराम, गजा पटेल, रघु मानिकपुरी, उमेश कर्मा, मोहन नाग, राजू देहारी, सोमधर एवं अन्य कांग्रेस कार्यकर्त्ता और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

क्या हम दरी बिछाने और उठाने भर के लिए हैं

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  • केशकाल से टेकाम को प्रत्याशी बनाए जाने पर भाजपा में उठने लगा सवाल

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर कोहराम मच गया है। चुनाव आते तक क्या हाल होगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। ऐसा ही आलम केशकाल सीट पर देखने को मिल रहा है। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी नीलकंठ टेकाम को प्रत्याशी घोषित किया है। उन्हें टिकट दिए जाने से नाराज पुराने कार्यकर्त्ता सवाल उठा रहे हैं कि क्या हम भाजपा में सिर्फ दरी बिछाने और उठाने के लिए ही हैं?

भाजपा द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए जारी पहली लिस्ट में 21 प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इस लिस्ट में बस्तर विधानसभा सीट से मनीराम कश्यप का नाम रहा है। हालांकि मनीराम कश्यप का कहना है कि उन्होंने पार्टी से कभी भी टिकट की मांग नहीं की थी, फिर भी उन्होंने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। वे गांव गांव में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। बस्तर संभाग से दूसरे पार्टी प्रत्याशी नीलकंठ टेकाम के नाम की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने उनसे मिलने रायपुर गए केशकाल के कार्यकर्त्ताओं के बीच की। उन्होंने कार्यकर्त्ताओं को बताया कि नीलकंठ टेकाम को भाजपा ने केशकाल विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। वहां मौजूद कार्यकर्त्ताओं ने हालांकि श्री टेकाम को प्रत्याशी बनाए जाने का करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया। तब वहां नीलकंठ टेकाम भी मौजूद थे। सूत्र बताते हैं कि श्री टेकाम को टिकट दिए जाने से पार्टी के पुराने कार्यकर्त्ताओं का बड़ा तबका नाराज है। इनमें कई ऐसे नेता भी शामिल हैं, जो इस सीट से टिकट के लिए उम्मीद लगाए बैठे थे। इन नेताओं का दर्द अब छलककर बाहर भी आने लगा है। उनका कहना है कि भाजपा में क्या हम सिर्फ दरियां बिछाने, उन्हें समेटने और बाहर से आने वाले नेताओं को चाय नाश्ता परोसने भर के लिए हैं? इन नेताओं का यह दर्द और सवाल लाजिमी भी है, क्योंकि वे दशकों से भाजपा की सेवा करते आ रहे हैं। उस दौर में जबकि केशकाल में भाजपा का कोई नामलेवा भी नहीं था, तब इन कार्यकर्त्ताओं ने जी तोड़ मेहनत कर वहां भाजपा की जड़ें मजबूत की। जब पार्टी में पद देने और चुनाव की बारी आती है, तब ऐसे समर्पित नेताओं के योगदान को बिसरा दिया जाता है।

आगे – आगे देखिए होता है क्या ?

बस्तर में वैसे भी कांग्रेस ने भाजपा की चुलें हिलाकर रख दी हैं। संभाग की सभी बारह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। ऊपर से अब भाजपा के जमीनी कार्यकर्त्ताओं की नाराजगी रही सही कसर पूरी कर देगी। अभी टिकट वितरण के दौर में ही कार्यकर्त्ताओं की नाराजगी फूट पड़ रही है, चुनाव आते तक स्थिति कैसी रहेगी, इसका अहसास अभी से होने लगा है। लगता नहीं कि ये नाराज नेता व कार्यकर्त्ता पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में खुले मन से काम कर पाएंगे। हो सकता है भाजपा प्रत्याशी को भितरघात के खतरे का भी सामना करना पड़े। खैर हम तो बस इतना ही कह सकते हैं कि आगे आगे देखिए होता है क्या?

कौन हैं नीलकंठ टेकाम ?

नीलकंठ टेकाम कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के मूल निवासी और सेवनिवृत आईएएस अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभक शिक्षा अंतागढ़ ब्लॉक में हुई। कॉलेज की पढ़ाई करने वे कांकेर में आकर हॉस्टल में रहने लगे। यहीं से उनकी राजनैतिक यात्रा की शुरुआत हुई। हॉस्टल में रहते हुए ही श्री टेकाम ने छात्रसंघ चुनाव लड़ा और वे सन 87-88 में महाविद्यालयीन छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। शिक्षा पूरी करने के बाद नीलकंठ नेताम प्रशासनिक सेवा में चयनित हो आईएएस अधिकारी बन गए। रिटायरमेंट के बाद हाल ही में वे भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी के पुराने नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को इसी बात का मलाल है। उनका कहना है कि पार्टी में कल के आए व्यक्ति को टिकट से नवाजा गया है और पुराने कार्यकर्त्ताओं की उपेक्षा की गई है।

खाद्ध एवं नागरिक आपूर्ति निरीक्षक संघ ने संसदीय सचिव रेखचंद जैन को सौंपा ज्ञापन

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  • वेतन विसंगति दूर करने हेतु विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन को ज्ञापन

 

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी खाद्ध एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत एवं अधिकारियों को लिखा अनुशंसा पत्र खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निरीक्षक संघ ने आज विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग रेखचंद जैन के कार्यालय में पहुंच वेतन विसंगति दूर करने के लिए ज्ञापन सौंपा , विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने निरीक्षक संघ की मांगों से सहमति जताते हुए प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी खाद्ध एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत जी एवं अधिकारियों को अनुशंसा का पत्र लिखा।

बैज व कश्यप ने किया विकास कार्यों का भूमिपूजन

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  • गुनपुर के 34 हितग्राहियों को किया गया पट्टा वितरण

बस्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज तथा नारायणपुर के विधायक चंदन कश्यप ने नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुनपुर में लाखों रु. के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने वन भूमि पर काबिज ग्रामीणों को पट्टे भी प्रदान किए।

बैज और  कश्यप ने शुक्रवार को राजपुर- गुनपुर – आलवाही सड़क मार्ग लंबाई 4.35 किमी लागत 278. 84 लाख रुपए एवं नल जल योजना लागत 58.9 लाख रुपये का भूमिपूजन कर 34 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया। इस दौरान जनपद सदस्य निलय कश्यप सहित कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में गुनपुर के ग्रामवासी मौजूद रहे।

लोकतंत्र और ढोंगतंत्र में अंतर समझें अवस्थी : जावेद

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  • थोपे गए चेहरे को लेकर जनता के बीच जाने तैयार रहें, मिलेगी करारी हार : खान

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने भाजपा पार्षद आलोक अवस्थी को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया है। जावेद ने आलोक अवस्थी को उनके उस बयान को आड़े हाथ लिया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी की टिकट प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

जावेद ने कहा है कि पार्षद आलोक अवस्थी लोकतंत्र को समझ पाते, तो कभी ऐसी टिप्पणी नहीं करते। वे जिस पार्टी में हैं, उस पार्टी में ढोंगतंत्र को ही लोकतंत्र माना जाता है। उनकी पार्टी के शीर्ष नेता परिवारवाद के नाम पर लालकिले से शेखी बघारते हैं।आज राजनीति में परिवारवाद किस पार्टी के सर पर नाच रहा है, यह सब जानते हैं। किस तरह से अन्य पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं की गुलामी आज भाजपा के छोटे कार्यकर्ताओं को करनी पड़ती है यह बात किसी से छिपी नहीं है। किस तरह से जय शाह जैसे लोग आलोक अवस्थी जैसे काबिल कार्यकर्ताओं का हक मारे बैठे हैं। सबको पता है, पर लाचारी बताती है अवस्थी जैसे लोगों की कि अपनी पार्टी के ढोंगतंत्र को देखते समझते हुए भी उनकी बोलती बंद हो जाती है। उस पर वो ना पार्टी फोरम में और न ही चाहकर पब्लिक फोरम में वो कुछ बोल पाते हैं। उसी प्रकार भविष्य में भी शीर्ष नेताओं द्वारा थोपे गए प्रत्याशी को ढोकर अपने ही वार्ड में घूमने को मजबूर दिखेंगे पार्षद अवस्थी। जावेद ने कहा जिसे पार्षद आलोक अवस्थी एक अनार सौ बीमार कह रहे हैं, वह उसे लोकतंत्र के नजरिए से देख पाते तो ऐसा नहीं कहते। यह कांग्रेस पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र ही है, जो सामान्य कार्यकर्ता को भी अपनी इच्छा जाहिर करने का हक देता है। छोटे से कार्यकर्ता को भी बड़े नेता के साथ एक पंक्ति में खड़े होने का अधिकार देता है। भले ही एक विधानसभा क्षेत्र के लिए क्यों ना 34 लोगों ने दावेदारी की हो, पर सभी जानते हैं कि टिकट किसी एक को ही मिलेगी और सारे 33 मिलकर उस एक को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाएंगे। जबकि अवस्थी की भाजपा तो बीते पांच सालों में हारे हुए विधायक का विकल्प तक तलाश नहीं कर पाई। इसका परिणाम ही है कि फिर से हारे हुए भाजपा के विधायक मैदान पर सरपट दौड़ रहे हैं और पूरी भाजपा उनके पिछलग्गू भेड़चाल चल रही है। पिछले दिनों भाजपा के अनेक नेताओं ने बीजापुर विधानसभा सीट से टिकट के लिए रायपुर की दौड़ लगाई थी। इनमें एक पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। श्री अवस्थी इन नेताओं लिए क्या टिप्पणी करेंगे ? क्या बीजापुर भाजपा के संदर्भ में भी एक अनार सौ बीमार वाली बात कहने की हिम्मत जुटा पाएंगे वे? जावेद ने कहा कि पार्षद अवस्थी आजकल बयानबाजी में व्यस्त हैं और उनके वार्ड की जनता गंदगी कचरे के ढेर और बजबजाती नालियां से त्रस्त है। उन्हें दूसरी पार्टी के आंतरिक मामलों में बयानबाजी छोड़ अपने वार्ड की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।

दल्ली माइंस गेट पर ठेका श्रमिकों का धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम को लेकर विवाद

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दल्ली राजहरा माइंस तीन श्रमिक संगठन संयुक्त टे्ड यूनियन, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, हिंदुस्तान स्टील एम्पलाई यूनियन (सीटू),एस के एम एस के राजेंद्र बेहरा ग्रुप के ठेका श्रमिकों के द्वारा दल्ली माइंस गेट में चक्का जाम सुबह 5:00 बजे से किया गया मिली जानकारी के अनुसार 13 श्रमिक को कार्य में रखने का मामला बताया जा रहा है कार्य का नया टेंडर होने पर सभी श्रम संगठनों के द्वारा 6 यूनियन के दो-दो व्यक्ति रखने की बात कही गई थी। ठेकेदार द्वारा ऐसा न करने पर विवाद की स्थिति बन गई । एक तरफ चार श्रमिक संगठन ,जन् मुक्ति मोर्चा भारतीय मजदूर संघ, मेटल माइंस वर्कर यूनियन इंटक् एस के एम एस दूसरे पक्ष में संगठन तीन श्रमिक संगठन होने से श्रमिकों के बीच विवाद तथा आपसी तनाव का माहौल बना रहा आपसी तनाव इतना बढ़ गया कि श्रमिकों के बीच गाली गलौज और धक्का मुक्की की नौबत आ गई जिसका बीच बचाओ पुलिस प्रशासन के द्वारा किया गया और इस मामले को शांत किया गया अभी भी श्रमिक माइंस गेट पर डटे हुए हैं |

 

 

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