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जगदलपुर में करोड़ों के विकास कार्यो का विधायक किरण देव ने किया भूमिपूजन

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  •  शहर में जल भराव की समस्या से मिलेगी मुक्ति
  • शहर के विकास के लिए नहीं होगी धन की कमी : देव

जगदलपुर विधायक किरण देव ने गुरुवार को शहर के विभिन्न वार्डों में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। 15वें वित्त आयोग से शहर की जल भराव समस्या को दूर करने के उद्देश्य से विधायक किरण देव की पहल पर शहर के विभिन्न वार्डों में नाला निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसका भूमिपूजन किया गया।

किरण देव ने शहीद पार्क चौक चंद्रशेखर आजाद वार्ड में नाला निर्माण लागत 199 .11 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में शहीद पार्क चौक पर पुलिया व नाला निर्माण 124.53 लाख, बंगीय समाज भवन महेंद्र कर्मा वार्ड में नाला निर्माण लागत 21 लाख, महारानी वार्ड में नाला निर्माण लागत लगभग 68 लाख, मदन मोहन मालवीय वार्ड में नाला निर्माण लागत 61.79 लाख, रविंद्र नाथ टैगोर वार्ड में नाला निर्माण 18.7 लाख, अंबेडकर वार्ड में नाला निर्माण 27.70 लाख, बलिराम कश्यप वार्ड में नाला निर्माण 49.96 लाख, अनुकूल देव वार्ड में नाला निर्माण लागत लगभग 41 लाख, सुंदरलाल शर्मा वार्ड में नाला निर्माण 11.96 लाख, सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड में नाला निर्माण 40.53 लाख, गांधीनगर वार्ड में नाला निर्माण 49.55 लाख, रमैया वार्ड में नाला निर्माण 109.97 लाख, अटल बिहारी वाजपेयी वार्ड में नाला निर्माण 33.76 लाख एवं दलपत सागर वार्ड में नाला निर्माण 65.50 लाख के कार्यों का भूमिपूजन किया।. इन सभी कार्यों की कुल लागत 912.42 लाख रुपए है। इसके आलावा विधायक किरण देव ने विधायक निधि से विजय वार्ड में सीसी सड़क के लिए 16.26 लाख, विजय वार्ड के समुद चौक के पास शेड निर्माण लागत 4 लाख, विवेकानंद वार्ड में बीटी सड़क निर्माण लागत 8.66 लाख, विजय वार्ड में सांस्कृतिक भवन निर्माण लागत 12 लाख, बस्तर विकास प्राधिकरण मद के विभिन्न वार्डों में 13 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। भूमि पूजन कार्यक्रम में जन समुदाय को संबोधित करते हुए जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी समस्या बारिश के दौरान वार्डों में जल भराव है। इस समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद ही इस कार्ययोजना पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन विभाग से 912 लाख की स्वीकृति प्रदान कराई गई है। सभी कार्य तय सीमा में पूरे करने का निर्देश देते हुए श्री देव ने कहा कि बारिश के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न होती थी नालों के निर्माण से जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी। शहर विकास में किसी भी प्रकार से राशि की कमी नहीं होगी। जगदलपुर शहर का चहुमुखी विकास मेरा संकल्प है। विकास को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विकास की गति नहीं रुकेगी।

जनता को मूलभूत सुविधा देना हमारा दायित्व है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश एवं देश का चहुमुखी विकास हो रहा है। हमारे संवेदनशील मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास में लगातार अग्रसर हैं। हमने बनाया है, हम ही सवारेंगे को चरितार्थ करते हुए लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज शहर के विभिन्न वार्डों के लिए 912 लाख रुपए की राशि से नाला निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। वही महापौर सफीरा साहू ने कहा नालों के निर्माण से शहर में जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी। जनता की बरसों पुरानी समस्या हल हो रही है। जल भराव की समस्या का समाधान हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है जबकि करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन हो रहा है। इसके लिए विधायक किरण देव का सहृदय धन्यवाद। विकास कार्य लगातार चलता रहेगा। शहर में जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए नाला निर्माण करना बहुत ही आवश्यक था। जिस पर विधायक किरण देव ने पहल करते हुए नाला निर्माण के लिए राशि स्वीकृत कराई है। इस दौरान वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, पार्षद योगेंद्र पांडे, नरसिंह राव, नीलम यादव, आलोक अवस्थी, राजपाल कसेर, निर्मल पाणिग्रही, ललिता राव, ममता पोटाई, दिगंबर राव, मानिक राम नाग, अनिता नाग, सुशीला बघेल, पंचराज सिंह ,विक्रम सिंह डांगी, श्वेता बघेल, सूर्या पानी, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, पूर्व पार्षद रजनीश पाणिग्रही, आरेंद्र सिंह आर्य, मनोहर तिवारी, अतुल कौशल, संग्राम राणा, प्रभारी कार्यपालन अभियंता धर्मेंद्र मिश्रा, उप अभियंता दीपांशु देवांगन, अशोक, अमन नेताम व काफी संख्या में वार्ड के नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान नवीनीकृत राशन कार्ड उपभोक्ताओं को विधायक किरण देव द्वारा वितरित किए गए।

जिन्होंने बस्तर में कांग्रेस की कब्र खोदी, वही चले पार्टी का वफादार बनने

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  •  ईडी के रडार पर आए पूर्व मंत्री लखमा पुत्रमोह में पार्टी का बेड़ागर्क करने पर तुले
  • कांग्रेस का भट्ठा बिठाने वाले नेताओं की दिल्ली में लॉबिंग

अर्जुन झा

जगदलपुर कांग्रेस के गढ़ रहे बस्तर में जिन पार्टी नेताओं ने कांग्रेस को कहीं का नहीं छोड़ा है, वही अब खुद को पार्टी के प्रति वफादार दिखाने की कोशिश दिल्ली दरबार में कर रहे हैं। यह सारी नौटंकी सिर्फ बस्तर के कांग्रेस नेता कवासी लखमा के पुत्र हरीश कवासी को उच्च स्तर की राजनीति में लांच करने के लिए की जा रही है। दिल्ली गई कांग्रेस के जयचंदों की टोली में बस्तर के वही नेता शामिल हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग में कांग्रेस को करारी शिकस्त दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। अगर दिल्ली में इन नेताओं की चल गई, तो बस्तर संभाग की दोनों लोकसभा सीटों के साथ ही छत्तीसगढ़ की ज्यादातर सीटों पर आसन्न चुनाव में कांग्रेस को गर्त में जाने से कोई नहीं बचा पाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के खिलाफ मोर्चा खोलने के नाम पर लगता है पूरी कांग्रेस का छत्तीसगढ़ से बिस्तर गोल करने के लिए कुछ कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से सुपारी ले रखी है। इनमें बस्तर संभाग के बुजुर्ग कांग्रेस नेता कवासी लखमा का नाम सबसे ऊपर है। कवासी लखमा के साथ बस्तर लोकसभा के दो दर्जन से अधिक नेताओं ने इन दिनों दिल्ली में डेरा डाल रखा है। सूत्र बताते हैं कि इन नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान के सामने दीपक बैज को बस्तर लोकसभा सीट से पुनः प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध जताया है। टिकट वितरण से पहले ही कांग्रेस में अंतर्कलह शुरू हो गई है, जो पार्टी के लिए अच्छा संकेत बिल्कुल नहीं कहा जा सकता। कवासी लखमा अपने बेटे हरीश कवासी और समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंचक रबस्तर लोकसभा सीट से दीपक बैज को टिकट दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में 195 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है।बीजेपी ने बगैर देर किए छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों के लिए भी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में अभी भी प्रत्याशियों के नामों को लेकर मंथन का ही दौर चल रहा है। छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कंधों पर एकबार फिर लोकसभा चुनाव में सीटों का आंकड़ा बढ़ाने की बड़ी जवाबदारी आ गई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के कुछ परिवारवादी नेता अपने ही प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। बताया जा रहा है कि बस्तर लोकसभा सीट से सांसद दीपक बैज को दोबारा टिकट दिए जाने का विरोध खुद उन्हीं की पार्टी के विधायक कवासी लखमा कर रहे हैं। दिल्ली जाने वाले नेताओं में विधायक कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी के साथ ही बीजापुर के विधायक विक्रम मांडवी, मिथलेश स्वर्णकार, बस्तर शहर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा, बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल, कोंटा के पूर्व विधायक संतराम नेताम, चित्रकोट के पूर्व विधायक राजमन बेंजाम, कुछ ब्लॉक अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्यों समेत 25 लोग दिल्ली में डटे हुए हैं।

बस्तर में हार के यही जिम्मेदार

बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों की 4 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की करारी हार के लिए वही सारे नेता जिम्मेदार हैं, जो इन दिनों दिल्ली गए हुए हैं। ये नेता अब अपने तथाकथित मुखिया कवासी लखमा के साथ मिलकर बस्तर लोकसभा सीट से कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी के लिए कांग्रेस टिकट की मांग पार्टी नेतृत्व से कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग की जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंटा, कांकेर कोंडागांव, केशकाल सीटों पर कांग्रेस की हार में इन्हीं जयचंदों का हाथ रहा है, जो आज खुद को कांग्रेस का सबसे बड़ा झंडाबरदार बताते हुए दिल्ली में पार्टी हाईकमान के पास टिकट केइस मिन्नतें करने पहुंचे हैं। चित्रकोट सीट से कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रहे दीपक बैज को हराने के लिए जयचंदों की यही टोली क्षेत्र में रात रातभर घूमकर मतदाताओं को बरगलाते रहे। गांव गांव में शराब, साड़ियां, पैसे बांटे गए। जगदलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी जतिन जायसवाल और दंतेवाड़ा से कांग्रेस के दिवंगत नेता बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा के पुत्र दीपक कर्मा को हराने के लिए भी ऐसी ही साजिश की गई थी। नतीजा यह हुआ कि इन प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। दरअसल इन जयचंदों ने प्रत्याशियों को नहीं हराया, बल्कि कांग्रेस की ही कब्र खोद डाली है। अब यही जयचंद खुद को पाक साफ बताने दिल्ली में डटे हुए हैं।

  • ईडी से बचने ले रखी है सुपारी?

विदित हो कि परिवारवाद के आरोप से जूझ रही कांग्रेस के ये विघ्नसंतोषी नेता अब शराब घोटाले के आरोपी और ईडी के निशाने पर आए कवासी लखमा के साथ मिलकर पूरी पार्टी को बस्तर में खत्म करने पर आमादा हो गए हैं। इस पूर्व मंत्री की करतूत से पांच विधान सभा क्षेत्रों में कांग्रेस पार्टी पिछले चुनाव में हारी थी। वहीं अब लोकसभा के चुनाव में वे आरोपी नेता के पुत्र को टिकिट दिलवाने और पुनः पार्टी को हराने का षड्यंत्र कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इस बार पिछली षड्यंत्र करने वाले कवासी लखमा , राजीव शर्मा, मिथलेश स्वर्णकार जैसे लोगों को कांग्रेस कार्यकर्ता सबक सिखाएंगे और कोई भी निष्ठावान कार्यकर्ता इस बार चुनाव में हिस्सा नहीं लेगा। छत्तीसगढ़ के बहु चर्चित शराब घोटाले को लेकर ईडी और सीबीआई फुल एक्शन में हैं। शराब घोटाले की जांच की आंच भूपेश बघेल सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा समेत कई बड़े नेताओं तक पहुंच चुकी है। सूत्रों का तो यह भी दावा है कि ईडी और सीबीआई की गिरफ्त में आने से बचने के लिए कवासी लखमा और अन्य नेताओं ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा से सुपारी ले रखी है। इसे लेकर भाजपा के कुछ बड़े नेताओं के साथ उनकी गुप्त बैठक होने की भी खबर है। यह सर्वविदित तथ्य है कि जिस हरीश कवासी के लिए कांग्रेस टिकट की मांग ये नेता कर रहे हैं, उस हरीश की जान पहचान पूरे सुकमा जिले में ही नहीं है, बस्तर संसदीय क्षेत्र में पहचान तो दूर की बात है।

किंगपिन तो कोई और है जनाब

विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि दीपक बैज को सक्रिय राजनीति से दूर रखने के लिए तभी से लगातार साजिशें रची जाने लगी हैं, जबसे कांग्रेस हाईकमान ने बैज को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा दीपक बैज को तवज्जो दी जाना भी छत्तीसगढ़ के कुछेक बड़े कांग्रेस नेताओं को नागवार गुजरती रही है। यही वजह है कि दीपक बैज इन तथाकथित नेताओं को कांटे की तरह चुभने लगे हैं। इसीलिए उन्हें राज्य की सक्रिय राजनीति से दूर करने के लिए तरह तरह के हठकंडे अपनाए जा रहे हैं। इन साजिशों का किंगपिन तो दरअसल रायपुर में बैठा है, जो अपने प्यादों के दम पर दीपक बैज को रास्ते से हटाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तत्पर हैं। इसी किंगपिन के इशारे पर विधानसभा चुनाव में बस्तर की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को हरवा कर कांग्रेस हाईकमान तक यही मैसेज पहुंचाने की कोशिश की गई है कि जिस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के गृह संभाग में कांग्रेस की ऐसी दुर्गति हुई है, वह पार्टी की बागडोर सफलता पूर्वक कैसे सम्हाल सकता है। मगर दीपक बैज ने अपनी कार्य कुशलता, मृदु व्यवहार और नेतृत्व क्षमता के दम पर पार्टी कार्यकर्ताओं को निराशा और हताश की गर्त में जाने नहीं दिया। आज कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ छत्तीसगढ़ में खड़ी है और लोकसभा चुनाव में बेहतर परफार्मेस दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राजनांदगांव की अवाम के यूं ही जननायक नहीं बन गए हैं सांसद संतोष पाण्डेय

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  • विकास के लिए समर्पण ने समूचे संसदीय क्षेत्र को दिलाई नई पहचान
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर जो जनप्रतिनिधि सेवा को अपना परम धर्म मान कर अनवरत काम करता हो, जो अपने कर्म से कभी संतुष्ट न हो, और जो सिर्फ अपने ही निर्वाचन क्षेत्र मात्र की नहीं, बल्कि बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्र की भी चिंता करता हो, वही असल जननेता और जननायक कहलाने का हकदार बनता है। कुछ इसी तरह के किरदार हैं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पाण्डेय। संतोष पाण्डेय की कर्मशीलता को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इसी संसदीय सीट से फिर से उम्मीदवार घोषित किया है। उनके सेवाभावी कामकाज से राजनांदगांव ही नहीं, बल्कि बस्तर जिले की अवाम भी मुरीद बन चुकी है।


संतोष पाण्डेय वो जननायक हैं, जिनके रग रग में बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राष्ट्रभक्ति और भारतीय जनता पार्टी की जनसेवा वाली भावना प्रवाहित होती आ रही है। सेवाभावी और संस्कारी माता -पिता से विरासत में मिले सद्गुण आज जन सेवा के प्रतिमान गढ़ने में संतोष पाण्डेय के बड़े काम आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को अपने राजनैतिक गुरु मान कर सांसद संतोष पाण्डेय ने राजनांदगांव, खैरागढ़, कवर्धा और मानपुर, मोहला, अंबागढ़ चौकी जिलों की जनता की बीते पांच साल में जो सेवा की है, उसका बखान चंद पंक्तियों में कर पाना मुमकिन नहीं है। फिर भी उनके कुछ बड़े कार्यों का वर्णन तो किया ही जा सकता है। इन चारों जिलों के विकास और वहां जन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सांसद संतोष पाण्डेय ने बहुत कुछ कर दिखाया है, फिर भी पाण्डेय को उससे जरा भी संतोष नहीं है। वे कहते हैं – अभी मुझे अपने जनता जनार्दन के लिए बहुत कुछ करना है। जीवन की अंतिम सांस तक मुझे जन सेवा में रत रहना है। सांसद संतोष पाण्डेय ने खेल, आस्था, आवागमन, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, रेल सेवा, कला संस्कृति जैसे हर क्षेत्र पर पूरा ध्यान देकर उल्लेखनीय कार्य कराए हैं। उक्त सभी जिलों और बस्तर के हित में उनके अप्रतिम योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों का मूल्यांकन करते हुए राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के मतदाता संतोष पाण्डेय को इस बार फिर लोकसभा में भेजने के लिए आतुर नजर आ रहे हैं।

रेल सेवाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सांसद संतोष पाण्डेय ने राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र को अनेक सौगातें दिलाई हैं। इनमें राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में दरभंगा – सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन, रक्सौल – सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन, वंदे भारत ट्रेन का स्टॉपेज शामिल हैं। वन्दे भारत एक्सप्रेस का डोंगरगढ़ में ठहराव। राजनांदगांव शहर की गौरीनगर क्रॉसिंग, स्टेशन पारा क्रॉसिंग में अंडर ब्रिज निर्माण सहित संसदीय क्षेत्र के बोरतालाब से लेकर मुढ़ीपार तक 12 ओवर ब्रिज और 3 अंडर ब्रिज निर्माणाधीन हैं। डोंगरगढ़ से कटघोरा नई रेल लाईन हेतु 2020- 21 के बजट में 500 करोड़ रू. की मंजूरी दी गई है। संसदीय क्षेत्र में 230 किमी तीसरी रेल लाईन का विस्तार हो चुका है और चौथी रेल लाईन का कार्य जल्द शुरू होने वाला है। अमृत स्टेशन योजना के द्वितीय चरण में राजनांदगांव और डोंगरगढ़ स्टेशन का आधुनिकीकरण एवं विस्तारीकरण प्रस्तावित है। इसके अलावा बस्तर संभाग में भी रेल सेवा के विस्तार के लिए सांसद संतोष पाण्डेय ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात कर सार्थक पहल की है।

सड़कों का बिछा दिया जाल
किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़कों की अहम भूमिका होती है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने समूचे राजनांदगांव क्षेत्र में शानदार सड़कों का जाल बिछवा दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 242 करोड़ की लागत वाली 38 सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दिलाई है।केंद्रीय मद से 250 किमी लंबी 40 सड़कों के निर्माण के लिए 149 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। डोंगरगढ़ से बोरतालाब की महाराष्ट्र सीमा तक सड़क निर्माण की स्वीकृति भी हुई है। राजनांदगांव जिले में 105 सड़कों की मरम्मत के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3736 लाख रुपए मंजूर हो चुके हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले खैरागढ़- लांजी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने की मांग सांसद संतोष पाण्डेय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से की थी, जिसकी मंजूरी मिल गई है और सर्वे का काम भी शुरू हो गया है। इस मार्ग को ग्रीन फील्ड राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। जबलपुर से कवर्धा, खैरागढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, मानपुर, गढ़चिरौली, चंद्रपुर, हैदराबाद सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने का आग्रह सांसद श्री पाण्डेय ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से किया है। इसके अलावा सांसद संतोष पाण्डेय के आग्रह पर मंत्री नितिन गडकरी ने रायपुर – हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग एक्सप्रेस वे का निर्माण स्वीकृत कर दिया है। यह राजमार्ग राजनांदगाव संसदीय क्षेत्र के देवादा, डोंगरगांव, खुज्जी, कुमर्दा, अंबागढ़ चौकी से होकर गुजरेगा। इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है और मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है।

ऊर्जा, शिक्षा और खेल में योगदान
प्रदूषण रहित बिजली व्यवस्था के लिए भी शानदार पहल सांसद संतोष पाण्डेय द्वारा की गई है। उनके प्रयासों से डोंगरगढ़ एवं डोंगरगांव विकासखंडों के आसपास के गांव रेंगाकठेरा, डुंडेरा, ढाबा, अमलीडीह, गुंगेरी नवागांव, माहुल झोपड़ी आदि में 963 करोड़ की लागत से 100 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पार्क की स्थापना की जा रही है। राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल और युगांतर पब्लिक स्कूल में बास्केटबॉल एकेडमी और कवर्धा में कबड्डी एकेडमी प्रारंभ हो चुकी है। संसदीय क्षेत्र के चारों जिलों में सरस्वती शिशु मंदिर संस्थान के लिए सांसद निधि से सांसद संतोष पाण्डेय ने 1करोड़ 66 लाख रुपए जारी किए हैं। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) के राजनांदगांव सेंटर को अपग्रेड करने के लिए खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 63 लाख रू. की स्वीकृति प्रदान की है। अंतर राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में साईं के पृथक से 100 बेड हॉस्टल और खेलो इंडिया के तहत बास्केटबाल अकादमी भी स्वीकृत हो चुकी है। कवर्धा में केंद्रीय विद्यालय के नवीन भवन के लिए 21 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। छत्तीसगढ़ के एकमात्र दिव्यांग जन कौशल विकास, पुनर्वास सशक्तिकरण के भवन हेतु 25 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सांसद संतोष पाण्डेय ने जो योगदान दिया है, उसकी फेहरिश्त बड़ी लंबी है।

गर्ल्स हॉस्टल पोटा केबिन में लगी भीषण आग, पूरा भवन हुआ खाक, एक छात्रा लापता

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  • 350 छात्राओं को दूसरे हॉस्टल में किया गया शिफ्ट
  •  आदिम जाति कल्याण विभाग के स्थानीय अधिकारी की लापरवाही फिर उजागर
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में फिर बड़ा हादसा हो गया। वहां स्थित आवासीय गर्ल्स हॉस्टल पोटा केबिन में बीती देर रात भीषण आग लग गई। उस समय सभी छात्राएं सो रही थीं, जो आग की तपिश महसूस होते ही जाग गईं और उन्होंने भागकर जान बचाई। आग से पूरा हॉस्टल और छात्राओं का सामान जलकर खाक हो गया है।
    मिली जानकारी के अनुसार आवसीय पोटा केबिन में 350 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। बुधवार 7 मार्च की देर रात ये छात्राएं भोजन करने और कुछ देर तक कोर्स की किताबों का अध्ययन एवं होम वर्क पूरा करने के बाद अपने अपने बेड पर सोने चली गईं। जब ये छात्राएं गहरी नींद में थीं, तभी हॉस्टल पोटा केबिन में आग लग गई। आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई। आग की तपन महसूस होने पर कुछ छात्राओं की नींद खुल गई। आग की लपटें देखकर उन छात्राओं ने चीख पुकार मचाना शुरू कर दिया।

शोर सुनकर सभी छात्राएं उठ गईं और उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। सभी छात्राएं हॉस्टल से बाहर निकलकर सुरक्षित दूरी पर चली गईं और मदद के लिए शोर मचाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर हॉस्टल के कर्मचारी और आसपास रहने वाले ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सभी ने यहां वहां से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की, मगर आग इतनी तीव्र थी कि कर्मचारी और ग्रामीण भी कुछ नहीं कर पाए। आग ने पूरी पोटा केबिन को जद में ले लिया और पूरी तरह से खाक कर दिया। बाद में सभी छात्राओं को रेस्क्यू कर जीबीवी केबिन में शिफ्ट किया गया। पूरी पोटा केबिन जलकर खाक हो गई है। वहीं वहां रहकर अध्यनरत लिपाक्षी नामक छात्रा के लापता होने की खबर है। यह पोटा केबिन बीजापुर जिले के आवापल्ली थानाक्षेत्र अंतर्गत चिंताकोंटा में स्थित है और आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग द्वारा संचालित है। यहां रहने वाली छात्राएं अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग की हैं। वहीं दूसरी ओर लापता छात्रा लिपक्षी की खोजबीन की जा रही है। अधिकांश छात्राओं के परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। लापता छात्रा लिपाक्षी के भी पहुंचने की खबर है। वहीं छात्राएं जान बचाने के फेर में अपने कपड़े लत्ते, पुस्तक कॉपियां और दीगर जरूरी सामानों को निकाल नहीं पाई। यह सारे सामान भी जल गए हैं। अग्नि दुर्घटना की खबर मिलते ही मौके पर बीजापुर के एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, टीएमसी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक पहुंच गए हैं।


सहायक आयुक्त हैं बेपरवाह
बीजापुर में पदस्थ आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त की बेपरवाही फिर एक बार उजागर हो गई है। विभाग के कामकाज और छात्रावासों, कन्या आश्रमों, शिक्षा परिसरों की देखरेख और व्यवस्थाएं जानने की फुरसत सहायक आयुक्त को नहीं है। हॉस्टल में इतनी बड़ी दुर्घटना हो गई और सहायक आयुक्त श्री मसराम अपने सरकारी बंगले में आराम फरमाते रहे। सारे बड़े अधिकारी पहुंच गए थे, लेकिन इन साहब का कोई पता ही नहीं था। मसराम काफी विलंब से पहुंचे। उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले के छात्रावासों, शिक्षा परिसरों में आए दिन कोई न कोई घटना होती रहती है। कुछ दिनों पूर्व एक छात्र ने छात्रावास के अपने कमरे में फांसी लगा ली थी, हॉस्टलों से छात्र छात्राएं अक्सर गायब हो जाते हैं। मगर साहब को इन सब बातों की कोई चिंता ही नहीं है। उन्हें तो बस फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पा चुके प्रभारी प्राचार्य, शिक्षक शिक्षिकाओं और अन्य कर्मकारियों को बचाकर धन कमाने की ही फिक्र रहती है। उनकी प्रशासनिक क्षमता और विभाग में पकड़ पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।

पत्रकार के ऊपर हुए हमले को लेकर ठोस कार्यवाही नही होने पर पत्रकार थाने के बाहर धरने में बैठे

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दैनिक भास्कर के संवाददाता अज्जयन पिल्ले पर हुए प्राणघातक हमले के बाद राजहरा थाने में मामले को लेकर निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही नही करने के विरोध में धरने पर बैठ गए।

पत्रकार सुरक्षा कानून की उड़ाई जा रही है धज्जियां

प्राप्त जानकारी अनुसार नगर पंचायत चिखलाकसा में विवादित पुलिया निर्माण को लेकर जानकारी लेने पहुंचे दैनिक भास्कर के संवाददाता अज्जयन पिल्ले पर सर्वप्रथम एसडीएम कार्यालय में मारपीट की गई, जिसके बाद इसके संबंध में शिकायत दर्ज करवाने के लिए राजहरा थाने पहुंचने पर पुनः थाना परिसर में झूमा झटकी की गई, जिसमे संवाददाता द्वारा अपने बचाव में हमला करने वालों को दूर हटाने का प्रयास किया गया तो हाथ घूसों सहित डंडे से प्रहार किया गया जिसमे पिल्ले के सर पर गंभीर चोट आई। जिसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा संविधान के चौथे स्तंभ पर घातक हमला किए जाने वालों को राजनैतिक दबाव के कारण बचाने का प्रयास किए जाने का आरोप साथ आए पत्रकार एवं नगर के गणमान्य नागरिकों द्वारा लगाया जा रहा है।

गौरतलब है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा पत्रकारों की सुरक्षा और उन पर हो रहे हमलों और आरोपों को देखते हुए पत्रकार सुरक्षा अधिनियम बनाया गया था, किंतु प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही पत्रकारों के साथ इस प्रकार का सौतेला व्यवहार और काउंटर केस के नाम से प्रसिद्ध राजहरा थाना की कार्यवाही पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है।

पत्रकार सुरक्षा अधिनियम के अनुसार अधिकृत अधिकारी के जांच उपरांत ही अपराध दर्ज किया जाना चाहिए था किंतु इस घटना में राजनैतिक दबाव और रसूखदार परिवार के लोगो के द्वारा इस प्रकार का शर्मनाक कृत्य किए जाने वालों को बचाने हेतु राजहरा थाना के द्वारा काउंटर केस बना दिए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है।

ब्लॉक सहित जिले और संपूर्ण प्रदेश के पत्रकार संघ ने इस घटना की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस प्रकार का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ब्लॉक ही नही पूरे प्रदेश स्तर पर इस घटना को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

शिक्षिका वंदना बघेल के जन्मदिन पर डीएव्ही स्कूल उलनार में न्योता भोज

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  • बच्चों को परोसा गया पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन

जगदलपुर राज्य के स्कूली बच्चों को अब मिड डे मील में दाल चावल के साथ ही स्वादिष्ट भोजन देने की योजना से छात्रों को लाभान्वित करने के लिए डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल की शिक्षिका वंदना बघेल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर विद्यालय में न्योता भोज का आयोजन किया। न्योता भोज में विद्यार्थियो को खीर-पूरी, मटर आलू की सब्जी और टमाटर चटनी जैसे स्वादिष्ट व्यंजन परोसे गए। शिक्षिका वंदना बघेल को प्राचार्य मनोज शंकर, सभी शिक्षक शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने जन्मदिन की बधाई दी। न्योता भोज में बच्चों के साथ विद्यालय के प्राचार्य मनोज शंकर, शिक्षक राजेश यादव, बलराम सोनकर, देवसिंह नेताम, शिक्षिका काजल कश्यप, तृप्ति नायक, किरण आचार्य, अनिता पटेल, सुप्रिया डे, दीपिका यादव, सुमन देवांगन, वंदना बघेल, रागिनी पाणिग्रही, विजयलक्ष्मी साहू, उर्मिला ठाकुर ने भी भोजन ग्रहण किया। बच्चों की परीक्षा का आज अंतिम दिन था। परीक्षा संपन्न होने के बाद न्योता भोज ग्रहण कर बच्चे उत्साहित नजर आ रहे थे।

 

अर्चना झा बस्तर एडीशनल एसपी तो महेश्वर नाग भेजे गए नारायणपुर

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जगदलपुर ।छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल हुआ है,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जंबों तबादला किया गया है जिसमें बस्तर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग भी प्रभावित हुए हैं उन्हें नारायणपुर 16 वें बटालियन भेजा गया है। वहीं बिलासपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा को बस्तर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। ज्ञात हो कि बस्तर जिले में यह पहली बार है कि नगर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक सभी नये लोगों की पदस्थापना किया गया है।

मोदी से स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने किया संवाद

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जगदलपुर शहर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में शक्ति वंदन अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से स्व सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया। शक्ति वंदन अभियान के कार्यक्रम में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे, पार्षद योगेंद्र पांडे, नरसिंह राव, निर्मल पाणिग्रही, नीलम यादव, त्रिवेणी रंधारी, रीना घोष, धनसिंह नायक, ममता पोटाई, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, पूर्व पार्षद अतुल कोशल, उमा मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुधा मिश्रा एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी तथा स्व सहायता समूह की महिलाएं बहनें उपस्थित थीं।

अपने अधिकार के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले जड़ सड़क पर उतरी कार्यकर्ता

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  • हीरामणी का के ईलाज और सवैतनिक अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति, रुक्मिणी के मुद्दे

जगदलपुर नवजात से लेकर शिशुवतियों तक की देखभाल करने, सभी शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों में बढ़ -चढ़कर हिस्सा लेने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने अधिकार के लिए फिर सड़क पर उतर आई हैं।कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया।

 

जगदलपुर के मंडी प्रांगण में धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जो मुद्दे सामने रखे हैं वे बड़े मार्मिक हैं। बताया गया है कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत विवाह कार्यक्रम की तैयारियों में लगी बकावंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीरामणी दुर्घटना ग्रस्त हो गई है। तीन दिनों से प्रशासनिक अधिकारियों की उसके प्रति बेरुखी बनी हुई है। घायल हीरामणि को देखने और उसके ईलाज पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और भी उद्वेलित हो उठी हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का कहना है कि हीरामणि के उपचार का खर्च सरकार वहन करें‌। अपने अगले लाईन में कोंडागांव जिले के उड़ीदगांव निवासी प्रमिला मानिकपुरी व माकड़ी निवासी रुक्मणी ध्रुव की असामायिक मृत्यु तथा बचेली परियोजना की भांसी निवासी रमा कामो जो कि घायल है, उसके बेहतर उपचार की भी मांग उठाई गई है। इसी प्रकार बर्खास्त कर दी गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की संभागीय अध्यक्ष रुकमनी सज्जन को को नौकरी पर बहाल करने की मांग की गई है। कहा गया है कि रुक्मणि सज्जन को महिला एवं बाल विकास विभाग की क्षेत्रीय अधिकारी ने दुर्भावनावश बर्खास्त कराया है। संघ के जिम्मेदार पद पर होने के नाते रुक्मणि उक्त अधिकारी के नाजायज कार्यों का विरोध करती रही हैं। संघ ने कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को गैर विभागीय कार्यो से दूर रखने, घायल कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सवैतनिक अवकाश सहित 5 से 10 लाख रुपए देने, मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देने, एकमुश्त 50 लाख रुपए तथा रिटायरमेंट के बाद 20 हजार रुपए की मासिक पेंशन देने की मांग की गई है।

महाराष्ट्र पासिंग ट्रक से 60 लाख का गांजा और 30 क्विंटल कनकी बरामद

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  • 71 लाख की संपत्ति जप्त की है नगरनार पुलिस ने
  • मामले में पुलिस कर रही है लीपापोती का बड़ा खेल

-अर्जुन झा-

नगरनार स्थानीय पुलिस ने महाराष्ट्र पासिंग एक ट्रक से छह क्विंटल से अधिक गांजा बरामद किया है। गांजा की कीमत सवा छह लाख से अधिक बताई गई है। ट्रक से तीस क्विंटल कनकी चावल भी बरामद किया गया है। पुलिस ने ट्रक समेत कुल 71 लाख का माल जप्त किया है।

नगरनार पुलिस ने 4 मार्च को शाम 5.40 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 63 पर ग्राम धनपूंजी फारेस्ट नाका के पास खड़े आयशर 1110 वाहन क्रमांक एमएच 40 सीएम 1592 को पकड़ा। ट्रक की कीमत करीब 10 लाख रुपए आंकी गई है। ट्रक में चालक क्लीनर कोई नहीं था। ट्रक के पीछे डाले में 121 पॉलीथिन बैग में 6 क्विंटल 3 किलो 525 ग्राम गांजा मिला। गांजे की कीमत 60 लाख 35 हजार 250 रूपए आंकी गई है। इसके अलावा ट्रक के डाले में प्लास्टिक की 100 बोरियों में 72 हजार 500 रुपए मूल्य का कुल 30 क्विंटल कनकी चावल भी बरामद किया गया है। साथ ही एक पुराना विवो कंपनी का एन्ड्राईड मोबाईल फोन भी चालू हालत में मिला है। कनकी चावल का बिल और सप्लाई पर्ची भी मिली है। बिल और सप्लाई पर्ची 03 मार्च को जेके राईस मिल कोंडागांव से जारी की गई है।

इस प्रकार कुल 71 लाख 12 हजार 750 का माल पुलिस ने जप्त किया है।

पुलिस कार्रवाई शक के घेरे में

नगरनार थाना पुलिस मुखबिर की सूचना के आधार पर यह कार्रवाई करने का दावा कर रही है। मगर पुलिस की कार्रवाई संदेह के दायरे में आ गई है। कोई भी व्यक्ति लाखों का माल और मोबइल फोन को यूं ही लावारिस हालत में छोड़कर कहीं नहीं जा सकता। खासकर लोग मोबइल फोन को तो चौबीसों घंटे अपने पास ही रखते हैं। ऐसे में पुलिस का यह कहना कि ट्रक लावारिस हालत में मिला है और उसका चालक अज्ञात है, स्वतः शक के दायरे में आ जाता है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस मामले के असल आरोपियों को बचा रही है। ट्रक चालक और उसके मालिक को भागने के लिए पुलिस ने पूरा मौका दिया है। इसके एवज में नगरनार पुलिस को मोटी रकम दी गई है। पुलिस चाहती तो बरामद मोबइल फोन, ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर और कथित राइस मिल के बिल के आधार पर आरोपियों तक आसानी से पहुंच सकती थी। मगर लेनदेन कर मामला सलटाने का प्रयास किया जा रहा है।

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