City Media - Page 1290 of 1857 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1290

नगर पालिक निगम के मुक्तिधाम में गैस आधारित शवदाह गृह का लोकार्पण प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया

0

जगदलपुर। नगर पालिक निगम के मुक्तिधाम में गैस आधारित शवदाह गृह का लोकार्पण प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया। इस दौरान संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, निगम अध्यक्ष कविता साहू समेत अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुक्तिधाम में गैस आधारित शव दाह गृह का 58.54 लाख की लागत से निमार्ण किया गया है। वही दंतेश्वरी मंदिर के सामने नये स्काई लिफ्ट का विधिवत पूजा प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के द्वारा किया गया। स्काई लिफ्ट की लागत 30.50 हजार रुपये है। इस मौके पर लखमा ने कहा कि यह अच्छी बात है कि बस्तर संभाग का पहला विद्युत शवदाह गृह का लोकार्पण मेरे द्वारा किया गया। राज्य में 2 या 3 जगह ही विद्युत शवदाह गृह है। दिवंगत के शव को कुछ मिनटों में भस्म कर दिया जाएगा। इसमें लकड़ी और अन्य सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी, यह समय की मांग है। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर में भी अनेक शव यात्रा में मैं शामिल हुआ जहां विद्युत शवदाह गृह नहीं है। विशेषकर बारिश के समय जब लकड़ी गीली हो जाती है उस दौरान शव यात्रा में पहुंचे लोगों को अंतिम संस्कार के समय शव को आग लगाने में काफी परेशानी होती है। अब यहां विद्युत शवदाह गृह होने से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिलेगी। महापौर सफीरा साहू ने कहा कि मुक्तिधाम के उन्नयन के लिए नगर निगम द्वारा अनेक कार्य किए गए हैं। इंद्रावती नदी में शव जलाने के बाद अवशेष के प्रवाहित करने से जल प्रदुषित हो रहा था यह भी इससे नहीं होगा। काफी समय से इसकी मांग रही और आज प्रभारी मंत्री के करकमलों से शहरवासियों को सौगात मिली। पूजा विधान में एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, विक्रम सिंह डांगी, पार्षद सूर्या पानी, बलराम यादव, सुखराम व पार्षदगण, आयुक्त प्रेम कुमार पटेल व अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
सुरेश रावल, मीडिया सलाहकार

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

ग्राम पंचायत साडरा से सटे छोटा नाला से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक से हो रहा अवैध रेत परिवहन

0

जगदलपुर/लोहंडीगुड़ा। जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर विकासखंड के ग्राम पंचायत साडरा के समीप छोटा नाला से प्रतिदिन अवैध रूप से रेत उत्खनन का कार्य जारी है।

प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक के साथ-साथ टै्रक्टर के द्वारा पोकलेन के माध्यम से रेत की अवैध निकासी की जा रही है। इस बाबत जब ग्राम सरपंच डोमनी देवी से चर्चा की गई उनका कहना था कि इस बाबत आप मेरे पति से चर्चा कर लीजिए जब महिला सरपंच के पति से चर्चा की गई तब उनका कहना है कि ग्राम के कुछ असमाजिक तत्व समुह बनाकर रेत उत्खनन के कार्य को अंजाम दे रहे हैं। मैने कई बार ऐसा कार्य नहीं करने हेतु कहा लेकिन वे हम बेरोजगार हैं ऐसा नहीं करेंगे तो हमारी रोजी-रोटी कैसे चलेगी, ऐसा कहकर उन्होंने मेरी बात मानने से इंकार कर दिया। छोटे नाले से रेत उत्खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे समझाने पर लडऩे-झगडऩे को उतारू हो जाते हैं। इस मामले में क्षेत्रीय एसडीएम से जब चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की पता कर जांच कराता हूं।

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

चोर आया, चोरी किया पुलिस ने पकड़ लिया, चोरी कैसे हुई नहीं मालूम – नगर पुलिस अधीक्षक

0

जगदलपुर

असामाजिक तत्वों पर लगातार कार्यवाई करते हुए एक बार फिर बस्तर पुलिस को चोरी के मामले में आरोपी को चांदी के आभूषणों सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है. हालाँकि, चोरी कहाँ पर की गयी है इस बात की जानकारी पुलिस भी पुख्ता तौर पर नहीं दे पा रही है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नगरनार क्षेत्र में पुलिस को सुचना मिली थी की ग्राम भेजापदर क्षेत्र में चोरी के चांदी के आभूषण रखकर एक व्यक्ति बेचने के फिराक में घूम रहा है. पुलिस द्वारा जानकारी लिए जाने पर उसकी पहचान धनपती रंधारी निवासी नवरंगपुर (उड़ीसा) निवासी के तौर पर हुई एवं इसके कब्जे से 04 नाग मुकुट व अन्य श्रृंगार की सामग्री जप्त हुई जिका वजन 4.3 किलो है. जप्त की गयी चांदी के सामन की कीमत तक़रीबन 2.82 लाख है. आरोपी के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 41(1-4) व 379 भादवि के तहत कार्यवाई की गयी है. नगर पुलिस अधीक्षक हेम सागर सिद्दार से कई बार पत्रकारवार्ता में सवाल किया गया की चोरी कहाँ हुई पर उन्होंने इसका कोई पुख्ता जवाब नहीं दिया.

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

अंतरराष्ट्रीय कराटे टूर्नामेंट में बस्तर के खिलाड़ियों का जलवा, जीते पदक

0

जगदलपुर । विशाखापट्टनम मे 8 व 9 जनवरी को आयोजित अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों सहित भूटान, नेपाल, बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया । कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष आयोजित उक्त प्रतियोगिता में अन्य देशों के खिलाड़ी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए । प्रतियोगिता कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए संपन्न करवाया गया । बस्तर संभाग के कराटे खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लेकर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रधान के आधार पर पदकों पर अपना कब्जा जमाया । तथा प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षक फिल्म जगत के स्टार सुमन तलवार (गब्बर इज बैक फ्रेम) थे । उन्होंने सभी निर्णायक, प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । साथ ही सभी कराटे खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए मंच से नीचे आकर उनके साथ फोटो भी खींचवाया ।

उक्त अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में बस्तर के खिलाड़ी अनीता पोडियम, हिमानी ओटे, अनीश वेको, हर्षवर्धन झाड़ी, निकेत भगत, तँकेश्वर बेसरा, अभिषेक कावड़े, ओम नाग, संदीप डोंगा, धनेश्वर शोरी, ज्वाला सिंह ठाकुर, लक्ष्मी नारायण कश्यप आदि ने छत्तीसगढ़ शोतोकान कराते डो एसोसिएशन के अध्यक्ष व मुख्य प्रशिक्षक सरजीत सिंह बख्शी और टीम मैनेजर विजेंद्र नाथ ठाकुर तथा कोच भाग्य कुमार दगड़ा मांझी के मार्गदर्शन में टूर्नामेंट में खेलते हुए मेडल प्राप्त किए । प्रतियोगिता में मुख्य प्रशिक्षक सरजीत सिंह बख्शी ने +18 वर्ष के ऊपर काता में गोल्ड मेडल प्राप्त किया । वहीं अन्य खिलाड़ी अनीश वेको, 55 किलोग्राम फाइट में गोल्ड मेडल, कुमारी अनिता पोडियम +40 किलोग्राम फाइट में गोल्ड मेडल प्राप्त किया । ज्वाला सिंह ठाकुर +18 वर्ष काता में सिल्वर मेडल, वही अन्य धनेश्वर शोरी -50 किलोग्राम फाइट में सिल्वर मेडल प्राप्त किया । वहीं अन्य खिलाड़ी ओम नाग-53 कि. ग्रा, अभिषेक कावड़े -56 कि. ग्रा, टंकेश्वर बेसरा -66 कि. ग्रा. फाइट में ब्रोंज मेडल प्राप्त कर बस्तर जिले का नाम रोशन किया ।

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

सभी विजयी खिलाड़ियों को बस्तर अंचल के कराटे प्रशिक्षक और खिलाड़ियों ने अपनी शुभकामनाएं दी।

चिखलाकसा – फूड पॉयजन के कारण 4 बच्चो की तबियत बिगड़ी

0

चिखलाकसा :- चिखलाकसा के वार्ड क्रमांक -11 मे फूड पॉयजन के कारण 4 बच्चो की तबियत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें लगातार उल्टी, पेट मे दर्द और बुखार आने लगा । तत्पश्चात स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों द्वारा 108 एंबुलेंस को कॉल करके बुलाया गया और तुरन्त चिखलाकसा स्थिति सरकारी अस्पताल मे भर्ती कराया गया। 

सिटी मीडिया द्वारा डॉ. चुनारकर से इस सम्बन्ध में बात करने पर बताया कि चार बच्चों में से 02 बच्चों को एडमिट करने की जरुरत ही नहीं पड़ी उन्हें दवाई देकर घर भेज दिया गया था किन्तु दो बच्चे दिशा 10 वर्ष एवं शुभम 03 वर्ष को एडमिट किया गया था जिसमे दिशा का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है एवं शुभम के लिए डॉक्टर ने उनके परिजनों को सलाह दी कि एक बार चाइल्ड स्पेशलिस्ट (बच्चों के डॉक्टर) को दिखा देंगे पर बच्चा अभी ठीक है |

डॉक्टर से जब बच्चों के स्वास्थ्य बिगड़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बच्चों की यह हालत फूड पॉयजन के कारण ऐसी स्थिति निर्मित होती है और फूड पॉयजन का कारण गंदा पानी पीना, खराब भोजन या बासी खाने का सेवन  करना या सही आहार नही मिलने के कारण हुआ है। 

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

घटना की जानकारी मिलते ही चिखलाकसा नगर पंचायत अध्यक्ष भीखी मसिया, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैय्यद , सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे, नगर पंचायत सीएमओ सरकारी अस्पताल पहुँचकर बच्चो की स्वास्थय की जानकारी ली गई।

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

Breaking Corona Alert – जाने ! आज दल्लीराजहरा में कितने कोरोना संक्रमित मिले

0

दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा में बहुत तेजी से लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है | कोरोना के मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो लॉकडाउन जैसी स्थिति निर्मित होने में समय नहीं लगेगा | कोरोना के मिल रहे मामलों के बाद भी लोग नहीं चेत रहे हैं और बेफिक्र होकर घूम रहे हैं जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा मास्क न पहनने वालों पर चालानी कार्यवाही की गई एवं व्यापारी संघ द्वारा लोगों को मुफ्त में मास्क भी बांटा गया |

दल्लीराजहरा में नए कोरोना संक्रमित पाए गए, वार्ड के अनुसार इस प्रकार है –

विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

बीएसपी प्रबंधन से वेतन समझौते को लेकर स्थानीय यूनियनों की आपस में ठनी

0

दिनांक 07.01.2022 को तीन श्रम संगठनों, बीएमएस, एटक और इंटुक ने स्थानीय बीएसपी प्रबंधन के साथ एक समझौता किया और उसे सभी के समक्ष तत्काल रखा जिसका दो श्रम संगठन सीटू और सीएमएसएस ने यह कहते हुए विरोध किया कि उक्त समझौता नियमीत एवं ठेका श्रमिकों के हितों के विरुद्ध है और केवल दिखावा है। उनके द्वारा यह भी प्रचारित किया गया कि ठेका श्रमिकों के लिए प्रबंधन एवं तीन श्रम संगठनों के बीच खदान भत्ते के रूप में रुपये 150/- प्रतिदिन के हिसाब से जो समझौता हुआ है वह संभव ही नहीं है एवं उसके लिए ठेका श्रमिकों का वेतन कम से कम रुपये 39000/- प्रतिमाह होना चाहिए। उसके उपरांत इन दोनों श्रम संगठनों ने ठेका श्रमिकों को गुमराह करते हुए एक दिन का वेतन कटवाया और क्या हासिल करवाया उसका विस्तृत विश्लेषण करते हुए तीनों श्रम संगठन के प्रतिनिधियों ने विज्ञपति जारी करते हुए कहा कि इन्हे पढ़ने के बाद सभी नियमित कर्मीगण/ठेका श्रमिक स्वयं निर्णय लेवें कि उक्त दोनों श्रम संगठन कर्मचारियों के कितने शुभचिंतक हैं अथवा उन्होंने नियमित कर्मचारियों/ठेका श्रमिकों के लिए अलग से क्या किया ?

तीन श्रम संगठनों ने मिलकर दासा के मामले में नए मूल वेतन के 8% राशि को दासा के रूप में लेना स्वीकार इसलिए किया क्योंकि उक्त निर्णय केंद्र सरकार का है और पूर्व में भी दिए जा रहे 10% राशि का निर्णय भी केंद्र सरकार का ही था। लेकिन इस आपत्ति के साथ किया कि उक्त आदेश आम नियमित कर्मचारियों पर लागू नहीं होती और प्रबंधन ने यह आश्वस्त किया कि वह सम्बंधित मंत्रालय से इस सम्बन्ध में दिशा निर्देश प्राप्त कर दो माह के भीतर निराकरण करेगा। दूसरी तरफ इन दो श्रम संगठनों ने भी इसी शर्त पर 8% राशि को दासा हेतु लेना स्वीकार किया कि वे इस मामले को एनजेसीएस के फोरम में उठाने हेतु स्वतंत्र हैं। दासा के एरियर्स के मामले में तीनों श्रम संगठनों ने जिन शर्तों के साथ दासा के एरियर्स को न देने का विरोध किया लगभग उन्ही शर्तों के आधार पर दोनों श्रम संगठनों ने भी विरोध किया। एरियर्स की तिथि में अंतर पर तीनों श्रम संगठनों ने कहा कि तीनों श्रम संगठनों के स्थानीय प्रतिनिधियों ने एक साथ यह निर्णय लिया कि अगर दिनांक 01.04.2020 से मिले एरियर्स की तरह उसी दिनांक से दासा के एरियर्स राशि का भी भुगतान होता है अैर सब-कमिटी एवं प्रबंधन के बीच दिनांक 01.01.2017 से एमजीबी के एरियर्स भुगतान हेतु सहमति बनती है तो मिले हुए दासा एरियर्स के आधार पर ही 01.01.2017 से नए मूल वेतन के आधार पर दासा एरियर्स का भी स्वतः भुगतान होगा।

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

सीटू और सीएमएसएस द्वारा 01.01.2017 से ही एरियर्स की राशि को माँगा गया है। दोनों समझौते में मामले का निराकरण हेतु प्रबंधन द्वारा दो माह का समय माँगा गया है। एक तरफ तीनों श्रम संगठनों ने पिछले वेतन समझौते के बाद के दासा राशि के एरियर्स पर चर्चा की जिसपर प्रबंधन ने इस शर्त पर मामले पर सकारात्मक कदम उठाकर भुगतान करने की बात कही कि अगर पूर्व में आरएमडी के खदानों में दिए गए दासा के एरियर्स को प्रबंधन द्वारा रिकवरी नहीं की गयी है तो राजहरा के खदान कर्मियों को भी इसका भुगतान एक माह के अंदर कर दिया जावेगा। इस मामले पर सीटू एवं सीएमएस द्वारा कोई चर्चा नहीं। ऐसे में दोनों समझौते में क्या अंतर है इसका निर्णय कर्मचारी स्वयं लेवें।

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

ठेका श्रमिकों के लिए तीनों श्रम संगठनों ने दासा के रूप में रुपये 150/- प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करने की मांग की जबकि इन दोनों श्रम संगठनों ने इसे मूल वेतन के आधार पर 25% देने की मांग की जबकि अपने मांग पत्र में इन्होंने खुद 10% की मांग की थी?? जब प्रबंधन ने तीनों श्रमिक संगठन के साथ 150 रुपये देने पर सहमति जता दी, तब ये जो 10% मांग कर श्रमिकों का बड़ा नुक़सान करने पर तुले थे , मजबूरी में 25% की मांग की मगर इसमें भी ठेका श्रमिकों का नुक़सान हो रहा है। अब दोनों ही मामले में प्रबंधन ने इसे खदान भत्ता के रूप में देने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। सीटू एवं सीएमएसएस द्वारा ठेका श्रमिकों को यह भी कहा गया है कि उनका यह 25% राशि हर 06 माह के बाद बढ़ता रहेगा। यह बात सर्वविदित है कि किसी भी भत्ते का भुगतान केवल मूल वेतन के आधार पर होता है और दासा अगर मूल वेतन के आधार पर निश्चित किया जाता है तो मूल वेतन में परिवर्तन होने पर ही दासा की राशि बढ़ेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि हर 06 माह में श्रमिकों का केवल डीए बढ़ता है। कई दशकों से ठेका श्रमिकों का मूल वेतन बहुत ही कम था जिसे कि केन्द्र सरकार ने 19.01.2017 से बढ़ाया गया। लेकिन अगर प्रबंधन इन दोनों श्रम संगठन के द्वारा प्रचारित तथ्यों के आधार पर प्रत्येक 06 माह में ठेका श्रमिकों के दासा राशि में बढ़ोतरी करती है तो प्रत्येक तीन माह में डीए के बढ़ने से समस्त सेल के नियमित कर्मियों के दासा और पर्क्स में भी वृद्धि होगी |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

श्रम संगठनों के दोनों समूहों द्वारा ठेका श्रमिकों के लिए तय किये जाने वाले खदान भत्ता के तरीके से ठेका श्रमिकों को क्या मिलेगा इसकी जानकारी देते हुए तीनों श्रम संगठनों ने बताया कि उनके द्वारा प्रस्तावित रुपये 150/- प्रति दिन के हिसाब से अगर भुगतान किया जाता है तो सभी ठेका को सामान रूप से प्रति माह रुपये 3900/- खदान भत्ता के रूप में मिलेगा। वहीँ मूल वेतन के 25% को आधार बनाकर खदान भत्ता की राशि तय की जाती है तो विभिन केटेगरी के श्रमिकों को उनके केटेगरी के मूल वेतन के आधार पर ही खदान भत्ता मिलेगा जो कि इस प्रकार से होगा – अकुशल वर्ग के लिए प्रतिदिन उसके मूल वेतन रुपये 350/- के हिसाब से जो राशि तय होगी वह प्रति माह रुपये 2275/- होगी जिससे उसे रुपये 1625/- प्रतिमाह का नुकसान होगा। इसी तरह से अर्ध कुशल वर्ग को प्रतिमाह रुपये 1060/- और कुशल वर्ग को रूपए 501/- का नुकसान होगा। उच्च कुशल वर्ग को मात्र रूपए 65/- का ही लाभ होगा। ठेका श्रमिकों को यह नुकसान उस समय तक उठाना पड़ेगा जब तक कि केंद्र सरकार द्वारा उनके मूल वेतन को नहीं बढ़ाया जाता है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

जहाँ तक नाईट अलाउंस एवं छुट्टी के पैसे की बात है तो वह पहले भी मिलता था और अब तो सभी ठेकों में इसका निविदा के शर्तो लिखित उल्लेख किया जा रहा है उसके बाद सिटू और सीएम एस एस का यह कहना कि नाईट एलाउंस और छुट्टी का पैसा ठेका श्रमिकों को दिलवाया जायेगा पूरी तरह हास्यास्पद लगता है।लेकिन फर्क सिर्फ इतना था कि प्रबंधन के स्थानीय अधिकारीयों द्वारा कुछ ठेकेदारों द्वारा पालन कराया जाता था और कुछ ठेकेदारों को इससे छूट दी जाती थी। कुछ ठेकों में नाईट अलाउंस रुपये 90/- प्रति रात्रि के हिसाब से भुगतान कराया जाता है तो कुछ ठेकों में रुपये 50/- के हिसाब से और कुछ में बिलकुल नहीं। शिकायत मिलने पर प्रबंधन ने अब सभी नए निकलने वाले ठेकों में इसे जोड़ना शुरू भी कर दिया है। ऐसे में इसकी मांग करने का क्या औचित्य है यह समझ से बाहर है। दरअसल ये दोनों श्रम संगठन अपने सदस्यों को किसी भी ठेके के नियम और शर्त की जानकारी नहीं देती है क्योंकि इसकी जानकारी छुपाकर वे ठेका श्रमिकों को भ्रमित करते रहते हैं, उनका शोषण करते हैं और दूसरी तरफ प्रबंधन को भी ब्लैक मेल करने की कोशिश करते हैं। 07 तारीख को जो हड़ताल सिटू और सीएम एस एस ने किया उसमें ईस हड़ताल को हवा देने का काम एक भ्रष्ट ठेकेदार ने किया और सिटू और सीएम एस एस के नेता उसे मौन सहमति देने में लगे रहे।आज वो भ्रष्ट ठेकेदार जो ठेका श्रमिकों को उनका पुरा वेतन और एलाउंस का भुगतान नहीं करता है। ठेका श्रमिकों की ईपीएफ की राशि को डकार जाता है।तो आप समझ सकते हैं कि एक भ्रष्ट ठेकेदार के साथ मिलकर सिटू और सीएम एस एस श्रमिकों का भला करना चाहते हैं या भ्रष्ट ठेकेदार का आज उस भ्रष्ट ठेकेदार पर ठेका श्रमिकों के पैसे गबन करने के प्रमाणित आरोप लगे हैं जिस पर कार्रवाई होनी है ऐसा लगता है उस कारवाई को रोकने के लिए हड़ताल किया गया था जिससे प्रबंधन पर दबाव डालकर कारवाई रोकी जा सके और इसमें बलि का बकरा कुछ नियमीत कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को उनका एक दिन का वेतन कटवा कर बनाया गया।और जो समझौता हम तीनों श्रमिक संगठनों ने किया था उससे कुछ अलग तो नहीं कर पाये बल्कि नियमित और ठेका श्रमिकों का नुक़सान करने में लगे थे ऐसे लगता है।

यहां एक बात और ठेका श्रमिकों को समझना है कि जिस तरह से सिटू और सीएम एस एस बहुत जोर शोर से प्रचारित करने में लगे हैं कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा बनाई गई कमेटी जो अपना रिपोर्ट 20 तारीख को देने वाली थी अब वो 15 तारीख को देगी और ईसे ये क्रन्तिकारी सफलता मान रहे हैं जो पूरी तरह हास्यास्पद है क्योंकि ठेका श्रमिकों को भुगतन 01-04-2022 से ही किया जायेगा जो समझौता हम तीनों श्रमिक संगठनों ने किया है।अब सिटू और सीएम एस एस के नेता जवाब दें कि कमेटी रिपोर्ट 15 तारीख को दे या 05 तारीख को भुगतन तो तीनों श्रमिक संगठनों के द्वारा किए गए समझौते के अनुसार 01-04-2022 से ही किया जायेगा |

अंत में तीनों श्रम संगठनों ने इन दोनों श्रम संगठनों से निवेदन किया कि वे उनके और प्रबंधनके बीच हुए सहमति और समझौते के कागज को सार्वजानिक करें ताकि सच्चाई सामने आ सके। तीनों श्रम संगठनों ने अपने किये समझौते को नियमित एवं ठेका श्रमिकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया तथा भविष्य में सीटू और सीएमएसएस के नेताओं के ऐसे किसी भी तरह के धोखे और प्रपंच से बचने की अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं तथ्यों का आंकलन करते हुए सही और गलत का निर्णय करें।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन के प्रयासों से धनपूंजी के दो जरूरतमंदों को मिली तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता

0

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं (श्रम विभाग) रेखचंद जैन के प्रयासों से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनपूंजी के जगन्नाथ बिसाई को दो लाख रुपए एवं महादेव बिसाई को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से प्रदान की गई |

विदित हो की जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनपूंजी के जगन्नाथ बिसाई एवं महादेव बिसाई गंभीर बिमारी से पीड़ित होकर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे उन्होंने विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के माध्यम से प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुजारिश की थी जिसपर संवेदनशील विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को आर्थिक सहायता प्रदान करने की अनुशंसा की थी जिस पर प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने जगन्नाथ बिसाई को दो लाख रुपए एवं महादेव बिसाई को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की अनुमति प्रदान की |

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर जगन्नाथ बिसाई एवं महादेव बिसाई ने प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एवं विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का आभार व्यक्त करते हुए कहा की आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर अब वे अपना इलाज अच्छे से करवा सकते हैं इसके लिए वे प्रदेश की संवेदनशील कांग्रेस सरकार का आभार व्यक्त करते हैं |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, संभागीय सरपंच संघ के अध्यक्ष लैखन बघेल,ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विरेन्द्र साहनी, सियाराम नाग, घनश्याम महापात्र, राधेश्याम सेठिया,घासीराम सेठिया उपस्थित रहे |

ग्राम बोड़नपाल -02 के किसानो को विधायक चंदन कश्यप ने किया मक्का बीज वितरण

0

भानपुरी । बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बोड़नपाल- 02 मे छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने किसानो को मक्का बीज वितरण किया। बीज वितरण कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया गया।

विधायक चंदन कश्यप ने किसानो को संबोधित करते हुए कहा कि खेती से ही हमारी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन हमको केवल एक ही फसल का खेती नहीं करनी है हमको मौसम के हिसाब से अलग अलग फसल का खेती करना है। अभी हमारी सरकार किसानो के हित मे कार्य कर रहीं है आप सभी इसका लाभ ले। मक्का बीज निःशुल्क वितरण हो रहा है इसका सही समय मे उपयोग कर इसका लाभ ले । इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान , सरपंच उमाकांत कश्यप, दुकारु कश्यप, कामेश्वर कश्यप, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सी एल मण्डावी, कृषि विकास अधिकारी राजेन्द्र तोमर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर पी शुक्ला, सहायक तकनीकी प्रबन्धक शिवेंद्र वर्मा, क्षेत्र के किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

अपराध एवं कानून व्यवस्था, नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को मिली सफलता, विगत तीन वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष अपराधों में लगातार आई कमी – आईजी सुन्दरराज

0

जगदलपुर

छत्तीसगढ़ शासन की योजना विश्वास, विकास, सुरक्षा त्रिवेणी कार्य योजना के तहत बस्तर संभाग में बस्तर पुलिस ने तीन वर्षों में 36 नए नवीन कैम्प खोले जाने की बात बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने बताई है. इन कैंपों को खोले जाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि नक्सलियों के गतिविधियों पर कड़ी कार्यवाही किया जा सके. इसके लिए एक वर्ष के अंदर ही 14 नवीन केम्प खोले गए है.

आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में तैनात छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ ही सशस्त्र सुरक्षा बल द्वारा अच्छे कार्य करते हुए नक्सल क्षेत्रों के साथ ही नक्सलियों के ऊपर कार्यवाही किया जा सके, इसी मंशा पर बेहतर कार्य करने के साथ ही शांति व्यवस्था बनाये रखने व रुके हुए विकास को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है. जिसमें वर्ष 2021 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ ही क्षेत्र की जनता के अनुसार विकास कार्य करते हुए 14 नवीन सुरक्षा केप को खोला गया.

आईजी सुन्दरराज ने बताया कि वर्ष 2021 में अपराध एवं कानून व्यवस्था, नक्सल विरोधी अभियान जैसे महत्त्वपूर्ण मसलों के साथ कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों को शांतिपूर्वक ढंग से निपटने में बस्तर पुलिस ने संवेदनशीलता एवं धैर्य के साथ सामना किया जिसके तहत क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने में काफी हद तक सफलता मिली. हालाँकि, बस्तर संभाग में 2018 की तुलना में 2019 में पंजीबद्ध अपराधों में 5% की वृद्धि, इसी प्रकार 2020 में 4% की वृद्धि हुई, वहीँ 2021 में अपराध की दर में 3% की वृद्धि हुई जिससे यह साबित होता है कि अपराध के दरों में लगातार कमी हुई है. हालाँकि, हत्या के प्रयास, लूट, लज्जा भंग, बलवा, मारपीट, दहेज़ प्रताड़ना, दहेज़ मृत्यु जैसे मामलों में कमी आई है किन्तु, हत्या, नकबजनी, चोरी, अपहरण, धोखाधड़ी जैसे मामलों में आंशिक वृद्धि भी हुई है.

बस्तर के रेखाघाटी, दंतेवाड़ा के नहाड़ी, कोंडागांव के पुंगारपाल, बीजापुर के गलगम, नुगूर, जैगूर, मिनकापल्ली, नारायणपुर, कांकेर के अंजरेल, सुकमा के बड़ेसेट्टी, मुकरम नाला, मनकापाल, सिलगेर मोकुर, कोलाईगुड़ा व करीगुडम में नए कैम्प खोले गए हैं, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बनाये जा रहे सुरक्षा केम्पों को स्थानीय जनता के मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है, बस्तर संभाग के सुरक्षा कैम्पों को समग्रित विकास कार्य चयनित कर इन स्थानों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक प्रणाली, बिजली, बैंक, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराते हुए क्षेत्रवासियों को शासन प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है.

आज के पत्रवार्ता के दौरान आईजी के साथ बस्तर संभाग के सातों जिलों के सभी पुलिस अधीक्षक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडेंट के अलावा अति. पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, डीएसपी स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे.

This image has an empty alt attribute; its file name is pushpa01.jpg

MOST POPULAR

HOT NEWS