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बस्तर में ऐसे में फिर कैसे तर पायेगी कांग्रेस…सांसद और विधायकों में खींचतान शुरू, सीएम बघेल का चढ़ा पारा

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अर्जुन झा – जगदलपुर।

बस्तर की 12 सीटों पर भाजपा का सफाया करने के साथ ही बस्तर लोकसभा सीट पर भी काफी इंतजार के बाद कब्जा करने वाली कांग्रेस में गुटबाजी का पुराना रोग फिर उभर रहा है। विधायकों और सांसद के बीच खींचतान शुरू हो गई है और ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बस्तर लोक सभा के तहत आने वाली 8 विधानसभा सीटों पर इस रोग का असर आगे चलकर पड़ सकता है। चर्चा चल पड़ी है कि बस्तर सांसद हर जगह अपने प्रतिनिधि तैनात कर रहे हैं और इस तरह विधायकों को यह नागवार गुजर रहा है कि उनके क्षेत्र में सांसद के चहेते जलवा अफरोज हो रहे हैं। इसके साथ ही बोधघाट पर कांग्रेस की आंतरिक राजनीति ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस के गलियारों में यह चर्चा जमकर चल रही है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सहमति के बिना बोधघाट के प्रभावितों को एक खास मौके पर सांसद ने मुलाकात के लिए बुला लिया। इस मौके पर मौजूद विधायकों से जब मुख्यमंत्री ने इस तरह आने का कारण पूछा तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि उन्हें सांसद ने बुलाया है इस पर मुख्यमंत्री का पारा चढ गया। खबर तो यह भी सामने आ रही है कि सीएम ने इस तरह के क्रियाकलापों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सांसद जी की क्लास भी ले डाली। हकीकत क्या है, यह तो वही जानें, लेकिन जिस तरह से इस मामले में चर्चाओं का बाजार गर्म है, उससे यह तो जाहिर है कि बोधघाट को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी राजनीति का दौर शुरू हो गया है और यह आने वाले समय में कांग्रेस की मुसीबत का कारण बन सकता है।

एक समय था, जब बस्तर में कांग्रेस के नाम का डंका बजता था लेकिन कांग्रेसियों की अंदरूनी खींचतान की वजह से भाजपा को मौका मिला और उसने लगातार लोकसभा सीट के साथ ही इलाके की विधानसभा सीटों पर अपना झंडा गाड़ कर रखा। डेढ़ दशक तक राज्य की सत्ता से बाहर रही कांग्रेस ने बहुत संघर्ष किया, उसके प्रदेश नेतृत्व ने बहुत मेहनत की, जिसका फायदा यह हुआ कि बस्तर की सभी सीटों के साथ ही लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस ने अपना पुराना गौरव हासिल कर लिया। आज बस्तर में कांग्रेस का मखमली बिस्तर बिछा हुआ है लेकिन इसके लिए बहुत पसीना बहाया गया है। जिन कारणों से कांग्रेस बस्तर में श्रीहीन हुई थी, उन कारणों से अब उसे बच कर चलना होगा। अन्यथा भविष्य में वह भाजपा जैसी स्थिति का शिकार हो सकती है।

कोतवाली पुलिस द्वारा जुआरियों के खिलाफ कार्यवाही की गई

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जगदलपुर – शहर से लगे आसना के जंगल में जुआ खेलने वाले युवकों पर की गई कार्यवाही। मौके पर नगदी 15,500/-रूपये, 03 नग मोबाईल, एक बुलेट रॉयल इन्फिल्ड, मो0सा0 एवं स्कुटी,प्लासटिक का बोरी,तास के 52 पत्ते बरामद किया गया। थाना कोतवाली जगदलपुर की जुआ पर की गई कार्यवाही । मनजीत सिंह, दर्शन सिंह, एवं अजय त्रिपाठी पर 13 जुआ एक्ट की गई कार्यवाही।

दिनांक 05.12.2020 को थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत आसना जंगल में अवैध रूप से कुछ व्यक्तियों द्वारा रूपये पैसों का दांव लगाकर हारजीत का जुआ खेल रहे है कि सूचना प्राप्त हुई थी जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, दीपक झा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में थाना कोतवाली के हमराह स्टाफ सउनि0 नीलाम्बर नाग, प्र0आर00 1281 चोवादास गेंदले, आर0क0 1067 बबलू ठाकुर, आर0क0 1123 गायत्री प्रसाद तारम, आर0क0 1307 प्रकाश नायक, आर00, 831 रवीन्द्र कुमार ठाकुर, आर0क0 1150 वीरेन्द्र साहु के टीम को तैयार कर तत्काल घटनास्थल पहुंचा जहां पर कुछ व्यक्तियो द्वारा रूपये पैसो का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। जिसे मौके पर पुछताछ करने पर अपना नाम 1 मनजीत सिंह पिता स्व0 रणवीर सिंह नि0 गांधी नगर महात्मा गांधी स्कुलपारा 2 दर्शन सिंह पिता ईकबाल सिंह निवासी नि0 गांधी नगर महात्मा गांधी स्कुलपारा 3 अजय त्रिपाठी पिता अरूण त्रिपाठी निवासी वृंदावन कालोनी ट्रांजिट हास्टल पारा जगदलपुर का होना बताया। मौके पर उक्त आरोपियों के कब्जे से नगदी रकम 15,500/-रूपये, 02 नग सैमसंग मोबाईल, 01 नग माइकोमेक्स मोबाईल, बुलेट रॉयल इन्फिल्ड क्रमांक- HR.26.CR.8894, मो0सा0 पल्सर CG.17.K.9404, एवं स्कुटी कमांक-CG.17.KS.0947, प्लास्टिक का बोरी, तास के 52 पत्ते को जप्त किया गया तथा आरोपियो के विरूद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जमानत मुचलका पर रिहा किया गया।

आरोपी – मनजीत सिंह पिता स्व० रणवीर सिंह नि0 गांधी नगर महात्मा गांधी स्कुलपारा 2 दर्शन सिंह पिता ईकबाल सिंह निवासी नि0 गांधी नगर महात्मा गांधी स्कुलपारा 3 अजय त्रिपाठी पिता अरूण त्रिपाठी निवासी वृंदावन कालोनी ट्रांजिट हास्टल पारा जगदलपुर। नगदी रकम नगदी 15,500/-रूपये, तीन नग मोबाईल,एक बुलेट रॉयल इन्फिल्ड,मोटर सायकल एवं स्कुटी, प्लासटिक का बोरी , तास के 52 पत्ते बरामद |

नगरनार में बंदोबस्त त्रुटि को लेकर लामबंद हुए किसान, सांसद को सौंपा ज्ञापन

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सरपंच ने कहा 99% त्रुटिपूर्ण है इलाके का बंदोबस्त, निष्पक्ष जांच कि कर रहे मांग
जब तक समाधान नहीं तब तक नहीं हो सीमांकन – सरपंच


किसानों को भ्रमित किया जा रहा, सीमांकन का मतलब जमीन छीनना नहीं – तहसीलदार

जगदलपुर/नगरनार

ग्राम नगरनार में बंदोबस्त त्रुटि का आरोप सम्बंधित विभाग पर लगाते हुए यहाँ के किसान लामबंद हो चुके हैं. इस संबंध में इलाके में पहुंचे सांसद को किसानों ने ज्ञापन सौंपा है जिसमें कई प्रमुख बिन्दुओं पर अपनी मांग रखी है |


दरअसल, बीते एक-डेढ़ दशक के दौरान नगरनार क्षेत्र के कई किसानों के जमीनों को जगदलपुर के कई बड़े व्यापारियों ने रजिस्ट्री करवा ली थी. जिसके बाद लिए गए ज़मीन का बंदोबस्त नहीं हो पाया था. वहीँ, गत दो दिसंबर को नगरनार पंचायत को मिले राजस्व विभाग के नोटिस ने सरपंच सहित किसानों के होश उड़ा दिए |


नगरनार सरपंच लेखन बघेल ने बताया कि इलाके के लगभग 2 सौ एकड़ के आसपास ज़मीनों कि खरीदी बिक्री व्यापारियों द्वारा कि गयी थी और उक्त ज़मीन का सीमांकन नहीं किया गया था. ऐसे में कई किसान अपने ज़मीन पर काबिज रहते हुए तत्कालीन समय से कृषि कार्य कर रहे हैं |


बघेल का कहना है, ताज्जुब की बात तो यह है कि क्रेता व विक्रेता को ही इस बात की जानकारी नहीं है कि वास्तव में कौन सी ज़मीन उनकी है. कुल मिलकर क्षेत्र कि 99% बंदोबस्त त्रुटिपूर्ण है जबकि शुरू से ही व्यवस्था व दस्तावेज़ ठीक रखनी थी. यही नहीं, खुले तौर पर राजस्व संहिता का उल्लंघन किया गया है, जिसमें पंचायत को भी विश्वास में नहीं लिया गया न ही कोई जानकारी दी गयी |


सरपंच का कहना है कि वर्ष 1994-95 में बंदोबस्त हुआ था जिसके बाद किसान इन जमीनों से कमा-खा रहे हैं, अब पता चल रहा है कि जमीनों को कहीं का कहीं बैठा दिया गया है. वहीँ, किसान इस उपापोह की स्थिति में हैं कि उन्हें ज़मीन बेचनी है की नहीं. क्योंकि तत्कालीन समय में बाकायदा स्टाम्प ड्यूटी में खरीदी हुई थी, विधिवत लिया गया था और अब सीमांकन के लिए द्वितीय पक्ष विभाग में आवेदन लगाकर अपनी ज़मीन मांग रहा है जो कि नियम विरुद्ध है. इसी के चलते पंचायत और कब्जाकास्त के बीच बहस हो रही है, इसलिए निष्पक्ष जांच हेतु सांसद को ज्ञापन दिया गया है.

प्रभारी तहसीलदार रैना ज़मील ने बताया कि आगामी 9 दिसम्बर को पुनः राजस्व कि टीम मौके पर जाकर सीमांकन करेगी. साथ ही राजस्व विभाग के पास मौजूद बंदोबस्त के दस्तावेज़ की भी जांच करेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को कुछ लोगों द्वारा भ्रमित किया जा रहा है, सीमांकन का मतलब ज़मीन छीनना नहीं होता है. अगर 10 किसान ही कहते हैं कि 99% त्रुटि हुई है तो उसे विभाग त्रुटि की श्रेणी में नहीं लेगा. जांच में 50% से अधिक त्रुटि पायी जाएगी तभी माना जायेगा की बंदोबस्त त्रुटिपूर्ण है.

इस सम्बन्ध में सांसद दीपक बैज ने बताया कि ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया है और इस सम्बन्ध में कलेक्टर को परिक्षण हेतु कहा जायेगा. बस्तर के किसी भी किसान ग्रामीण के साथ गलत न हो. बंदोबस्त त्रुटि अगर हुई है तो किसानों को समय देकर निष्पक्ष परिक्षण किया जाना चाहिए.

ग्राम बेलगांव में गोतियाल पुलिस नारायणपुर निया पुलिस व निया नार बेनर तले तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

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सैय्यद वली आज़ाद – नारायणपुर

पुलिस अधीक्षक महोदय नारायणपुर श्री मोहित गर्ग ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयंत वैष्णव सर,एसडीओपी नारायणपुर अनुज गुप्ता सर के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशन में छत्तीसगढ़ जिला पुलिस बल नारायणपुर के द्वारा दिनांक दिनांक 03.12. 2020 से 05.12 .2020 तक ग्राम बेलगांव में गोतियाल पुलिस नारायणपुर निया पुलिस व निया नार बेनर तले तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसका आज समापन दिवस था समापन के अवसर पर थाना प्रभारी कुकड़ाझोर श्री उत्तम गावडे ,सउनि रतीराम मंडावी ,सरपंच अगोती पट्टावी बेलगांव ,सरपंच रामचंद्र उइके बाकुलवाही ,सरपंच श्री मनाय कावड़े कुकड़ाझोर ,सरपंच चैतराम कुमेटी बमहनी ग्राम प्रमुख साधु राम नेताम बाकुलवाही ,ग्राम पटेल करण बेलगांव ,पटेल कुमार सिंह बाकुलवाही व अन्य ग्रामीण पुलिस स्टाफ उपस्थित रहे अतिथि गणों की उपस्थिति में वॉलीबॉल व फुटबॉल का सेमी फाइनल एवं फाइनल मैच संपन्न हुआ |

फुटबॉल मैच में बाकुलवाही व कोचवाही के बीच में बीच में फाइनल मैच हुआ जिसमें कोचवाही के टीम प्रथम स्थान व बाकुलवाही के टीम द्वितीय स्थान प्राप्त किया व वॉलीबॉल फाइनल मैच मेटाडोंगरी व कसावाही के बीच खेला गया जिसमें कसावाही के टीम प्रथम स्थान व मेटा डोगरी की टीम द्वितीय स्थान प्राप्त की |


प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले फुटबॉल वॉलीबॉल टीम को नगद राशि 6100 -6100 रुपए के साथ शील्ड, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले टीम को नगद राशि 4100 -4100 वह शील्ड तथा फुटबॉल मैच में मैन ऑफ द मैच तोमेश उईके कोचवाही, बेस्ट गोलकीपर जागेश कोचवाही ,बेस्ट डिफेंस संतोष कोचवाही , बेस्ट सेंटर केशव कोचवाही, बेस्ट फारवर्ड मनेश कोचवाही तथा व्हालीबाल मैच में मैन आफ द मैच किशोर कुमार राणा कसावाही,बेस्ट शाटर रावनु पोटाई ,बेस्ट डिफेंस रामधन कसावाही को ट्राफी व नगद राशि 200-200 रुपये खेल में बेस्ट प्लेयर के रूप में पुरष्कृत किया गया |

तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा द्वारा शोक सभा का आयोजन किया गया

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दल्ली राजहरा – तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा द्वारा आज संध्या 4:00 बजे समाज के 3 सदस्यों के अकस्मिक निधन हो जाने के कारण शोक सभा का आयोजन किया गया था । हमारे समाज के नीलम साहू जी पंडर दल्ली के पुत्र वधू एवं ज्ञानेश्वर साहू की पत्नी डिकेश्वरी साहू जी का निधन 4 दिसंबर को हो गया तहसील साहू संघ के कार्यकारिणी सदस्य एवं पुराना बाजार

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परी क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष राजेश कुमार साहू जी के बड़े भैया राजेंद्र कुमार साहू जी का आकस्मिक निधन हो गया तथा लखन लाल साहू जी एवं इंद्रजीत साहू जी बस स्टेशन साहू सदन के पास निवासी के पिताजी मना राम साहू जी के आकस्मिक निधन हो जाने के कारण तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा के पदाधिकारीयो के द्वारा एक शोक सभा का आयोजन किया गया था इस शोक सभा में सभी सदस्य उपस्थित थे।

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निर्माण कार्य में इंजीनियर नियुक्ति की अनिवार्यता युवा पार्षद विजय सलाम ने सीएम का माना आभार

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सैय्यद वली आज़ाद – नारायणपुर

छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों बाद कांग्रेस की सरकार बनाने के बाद से ही हर वर्ग का ध्यान रखते हुए बहुत से ऐतिहासिक फैसले लिए गए। यहां की गरीब किसान, आदिवासी, महिलाओं, कुपोषित बच्चो के साथ अब युवा वर्ग को ध्यान में रखते हुए बेरोजगार युवाओं के लिए भी सरकार ने सार्थक कदम उठाए है। युवा पार्षद विजय सलाम ने बताया कि एक परिवार को अपने बच्चो को इंजीनियर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर देते है और इस बेरोजगार युवाओं के बारे में आज तक किसी भी सरकार ने उचित पहल नही की थी।

कांग्रेस की भुपेश सरकार ने इन बेरोजगार इंजीनियर का ध्यान रखते हुए अहम निर्णय लिया है अब लोकनिर्माण विभाग एव अन्य निकायों से निविदा आमंत्रित किया जाएगी उसमे 20 लाख रुपये से अधिक लागत के कार्यो में डिप्लोमा इंजीनियर एव एक करोड़ से अधिक के कार्यो में स्नातक इंजीनियर नियुक्ति की अनिवार्यता की गई है। इसमें बेरोजगार युवा इंजीनिरयो को भी अब महीनों में न्यूनतम भुकतान करने से उनका जीवन स्तर सुधरेगा। इस फ़ैसले को अनिवार्य रूप से अमल लाने के निर्देश मुख्य सचिव को दिये गए है। इसके लिए युवा पार्षद विजय सलाम ने मुख्यमंत्री जी का आभार माना है।

बीते रात को जगदलपुर से बस्तर की ओर जा रहे थे जनप्रतिनिधियों ने घायल व्यक्ति को पहुंचाया बस्तर अस्पताल।

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जगदलपुर – रात 11 बजे टोल प्लाजा के पास किसी अज्ञात वाहन चालक ने जोरदार ठोकर मारा जिससे अनियंत्रित होकर सड़क किनारे तड़पता हुआ मिला।


घटना पर घायल हुए उसी वक्त घायल व्यक्ति को बस्तर सांसद प्रतिनिधि आशीष मिश्रा, संभागीय विधायक प्रतिनिधि हरीश पारख, राज्यसभा फूलोदेवी नेताम के सुपुत्र दीपेश नेताम, अजय देवगन, जगदलपुर से अपने घर जा रहे थे घटना को देख कर तत्काल अपनी निजी गाड़ी से घायलों को उठाकर उपचार के लिए बस्तर अस्पताल में भर्ती कराया।

बस्तर में उद्योग विभाग व प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा बस्तर के निजी भू स्वामी क्यों भुगते – मुक्तिमोर्चा।

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बस्तर संभागीय मुख्यालय में हजारों एकड़ व अन्य जिलों में उद्योग विभाग को आबंटित जमीन सिर्फ कागजों पर-मुक्तिमोर्चा


सरकार के सयन्त्र लगाने के सभी वादे व अनुबंध हवा -हवाई ,राहुल गांधी व प्रधानमंत्री के हाथों हुए ,अलग -अलग संयंत्र शिलान्यास ,जमीन पर गायब-मुक्तिमोर्चा
उद्योग विभाग को आबंटित जमीनों पर अवैध कब्जा,वन पट्टा वितरण, व अन्य अवैध निर्माण का जवाबदारी किसकी बताये सरकार – मुक्तिमोर्चा

बस्तर में उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करने वाले केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किये गए घोषणा व शिलान्यास व योजनाओं के क्रियान्वयन की नीतियों को बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चाँद ने आड़े हाथ लेते हुए बयान जारी कर कहा कि बस्तर में उद्योगों को लगवाने व उनके संचालन की बाते सरकार के चुनावी व राजनीतिक भाषण का हिस्सा है। क्योंकि बस्तर के जमीनी धरातल में सरकार की कथनी व करनी में बड़ा फर्क दिख रहा है। बस्तर में संचालित उद्योग विभाग को सन 1998 में आबंटित हजारों एकड़ जमीनों में आज पर्यन्त तक विभाग का कब्जा ,सरकार व प्रशासन दिलाने में कामयाब नहीं हुई है।

आबंटित जमीनों का हाल कुछ इस तरह है अधिकांश हिस्सों में वन अधिकार पट्टा वितरण किया गया है तो कुछ सरकारी निर्माण में ,तो कहीं अवैध रूप से कब्जा किया गया है बात यही खत्म नहीं हुई हुई दोनों ही राष्ट्रीय पार्टी के बड़े नेता राहुल गांधी द्वारा बस्तर जिले लोहंडीगुडा ब्लॉक के धुरागाँव मे फ्रूट प्रोसिंग प्लांट वही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दरभा व तोकापाल ब्लाक में मेगा स्टील प्लांट लगवाने के घोषणा के साथ बस्तर में उद्योगों को बढ़ावा देने की नीयत से कम्पनियों से किये गए सरकारी हजारों करोड़ रुपये के एम ओ यू की हवा जमीनी नही होने से निकल रही है। बस्तर में अधिकाश जमीन वन विभाग के आपत्ति पर लटकी हुई है। तो कही राजस्व विभाग रिकार्ड में लंबे समय से मत परिवर्तन नहीं किये जाने व सही सीमांकन नही किये जाने से लटके हुए है। हालात यह है राज्य सरकार के बस्तर में सयन्त्र लगाने के हर घोषणा के साथ बस्तर प्रशासन के हाथ- पांव फूलने लगते है।

ताजा उदाहरण के रूप में विगत दिनों राज्य सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा बस्तर में 5 नए सयन्त्र लगाने की घोषणा के बाद से सम्पूर्ण प्रशासन व जनप्रतिनिधियों द्वारा राजस्व जमीन व उद्योग विभाग सरकारी कागज पर आबंटित भूमि को खोजने का असफल प्रयास किया जा रहा है। जिसमे सफलता अब तक हाथ नहीं लगी है। राज्य सरकार व प्रशासन की नीतिगत चूक का खामियाजा बस्तर के निजी भू स्वामियों को उठाना पड़ता है। सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए बस्तर के भोले भाले किसानों व निवासियों को बस्तर में विकास रोजगार व मूल -भूत सुविधाओ का ख्वाब दिखा कर झुठा वादा कर ग्राम सभा को प्रभावित कर जमीनों का अधिग्रहण कर लेती है।

बाद में सयन्त्र लगाने वाली कम्पनियों द्वारा सयन्त्र संचालन में असमर्थता सरकारो को जाहिर कर नुकशान बता निजीकरण करने सयन्त्र बेचने के प्रकिया को प्रारंभ किया जाता है। जिसका बस्तर में सबसे बड़ा उदाहरण नगरनार में लगा स्टील प्लांट है। जहाँ हजारों प्रभावित किसानों से किये गए सरकारी वादों को ताक में रख बस्तर के विकास व रोजगार के अवसर से भरे सपनो को निजी हाथों में बेच सरकार अपनी जिमेदारी ब कर्तव्य से नजरे फेर रही है।इन सभी गम्भीर विषयों पर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोई सफाई जनता के समक्ष नही रखी जाती है।न ही बस्तर के संचालित पार्टियों की टिकिट पर चुनाव जीते जनप्रतिनिधियों द्वारा यह सवाल संसद व विधानसभा में पूछे जाते है। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा ने जारी बयान में आगे कहा की मोर्चा द्वारा आगामी दिनों में राज्य के उधोग मंत्री जो बस्तर से आते है। उन से मुलाकात कर उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु ज्ञापन सौप बस्तर उधोग हित मे उचित कार्यवाही की मांग करेगी।

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री से मांग बस्तर में MRI स्केन मशीन DMF या राज्य फंड से की जाए उपलब्ध-भरत कश्यप।

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बस्तर वाशि,निजी संस्थान पर ज्यादा दर पर MRI करवाने हेत मजबूर-मुक्तिमोर्चा।
बस्तर हित पर मांग,सरकार की पहल नहीं हुआ तो मुक्तिमोर्चा आंदोलन हेतु मजबूर-भरत कश्यप


बस्तर एक अतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के कारण लगातार लोगों को अपनी इलाज करवाने में हो रही है परेशानी उठानी पड़ रही है। राज्य सरकार ने सम्भाग में एक मात्र मेडिकल कॉलेज जो बस्तर जिले में खोल दिया पर जरूरी बुनियादी सुविधाओ के अभाव में बस्तर के लोगो को अपने बेहतर इलाज की रिपोर्ट के लिए मशीनों के अभाव में निजी संस्थाओ पर निर्भरता रखना पड़ रहा है। सरकार की इस लापरवाही को निजी संस्थाओं द्बारा संचालित MRI मशीन मालिकों द्वारा इसे व्यवसाय का अवसर बना अधिक दर पर मोटी रकम वसूली जा रही है। जिसे बस्तर के हर तबगे को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

आर्थिक व मानशिक रूप से इस शोषण को आड़े हाथ लेते हुए बस्तर हित मे बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के जिला संयोजक भरत कश्यप ने बयान जारी करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री टी०एस०सिहदेव जी से बस्तर के मात्र स्व०बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ( MRI ) मैगनेटिक रेसोनेंस इमेजिंग स्केन मशीन उपलब्ध करवाये जाने की मांग की है।बस्तर हित मे लिए उठाये गए इस मांग पर यदि राज्य सरकार द्वारा संवेदनशील रवैया अपना कर मांग जल्द पूरी नहीं कि गई तो बस्तर वाशियो को अपने अधिकार हेतु आंदोलन की राह अख्तियार करने हेतु मजबूर होना पड़ेगा ,जिसकी पूरी जिमेदारी सरकार की होगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के पत्रकारों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए प्रारूप निर्माण समिति शीघ्र ही शासन को सौंपेगी

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रायपुर। प्रदेश के पत्रकारों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए प्रारूप निर्माण समिति शीघ्र ही छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रारूप राज्य शासन को सौंपेगी | राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रारूप को आज प्रारूप निर्माण समिति की ऑनलाइन बैठक में चर्चा कर अंतिम रूप दिया गया है |

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ऑनलाइन बैठक को सम्बोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अफताब आलम ने प्रारूप समिति एवं उप समिति के सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा | समिति को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मीडिया सलाहकार एवं प्रारूप निर्माण समिति के सदस्य रूचिर गर्ग ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश में निष्पक्ष एवं स्वतंत्रता पत्रकारिता के लिए कृत संकल्पित है | उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पत्रकार सुरक्षा कानून इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा |

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समिति की ऑनलाईन बैठक में प्रारूप निर्माण समिति के सदस्य एवं देशबंधु समाचार पत्र समूह के प्रधान सम्पादक ललित सुरजन को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गयी | बैठक में प्रारूप निर्माण समिति एवं उप समिति के सदस्य न्यायमूर्ति अंजना प्रकाश सेवा निवृत्त न्यायाधीश उच्च न्यायालय, वरिष्ठ अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय राजू रामचन्द्रन, उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता शोमोना खन्ना, सुमिता हजारिका, जवाहर राजा, अनुज प्रकाश, निशांत कुमार,

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मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग, नागपुर के वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश दुबे, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव विधि विधायी एन कै  चन्द्रवंशी, पुलिस महानिदेशक डी एम अवस्थी, आयुक्त जनसम्पर्क तारण प्रकाश सिन्हा उपस्थित थे | राज्य शासन ने प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लाने के लिए माह मार्च 2019 में उच्चतम न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता में वरिष्ठ कानूनविद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों की एक समिति का गठन किया था |

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कोरोना संकट को देखते हुए संशोधित प्रारूप पर अक्टूबर 2020 में ऑनलाईन सुझाव प्राप्त कर प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून को अंतिम रूप दिया गया |

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