जगदलपुर (अर्जुन झा) बस्तर सांसद दीपक बैज को संगठन ने जिन छह विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी है, उन पर दीपक की रौशनी से कांग्रेस जगमग है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा परफार्मेंस के आधार पर टिकट मिलने और कटने की मुनादी कर दिए जाने के बाद बस्तर में कांग्रेस के गलियारों से लेकर भाजपा के कैंप तक और आम जनता के बीच भी चर्चा चल पड़ी है कि कितने विधायकों की टिकट कटने वाली है, ये विधायक कौन हैं, टिकट कटने का पैमाना विधायकों का प्रदर्शन है तो विधायकों को टिकट मिलने का पैमाना बेहतर प्रदर्शन है लेकिन जिनकी टिकट कटेगी, उनकी जगह नए चेहरे के लिए क्या पैमाने होंगे? जाहिर है कि संगठन में सक्रियता के साथ साथ जनता के बीच लोकप्रियता ही यह पैमाना हो सकता है। यहां खास बात यह है कि दीपक बैज के संसदीय क्षेत्र में डबल इंजन वाली स्थिति है। दीपक बैज गार्ड की भूमिका में हैं। डबल इंजन ऐसे कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मेन इंजन हैं और विधायक सपोर्टिंग इंजन की तरह लगे हुए हैं। सांसद दीपक बैज इनके बीच समन्वय स्थापित करने का काम पूरी कर्मठता से कर रहे हैं।बस्तर संभाग की सभी 12 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दंतेवाड़ा सीट छोड़कर शेष सभी सीटें जीती थीं। उपचुनाव में दंतेवाड़ा सीट भी हासिल कर विधानसभा में बस्तर को भाजपा मुक्त कर दिया। अब इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव को 6 माह और तैयारी के लिए 4 माह बाकी हैं तो सियासी उलटफेर के आसार तलाशे जा रहे हैं। टिकटों में उलटफेर करके कांग्रेस बस्तर में अपनी मजबूती बरकरार रखना चाहती है। ऐसे में सवाल यह है कि किस किस विधायक की टिकट कटेगी, किस विधायक की परफॉरमेंस कैसी है। क्या अब इस मामले में पार्टी के सांसद दीपक बैज की भी राय ली जाएगी? मुख्यमंत्री के बयान से साफ दिख रहा है कि बस्तर में कई विधायक बेटिकट होंगे। बस्तर में चल रही चर्चाओं के अनुसार 5 से 6 वर्तमान विधायकों की टिकट कट सकती है। इनमें कांकेर लोकसभा क्षेत्र के बस्तरिया विधायक ज्यादा हो सकते हैं। कांग्रेस ने अभी हाल ही कांकेर संसदीय क्षेत्र की भानुप्रतापपुर सीट उपचुनाव में बचाई है। सावित्री मनोज मंडावी जिस तरह 20 हजार से अधिक मतों से जीती हैं और उन्हें परफार्मेंस दिखाने के लिए समय भी नहीं मिला है, उनके परफार्मेंस के आकलन का क्या आधार हो सकता है? केशकाल विधायक संतराम नेताम अभी अभी उत्कृष्ट विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष चुने गए हैं। जाहिर है कि बेहतर परफार्मेंस के आधार पर ही उन्हें यह अवसर मिला है। बस्तर के कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और उनकी सक्रियता किसी से छुपी नहीं है। कांकेर विधायक शिशुपाल सोरी, अंतागढ़ विधायक अनूप नाग, नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, जगदलपुर विधायक रेखचन्द जैन, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा, कोंटा विधायक कवासी लखमा, बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी में से किस किस का परफार्मेंस बेहतर नहीं है, यह तय करना आसान नहीं है। सभी अपने स्तर पर सक्रिय हैं। कोंटा विधायक कवासी लखमा बस्तर के प्रभारी और प्रदेश के उद्योग व आबकारी मंत्री हैं तो रेखचन्द जैन संसदीय सचिव हैं। लखेश्वर बघेल बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। चंदन कश्यप और राजमन बेंजाम सांसद दीपक बैज के साथ अपने अपने इलाके में सक्रिय हैं। वैसे तो बस्तर सांसद दीपक बैज संसदीय क्षेत्र के सभी विधायकों को लोक कल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं और विधायक भी सक्रिय हैं लेकिन तब भी भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को बहुत कुछ परखने का मौका मिला है। उन्हें मैदानी स्थिति की जानकारी मिली है। इसके आधार पर टिकटों को ठोक बजाकर ही दिया जायेगा। भाजपा की नजर इस पर है कि कहां परिवर्तन हो सकता है, इसका अंदाजा लगाया जाए और उसी तरह रणनीति तैयार की जाए। भाजपा की उम्मीद कांग्रेस के प्रत्याशी चयन पर निर्भर है। सबसे ज्यादा चर्चा बस्तर की इकलौती सामान्य सीट जगदलपुर की है तो यहां रेखचंद जैन ने शहर के साथ साथ गांव गांव प्रभाव बनाया है। उनके समर्थकों का मानना है कि वे हर कसौटी पर खरे उतर रहे हैं।
सड़क दुर्घटना में शिक्षक की मौके पर मौत
दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र के ग्राम चिखलाकसा में सुबह 7.30 बजे के आस पास सड़क दुर्घटना में शिक्षक की मौत हो गई । प्राप्त जानकारी मृतक अजीत आर्य उम्र 41 वर्ष बस्तर क्षेत्र में शिक्षक है जो गर्मी छुट्टी में अपने ग्राम चिखलाकसा आए हुए थे। सूत्रों के जानकारी के अनुसार 2 माह पूर्व उन्होंने कार ली थी आज सुबह सुबह कार चलाने निकले थे की घर से कुछ ही दूर में पुत्तरवाही रोड में मोड़ के पास पर कार अनियंत्रित होकर ऊंचाई से खेत में जा गिरी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई । सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच कर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।



घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
https://36bestonlinesale.com/home

आलोक अवस्थी पुनः भाजपा जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त
- दिनेश केजी सह जिला प्रभारी, श्रीनिवास रथ विधानसभा क्षेत्र प्रभारी और प्रकाश रावल सह विस क्षेत्र प्रभारी नियुक्त
जगदलपुर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव एवं महामंत्री संगठन पवन साय की सहमति से भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने जिला मीडिया प्रभारी, सहप्रभारी और विधानसभा मीडिया प्रभारी, सहप्रभारी की नियुक्ति की है।भाजपा जिला मीडिया प्रभारी का दायित्व पुन: आलोक अवस्थी को सौंपा गया है। वे बीते पांच साल से बस्तर जिले में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी का काम सम्हालते आ रहे हैं। जिला मीडिया सह प्रभारी पत्रकार दिनेश केजी बनाए गए हैं। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र मीडिया प्रभारी पत्रकार श्रीनिवास रथ और सह प्रभारी पत्रकार प्रकाश रावल नियुक्त किए गए हैं। ये सभी लंबे समय तक भाजपा संगठन में विभिन्न दायित्व निभा चुके हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने सभी नव नियुक्त मीडिया प्रभारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे पार्टी की रीति नीति के अनुरूप काम करते हुए संगठन को मजबूत बनाने की अपेक्षा की है।
ग्रामीणों ने सपने में भी नहीं सोचा था, वो काम कर दिखाया कांग्रेस ने
- पहाड़ों की गोद में बसा गांव कोरगाली भी जुड़ेगा सड़क से
- सांसद दीपक बैज और विधायक राजमन बेंजाम ने किया भूमिपूजन
- उबड़ खाबड़ जंगलों, मैदान और पहाड़ों को पैदल पार कर दूसरे गांवों तक जा पाते हैं ग्रामीण
लोहंडीगुड़ा चारों तरफ से पहाड़ों और जंगलों से घिरे गांव कोरगाली के ग्रामीणों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस गांव को भी अन्य गांवों की तरह सड़क की सुविधा कभी मिल पाएगी। छत्तीसगढ़ में डेढ़ दशक तक सत्ता सुख भोगती रही भाजपा की सरकार ने इस गांव को उपेक्षित ही रखा। अब ग्रामीणों के दर्द को दूर करने की पहल कांग्रेस सरकार, बस्तर के सांसद दीपक बैज और चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम ने की है। इनके समवेत प्रयासों से कोरगाली तक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। किसी तरह कोरगाली पहुंचकर सांसद बैज और विधायक बेंजाम ने सड़क निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। बस्तर संभाग में ऐसे दर्जनों गांव हैं, जो ऊंचे – ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे हुए हैं। इन गांवों तक विकास का उजियारा आजादी के सात दशक बाद भी नहीं पहुंच पाया है।

संभाग के बास्तानार विकासखंड में स्थित कोरगाली और वाहनपुर गांव भी इन्हीं अभागे गांवों की सूची में शामिल हैं। नेता और जनप्रतिनिधि चुनावों के दौरान कभी कभार इन दोनों गांवों में पहुंचते थे, वह भी वोट की लालसा के साथ। अन्यथा ये नेता तो कोरगाली और वाहनपुर की तरफ नजरें उठाकर देखना तक पसंद नहीं करते थे। क्योंकि कोरगाली की डगर आसान जो नहीं है। ये अलग बात है कि नेताओं को सत्ता तक पहुंचाने के लिए यहां के मतदाता उनकी राह जरूर आसान बना देते हैं। राज्य में लगातार 15 साल तक सत्ता सुख भोगने वाली भाजपा ने यहां ग्रामीणों के दुख को कभी महसूस ही नहीं किया। भाजपा अब तक कोरगाली और वाहनपुर को वोट बैंक के रूप में ही इस्तेमाल करती आ रही थी। ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तथा ईलाज या प्रसव के लिए अस्पतालों तक पहुंचने के लिए पथरीले और उबड़ खाबड़ जंगल व पहाड़ों को पार कर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। तब कहीं जाकर उन्हें यात्री वाहन की सुविधा मिल पाती है। बीमार परिजनों और प्रसव पीड़ा से बेहाल हो रही महिलाओं को विकासखंड मुख्यालय स्थित चिकित्सालय पहुंचाने में जो त्रासदी यहां के ग्रामीणों को भोगनी पड़ती है, उसे शब्दों में बयां कर पाना उतनी ही मुश्किल है, जितनी कि कोरगाली तक पहुंच पाना। जाहिर जिस गांव ने सड़क तक की सुविधा नहीं है, वहां तक बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं कैसे पहुंच पाएंगी। जब ग्रामीणों की इस त्रासदी की खबर सांसद दीपक बैज और विधायक राजमन बेंजाम को लगी, तब उन्होंने शासन स्तर पर पहल कर कोरगाली और वाहनपुर को सड़क मार्ग से जोड़ने की पहल की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सड़क निर्माण की मंजूरी दे दी। इसके बाद सांसद बैज और विधायक बेंजाम ने रविवार को कोरगाली पहुंचकर सड़क निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि श्री बैज और श्री बेंजाम के वाहन हिचकोले खाते हुए बड़ी मुश्किल से कोरगाली तक पहुंच पाए।सांसद दीपक बैज व विधायक राजमन बेंजाम बास्तनार ब्लाक में सघन जनसंपर्क करते हुए कोरगाली गांव पहुंचे थे। भूमिपूजन के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए श्री बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहने के बाद भी इस गांव में न कोई सांसद न कोई विधायक पहुंच पाया। कोरगाली के ग्रामीण उबड़ खाबड़ मैदानों, जंगल और पहाड़ों को पैदल पार कर भाजपा के जनप्रतिनिधियों तक अपनी समस्या पहुंचाते रहे, सड़क की मांग करते रहे लेकिन भाजपा ने हमेशा कोरगाली और वाहनपुर को अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और हमेशा वहां से वोट लेते रहे। सड़क तक नहीं बना पाए यह बड़े ही दुख की बात है। सांसद श्री बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर मैंने और आपके विधायक राजमन बेंजाम ने सड़क के लिए 4 करोड़ 34 लाख रु. की राशि स्वीकृति दिलाई है।अब कोरगाली भी सड़क से जुड़ जाएगा और यहां पानी, स्वास्थ, शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सड़क बन जाने से गांव के एवम अंतिम घर तक एंबुलेंस सेवा पहुंच पाएगी। दोनों नेताओं ने भाजपा पर जमकर प्रहार करते हुए उससे सावधान रहने की अपील ग्रामीणों से की।

खुशी से झूमते रहे कोरगाली के ग्रामीण
ईडी और सीबीआई के शिकंजे में आएंगे एफसीआई के अधिकारी
- राईस मिलर्स से चावल लेने के एवज में उगाही पर सरकार सख्त
- राईस मिलर्स एसो. के कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर की शिकायत पर केंद्रीय खाद्य मंत्री ने की केंद्रीय एजेंसियों से जांच की सिफारिश
अर्जुन झा
जगदलपुर छत्तीसगढ़ में वर्षों से पदस्थ भारतीय खाद्य निगम के अनेक अधिकारी सीबीआई और ईडी की रडार पर आ गए हैं। छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिशन के धमतरी निवासी कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर द्वारा की गई शिकायत को केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने मामले की सीबीआई और ईडी से जांच कराने की सिफारिश कर दी है।छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिएशन ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई ) के राज्य में पदस्थ अफसरों पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर का कहना है कि एफसीआई के अधिकारी चावल बोरों की लॉट को स्वीकार करने के नाम पर राईस मिलर्स से जमकर रकम की वसूली कर रहे हैं। आरोप है कि रिश्वतखोरी की रकम से इन अधिकारियों ने करोड़ों की बेनामी संपत्ति बना ली है। रौशन चंद्राकर ने मामले की शिकायत केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय खाद्य सचिव, एफसीआई के सीएमडी, चीफ विजिलेंस ऑफिसर, विभागीय ईडी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की है। उन्होंने बताया है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में पदस्थ रिजनल ऑफिसर, सभी जिलों में पदस्थ प्रबंधक लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। ये अफसर पहले 29 मिट्रिक टन चावल की एक लॉट को निगम के गोदामों के लिए स्वीकार करने के एवज में राईस मिलर्स से 6 हजार रुपए बतौर रिश्वत लेते थे। इस वर्ष से इसे बढ़ाकर 7500 रु. प्रति लॉट कर दिया गया है। रिश्वत की रकम में डेढ़ हजार रु. प्रति लॉट बढ़ोत्तरी की जानकारी एफसीआई के अफसरों ने राईस मिलर्स की बैठक लेकर दी थी। बैठक में अफसरों ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री, खाद्य सचिव, सीएमडी तक रकम पहुंचाना पड़ती है, इसलिए निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने रकम बढ़ाने कहा है। रौशन चंद्राकर ने अपनी शिकायत में बताया है कि वर्ष 2021-22 में एफसीआई ने कुल 3244615 मिट्रिक टन चावल मंजूर किया था और इसके एवज में रिश्वत के तौर पर कुल 76.13 करोड़ रुपए वसूले गए थे। वर्ष 2022 – 23 में अब तक 3319342 मिट्रिक टन चावल स्वीकार किया जा चुका है और इसके एवज में 85.85 करोड़ रु. वसूले गए हैं। शिकायत में आगे बताया गया है कि खाद्य निगम के अफसरों ने इस रिश्वतखोरी के चलते अरबों खरबों की संपत्ति अपने रिश्तेदारों के नाम पर बना ली है। रौशन चंद्राकर का कहना है कि जो राईस मिलर्स रिश्वतखोरी का विरोध करते हैं, उनके चावल को तरह तरह की बहानेबाजी कर रिजेक्ट कर दिया जाता है और बिल अटका दिए जाते हैं। राईस मिलर्स पहले दबी जुबान से एफसीआई के अधिकारियों की इस करतूत का विरोध करते रहे हैं। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर ने प्रदेश में एफसीआई अफसरों के भ्रष्टाचार की शिकायत 26 मई को केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भेजकर की थी। चंद्राकर ने मामले की जांच सीबीआई और ईडी से करवाने की मांग की थी। उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराने बाबत प्रक्रिया शुरू करते हुए जांच की सिफारिश की है। इसकी सूचना रौशन चंद्राकर को भी दी गई है।
शो पीस बनकर रह गया सिविल अस्पताल भानपुरी का शव वाहन
- वाहन चालक की नहीं हो सकी है आज तक नियुक्ति, लोग परेशान
- ऑटो या ट्रेक्टर से ले जाना पड़ता है अस्पताल से शवों को
- यह प्रमाण है विधायक चंदन कश्यप की निष्क्रियता का : मौर्य
भानपुरी सिविल अस्पताल भानपुरी में शव वाहन तो है, मगर वह किसी का काम का नहीं रह गया है। एक अदद ड्राईवर की नियुक्ति न हो पाने से शव वाहन अनुपयोगी साबित हो रहा है। आज आलम यह है कि शवों को ऑटो या ट्रेक्टर से ढोना पड़ता है। भानपुरी मंडल भाजयुमो के महामंत्री रामप्रसाद मौर्य ने इसे विधायक चंदन कश्यप की निष्क्रियता का प्रमाण बताया है।दिसंबर 2022 में नारायणपुर क्षेत्र के विधायक चंदन कश्यप ने इस अस्पताल को विधायक निधि से शव वाहन उपलब्ध कराया था। छः माह बीत जाने के बाद भी आज तक शव वाहन के लिए चालक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रबंधन के शेड में लाखों का शव वाहन खड़े खड़े कबाड़ में तब्दील हो रहा है।

क्षेत्र की जनता ऑटो, ट्रैक्टर और किराए के वाहन से अपने परिजनों के शव ले जाने पर विवश हैं। भाजयुमो भानपुरी मंडल के महामंत्री रामप्रसाद मौर्य ने क्षेत्र की जनता से जुड़े इस गंभीर और संवेदनशील मसले को उठाते हुए कहा कि विधायक चंदन कश्यप अस्पताल प्रबंधन को शव वाहन देते हुए फोटो खिंचवाकर बाद की अपनी जिम्मेदारी भूल गए। उन्होंने ड्राईवर नियुक्त कराने की जरूरत ही नहीं समझी। मौर्य ने इसे विधायक चंदन कश्यप की निष्क्रियता का प्रमाण निरुपित किया है। रामप्रसाद मौर्य ने कहा कि अस्पताल में शव वाहन होने के वावजूद उसका क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिल पाना और वाहन चालक नियुक्त नहीं करा पाना विधायक चंदन कश्यप का क्षेत्र के जनता के प्रति असंवेदनशीलता का भी उदाहरण है। आगे उन्होंने कहा कि अस्पताल के शेड ड में खड़े खड़े लाखों का शव वाहन कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है। मौर्य ने कहा कि विधायक अपनी जिम्मेदारी से भागें नहीं, बल्कि तत्काल वाहन चालक नियुक्त करवाकर व्यवस्था को सुचारू बनाएं।
कलेक्टर ने बिखेर दी गरीब बेटी देवकी की अंधेरी जिंदगी में रौशनी
- डीएम की पहल पर मोतियाबिंद पीड़ित देवकी की आंख का हुआ सफल ऑपरेशन
- जनचौपाल में देवकी की मां ने कलेक्टर से लगाई थी गुहार
लोहंडीगुड़ा विकासखंड लोहंडीगुड़ा के हर्राकोडेर गांव की गरीब बेटी देवकी और उसकी मां के लिए बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. मसीहा बनकर पहुंचे। कलेक्टर ने देवकी की अंधेरी जिंदगी में रौशनी बिखेर दी है। मोतियाबिंद पीड़ित देवकी की आंख का सफल ऑपरेशन कलेक्टर की पहल पर हुआ। अब देवकी अपनी पढ़ाई बेहतर ढंग से जारी रख सकेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप पहल करते हुए बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. और तमाम प्रशासनिक अधिकारी गांवों में जाकर ग्रामीणों का दुख दर्द साझा करते हुए लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए जमीनी पहल कर रहे हैं प्रशासन का प्रयास है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को शासन की योजनाओं, सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं आदि का लाभ मिले। इसी कड़ी में बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के अति संवेदनशील क्षेत्र स्थित हर्राकोडेर गांव में कलेक्टर विजय दयाराम के. की मौजूदगी में जिला प्रशासन द्वारा 1 जून को चौपाल लगाई गई थी।

इसी दौरान गांव की एक आदिवासी महिला अपनी पंद्रह वर्षीय बेटी देवकी ठाकुर के साथ चौपाल में पहुंची थी। महिला ने कलेक्टर को बताया कि सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली देवकी की दोनों आंखों में बचपन से मोतियाबिंद है तथा उसे कुछ मानसिक बीमारी भी है। नजर कमजोर होने के कारण देवकी ढंग से पढ़ाई नहीं कर पाती। कलेक्टर ने तुरंत मौके पर उपस्थित लोहंडीगुड़ा के बीएमओ डॉ. नारायण नाग को निर्देश दिया कि देवकी को यथाशीघ्र मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल डिमरापाल अथवा जिला चिकित्सालय जगदलपुर ले जाकर उसकी आंखों का ऑपरेशन और मानसिक बीमारी का ईलाज कराएं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंडीगुड़ा की टीम ने देवकी ठाकुर को स्व. बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज डिमरापाल पहुंचाया, जहां उसकी दांयी आँख के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन शनिवार को नेत्र चिकित्सक एवं नोडल अधिकारी डॉ. सरिता थॉमस और उनकी टीम ने किया। ऑपरेशन के उपरांत देवकी को ठीक से दिखाई देने लगा है। दूसरी आंख के ऑपरेशन के बाद देवकी की मानसिक बीमारी का भी ईलाज शुरू किया जाइगा।*बॉक्स**मां – बेटी के लिए मसीहा बनकर आए कलेक्टर* दोनों आंखों से ठीक से दिखाई न देने के कारण देवकी की पढ़ाई में बाधा आ रही थी और उसका भविष्य अंधेरे में गुम होता जा रहा था। कलेक्टर विजय दयाराम के ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए देवकी की अंधेरी जिंदगी में उजियारे की किरण बिखेर दी है। देवकी और उसकी मां कलेक्टर विजय दयाराम के. को देवतुल्य मानने लगी हैं। उन्होंने कहा कलेक्टर साहब हमारे लिए मसीहा बनकर हमारे गांव में आए थे। देवकी और उसकी मां की मंशा है कि पूरी तरह ईलाज हो जाने के बाद दोनों मां बेटी कलेक्टर का आभार जताने जगदलपुर जाएंगी, लेकिन गरीबी और आर्थिक तंगी उन्हें अपने मसीहा से मिलने से रोकती प्रतीत हो रही है। कलेक्टर की सादशयता की चर्चा समूचे विकासखंड में हो रही है।*बॉक्स**मोतियाबिंद मुक्त होगा बस्तर जिला*जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग बस्तर जिले को मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने हेतु मिशन मोड में कार्य कर रही है। जिस हेतु सघन सर्वे अभियान 15 मई से प्रारंभ किया गया था, सर्वेक्षण में चिन्हांकित मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन प्रारंभ कर दिया गया है। मोतियाबिंद सर्वे के दौरान कुल 35 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किये गये हैं। नियमित रूप से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, डिमरापाल में ऑपरेशन किये जा रहे है। अभियान अंतर्गत सभी आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क स्क्रिनिंग, जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने मनाया शहीद दिवस
कल दिनाँक 03 जून को जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने 2,3 जून 1977 के दल्ली राजहरा के लाल मैदान पर अपने हक अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे मजदूरों के ऊपर पुलिसकर्मियों ने गोली चला दिया जिसमें एक बालक सुदामा सहित 11 मजदूर साथी शहीद हो गए जिनके याद में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ प्रति वर्ष 2,3 जून को लाल सलामी दिवस के रूप में मनाते आ रहे है। कल जन मुक्ति मोर्चा के सैकड़ों मजदूर कार्यकर्ता साथी साम 05 बजे जन मुक्ति मोर्चा कार्यालय में एकत्रित होकर लगभग 06 बजे के आस पास रैली निकाल कर शहीद स्मारक पहुंच कर सभी 11 शहीद साथियो को श्रद्धांजलि अर्पित किए और नव बिहान के साथियो ने जन गीत भी प्रस्तुत किये।…इस शहादत दिवस के कार्यक्रम पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के मूलचंद चंदेल, बसन्त रावटे, यादराम कोर्राम, पवन विश्वकर्मा, सुशील निषाद, पुसउ राम साहू, चंद्रशेखर यादव, संजय निषाद, हितेश साहू, के साथ सैकड़ो मजदूर साथी उपस्थित हुए।




जन्म से लेकर मृत्यु तक हमें जोड़े रखती है डाकसेवा : दीपक बैज
- ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण, उनकी मांगों से हम हैं सहमत : रेखचंद जैन
जगदलपुर अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ का द्विवार्षिक सम्मेलन यहां आयोजित किया गया। सम्मेलन में बस्तर के सांसद दीपक बैज और संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन बतौर अतिथि उपस्थित थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा कि आज भले ही संचार के आधुनिक तकनीक आ गए हैं, अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। बावजूद डाक सेवा का महत्व आज तक कम नहीं हो सका है। जन्म से लेकर मृत्यु तक हर परिस्थिति में डाक सेवा हमें जोड़ने का काम करती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी डाक सुविधाओं का महत्व कायम है। डाक विभाग से हम सभी की खट्टी-मीठी यादें जुड़ी हुई हैं। केंद्र की भाजपा सरकार डाक सेवा को धीरे धीरे बंद करने का प्रयास कर रही है। पर हम सभी आपके साथ हैं और केंद्र सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध करते रहेंगे। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि डाक विभाग के साथ मेरा बचपन से संबंध रहा है, क्योंकि बस्तर का डाक सेवा मुख्यालय और मेरा घर आमने-सामने हैं। बचपन से मैं आपके कार्यों को देखते आ रहा हूं। उन्होंने डाक सेवकों की मांगों पर सहमति जताते हुए कहा कि हमारे लोकप्रिय और युवा सांसद दीपक बैज हर मुद्दे पर संसद में मुखर रहते हैं और आपकी मांगों को भी वे संसद में जरूर उठाएंगे।
अब महिला आयोग के लपेटे में आए डॉ. राजन, आज होगी पेशी
- स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव ने दर्ज कराया है प्रताड़ना का मामला
जगदलपुर बीएमओ से संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं पद तक पहुंचे डॉ. डी राजन का विवादों से पुराना नाता रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद भी विवाद से उनका पिंड छूटता नजर नहीं आ रहा है। अब उन्हें एक महिला स्वास्थ्य कर्मी को प्रताड़ित और अपमानित करने के मामले में राज्य महिला आयोग के समक्ष हाजिरी और सफाई देनी होगी। महिला आयोग में डॉ. राजन की पेशी 5 जून को होने वाली है।बीएमओ और सीएमएचओ पदों पर रहने के दौरान डॉ. डी राजन पर आर्थिक गड़बड़ी के आरोप तो लगते ही रहे, कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के भी संगीन आरोपों से वे घिरे रहे। स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव उन्हीं प्रताड़ित स्वास्थ्य कर्मियों में शुमार है। आरोप है कि बीएमओ और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पदों पर रहने के दौरान डॉ. राजन स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव को भरी बैठक में असंसदीय और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल कर प्रताड़ित करते रहे। वे सोनिया यादव के खिलाफ निम्न स्तर की भाषा इस्तेमाल करते थे। इस मामले की शिकायत सोनिया यादव ने जिला प्रशासन से तथा विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष की थी। जिला प्रशासन की समझाईश के बाद डॉ. राजन ने सोनिया प्रमोद यादव का फिर कभी अपमान न करने की बात कही थी, मगर उनका रवैया नहीं बदला। प्रमोशन मिलने के बाद तो डॉ. राजन हमेशा सोनिया प्रमोद यादव को अपने टारगेट पर रखने लगे। अंततः सोनिया यादव ने राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। महिला आयोग ने कार्य स्थल पर महिला कर्मी को प्रताड़ित किए जाने का मामला दर्ज किया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक 5 जून को जगदलपुर कलेक्टर कार्यालय स्थित प्रेरणा सभाकक्ष में मामले की सुनवाई करेंगी।
आज होगी आठ मामलों की सुनवाई
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक कलेक्टर कार्यालय जगदलपुर के सभागृह में 5 जून को स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव के मामले के अलावा सात अन्य मामलों पर भी सुनवाई करेंगी। इन मामलों में जगदंबा सेना, कविता नेगी, रीता बघेल, मीनाक्षी पराशर, प्रीति ठाकुर, शांति देवांगन और भारती ठाकुर की प्रताड़ना से जुड़े मामले शामिल हैं।












