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केन्द्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी को शिक्षकों की समस्याओं के समाधान हेतु सौंपा ज्ञापन, मुश्ताक अहमद

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अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी बताया कि केन्द्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी के कार्यलय दिल्ली पहुंच कर सांसद मोहन मंडावी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले और बालोद जिले में स्थित निजी स्कूलों के प्रबंधन द्वारा किये जा रहे शिक्षकों के शोषण को रोकने एवं उनके स्थिति को सुधारने बाबत ज्ञापन सौंपा।
मुश्ताक अहमद ने बताया कि उन्होंने अपने ज्ञापन में छत्तीसगढ़ प्रांत के दुर्ग और बालोद जिले में स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन नई दिल्ली (सीबीएसई) से सम्बद्धता प्राप्त, कई निजी स्कूलों में स्कूल
प्रबंधन द्वारा शिक्षकों / शिक्षिकाओं का शोषण किया जा रहा है और विरोध करने पर सीधे सीधे नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी देते हुए उनका मुँह बंद कराया जा रहा है। और बहुत ही कम वेतन शिक्षकों को दिया जा रहा है।इस विषय में दुर्ग और बालोद जिले के बहुत से शिक्षकों से ये शिकायत मिली थी कि स्कूल प्रबंधन द्वारा न केवल शिक्षकों / शिक्षिकाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है बल्कि विरोध करने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी भी दी जाती है। इस सन्दर्भ में जानकारी लेने पर पता चला कि –
(1) 07-08 वर्षों से एडहॉक के रूप में नियुक्त शिक्षक/ शिक्षिकाओं को नियमित नहीं किया जा रहा है और पूछने पर प्रबंधन द्वारा यही कहा जाता है कि नौकरी करनी है तो एडहॉक में करो वार्ना कहीं और देख लो।
(2) कोरोना काल के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को महँगाई भत्ता में होने वाले बढ़ोत्तरी
का लाभ देना बंद कर दिया गया है।
(3) कोरोना काल के बाद बहुत से स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को मिल रहे अर्जित अवकाश, मेडिकल लीव एवं मेडिकल भत्ता को बंद कर दिया।
(4) स्कूल प्रबंधन दवरा समय पर शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाता है और पूछने या विरोध करने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है।
उक्त मामले को दुर्ग जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष दिनांक 17.08.2023 को
रखते हुए शिक्षकों को न्याय दिलाने की अपील की गयी थी जिसपर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन क्रमांक / 11567, दिनांक 23.08.2023 को जांच हेतु कमिटी गठन करने का आदेश पारित किया गया और इसकी सूचना भी मुझे दी गयी। किन्तु अचानक दिनांक 15.09.2023 को जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग के द्वारा एक और आदेश निकाला गया जिसमें दिनांक 23.08.2023 को निकाले गए आदेश को निरस्त करते हुए शाला संचालन समिति के अध्यक्ष / सचिव को शिकायत का निवारण करते हुए कार्यालय को सूचित करने का दिशा-निर्देश दिया गया था। किन्तु आज तक स्कूल संचालन समिति का कोई जवाब नहीं आया है। इस बीच सीबीएसई से सम्बद्ध जिले के अन्य निजी स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति की जानकारी लेने पर जो बातें सामने आयीं हैं वह स्कूल प्रबंधन द्वारा न केवल सीबीएसई / माननीय उच्चतम न्यायलय द्वारा समय समय पर दिए गए दिशा-निर्देश / आदेशों की अवहेलना करना दर्शाता है बल्कि स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों का खुलेआम शोषण करना भी स्थापित करता है।
हमारे पास इन तथ्यों के समर्थन में निम्न जानकारियां हैं।
1, बालोद जिले के दल्ली राजहरा में बीएसपी के प्रोजेक्ट के स्कूल डीएवी में बीएसपी प्रबंधन द्वारा निजी पालकों से सीबीएसई के मापदंडों से अधिक फीस लिया जा रहा है और बीएसपी द्वारा जो नान बीएसपी बच्चों के लिए अनुबंध के अलावा सालाना करोड़ों रुपए दिए जा रहे हैं उसे कहा खर्च किया जा रहा है इसका हिसाब बीएसपी प्रबंधन नहीं दे रहीं हैं जिससे लगता है कि इन करोड़ों रुपए का बंदरबांट कर लिया गया है।
(2) जिले के लगभग सभी निजी स्कूल द्वारा बच्चों को लाने जाने हेतु बस उपलब्ध कराया
जाता है। किन्तु सीबीएसई के गाईड लाइन एवं माननीय उच्चतम न्यायलय के निर्देशानुसार
किसी भी बस में बच्चों के सुरक्षित आवागमन हेतु बस में प्रशिक्षित महिला अटेंडेंट का होना
आवश्यक है किन्तु स्कूल प्रबंधन द्वारा ऐसा न करते हुए शिक्षकों शिक्षकाओं से ही अटेंडेंट का
भी कार्य कराया जा रहा जो कि न केवल सीबीएसई के गाईड लाइन की स्पष्ट अवहेलना है। बल्कि शिक्षकों का शोषण भी है।
(3) इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि जिले के लगभग सभी निजी स्कूलों में शिक्षकों को
क्लास में बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं दी जाती है और उन्हें पूरे समय खड़े खड़े ही पढ़ना और
अपना टिफिन खाना पड़ता है। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जाती है।
(4) किसी भी संस्थान में कार्यरत व्यक्ति के लिए अर्जित अवकाश, मेडिकल लीव और मेडिकल भत्ता एक संवैधानिक हक है और उसे दबाने का किसी भी स्कूल प्रबंधन को अधिकार नहीं है।
उक्त शिकायतें लगभग दुर्ग और बालोद जिले के सभी निजी स्कूल संस्थानों में व्याप्त है जिससे इन
स्कूलों के शिक्षकों के अंदर कुंठा, भय एवं आक्रोश व्याप्त है और अगर इन ज्वलंत समस्याओं
का निराकरण जल्द से जल्द नहीं किया जाता है तो निश्चित तौर पर शिक्षकों को मानसिक / आर्थिक / शारीरिक वेदना से गुजरना पड़ेगा जिसके कारण उनके कार्य क्षमता पर भी
विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
मुश्ताक अहमद ने आगे बताया कि केन्द्रीय राज्य शिक्षा मंत्री के सामने उपरोक्त तथ्यों के प्रकाश में लाकर आग्रह किया गया है कि उपरोक्त शिकायतों के जांच हेतु
सीबीएसई को निर्देशित करें और उक्त जांच के दौरान शिकायतकर्ता को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अनुमति देवें ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षकों को मानसिक / आर्थिक / शारीरिक यातना से मुक्ति मिले।
ज्ञापन सके। प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप सांसद मोहन मंडावी, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुश्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष एम पी सिंग उपस्थित थे।

धन्यवाद ।
भवदीयु
मुस्ताक अहमद अंसारी
मोबाइल – 9406087222

mustak.ahmad003@gmail.com

बस्तर की हसीन वादियों में हो रहा पर्यटकों की सेहत से खिलवाड़…!

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  •  वसूला जा रहा है मोटा शुल्क, नहीं होती सफाई
  •  तीरथगढ़ टूरिस्ट स्पॉट में उगाही व बदहली का खेल
    अर्जुन झा
    जगदलपुर बस्तर की हसीन वादियां अपने आप में खूबसूरत नजारे, कुदरत की बेमिसाल नेमतें और पर्यावरण की अनुपम छटा समेटी हुई हैं। अब इन सभी प्रकृति प्रदत्त उपहारों पर ग्रहण लगता जा रहा है। सेहत की बेहतरी और दिलो दिमाग को तरोताजा रखने की ख्वाहिश लिए बस्तर आने वाले सैलानियों को अब मायूसी हाथ लगने लगी है। उनकी सेहत पर उल्टा असर पड़ रहा है। वजह है बस्तर के टूरिस्ट स्पॉट्स में उगाही करने वाले लोगों की गैर जिम्मेदाराना हरकत।
    प्रकृति ने बस्तर संभाग पर अपना पूरा खजाना लुटा दिया है। हरी भरी हसीन वादियां, ऊंचे ऊंचे दरख्त, कलरव करते रंग बिरंगे पक्षी, कुलांचे मारते हिरणों के झुंड, कलकल बहती नदियां आसमान को चूमते पहाड़ और हाथियों जैसे चिंघाड़ते जलप्रपात क्या कुछ नहीं है बस्तर में। कुदरत ने अपने सबसे खूबसूरत नजारों का तोहफा दे रखा है बस्तर को। यही वजह है कि भारत के हर राज्य के और दूसरे देशों के लाखों सैलानी हर साल बस्तर पहुंचते हैं। यहां की खूबसूरत वादियों में तनाव और थकान भरी जिंदगी के कुछ हसीन पल सुकून से गुजारने की चाहत लिए बस्तर आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की सेहत से अब खुलेआम खिलवाड़ किया जाने लगा है। बस्तर के अमूमन सभी टूरिस्ट स्पॉट्स में पर्यटकों से भारी भरकम शुल्क लिया जाता है, मगर इन पर्यटन स्थलों की सफाई व्यवस्था पर जरा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पर्यटन स्थल बजबजाती गंदगी और कूड़े के ढेरों की वजह से बीमारियों का घर बनते जा रहे हैं। सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल तीरथगढ़ का भी बड़ा बुरा हाल हो गया है। तीरथगढ़ वाटर फॉल का दीदार करने रोजाना सैकड़ों की तादाद में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटक अपने साथ खाने – पीने का सामान, पानी की बोतलें आदि लेकर आते हैं। खाने पीने के बाद झिल्ली पन्नी, रेपर, कागज, पानी की बोतलों को वहीं छोड़ जाते हैं। इसी तरह तीरथगढ़ वाटर फॉल के आसपास पिकनिक मनाने वाले पर्यटक भोजन पकाने और खाने के बाद अंगीठी, कोयला, जूठन आदि को वहीं पर छोड़ जाते हैं। आज आलम यह है कि तीरथगढ़ वाटर फॉल टूरिस्ट स्पॉट कचरे और गंदगी से भरता जा रहा है। जूठन सड़कर बदबू फैला रही है। जहां – तहां बिखरे कचरे, पसरी गंदगी और उठती बदबू से वाटर फॉल के आसपास का हिस्सा प्रदूषण की चपेट में आ गया है। सेहत की बेहतरी की उम्मीद लिए तीरथगढ़ पहुंचने वाले पर्यटक वहां से बीमारियां साथ लेकर लौटते हैं। तीरथगढ़ पहुंचने वाले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 100 रू. की वसूली वहां तैनात ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं द्वारा की जाती है। मगर वहां फैलने वाली गंदगी की सफाई बिल्कुल भी नहीं की जाती। शुल्क कचरे और गंदगी की सफाई के नाम पर लिया जाता है। देश विदेश के पर्यटक यहां के खूबसूरत नजारे को कैमरे में कैद करते हैं, लेकिन अब वहां बिखरी गंदगी और कचरे की झलक उनके कैमरों के साथ विदेशों तक पहुंचने लगी है।

    जब सफाई नहीं तो वसूली क्यों?
    बताते हैं कि तीरथगढ़ और आसपास के गांवों के युवाओं एवं महिलाओं के समूह को स्थानीय पंचायत ने शुल्क वसूली की जिम्मेदारी दे रखी है। इसके एवज में समूह को वहां सफाई व्यवस्था बनाए रखनी होती है। मगर वसूली के बावजूद साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहां बिखरी गंदगी ओर कचरे बस्तर की खूबसूरती पर दाग दिखा रहे हैं। समूह के लोगों को बिनता घाटी स्थित पर्यटन स्थल कोरली के मुरिया आदिवासियों से सबक लेना चाहिए। इंद्रावती नदी के तट पर बसा गांव कोरली भी एक दिलकश टूरिस्ट स्पॉट है, जहां सैलानियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़तीजा रही है। कोरली के आदिवासी पर्यावरण संरक्षण के प्रति इतने सजग हैं कि वे न खुद कचरा व गंदगी फैलाते हैं और न ही पर्यटकों को ऐसा करने देते हैं। कोरली के मुरिया आदिवासी पर्यटकों से विनम्र आग्रह करते हैं कि झिल्ली पन्नी, कागज के टुकड़े, कैरीबैग, डिस्पोजल गिलास, बोतलें आदि को यहां वहां न फेंककर एक जगह जमा करें। बाद में ग्रामीण इन सारी चीजों को दूर ले जाकर उन्हें नष्ट कर देते हैं। यदि तीरथगढ़ में भी ऐसी ही जन जागृति आ जाए, तो यह इस पर्यटन स्थल के हित में होगा।

घट रही है पर्यटकों की संख्या
बस्तर संभाग में चित्रकोट वाटर फॉल के बाद देसी विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र तीरथगढ़ वाटरफॉल ही है। जो सैलानी बस्तर आते हैं, वे चित्रकोट और तीरथगढ़ के खूबसूरत नजारों का दीदार किए बिना नहीं रहते। इन दोनों जगहों पर जाए बिना बस्तर की यात्रा अधूरी मानी जाती है। ठंड व गर्मी के मौसम और बारिश के आखिरी दिनों में रोज हजारों पर्यटक तीरथगढ़ पहुंचते रहे हैं, लेकिन अब पर्यटकों की संख्या तेजी से घटने लगी है। रोज बमुश्किल सौ सवा सौ पर्यटक वहां पहुंच रहे हैं। इसकी एकमात्र वजह तीरथगढ़ में फैल रही गंदगी है। वैसे तो गंदगी के लिए पर्यटक भी जिम्मेदार हैं, मगर शुल्क वसूलने वाले लोगों की जवाबदेही ज्यादा है। अगर समय रहते शुल्क वसूलने वाले लोग, स्थानीय पंचायत और प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वह दिन दूर नहीं जब वाटर फॉल का दीदार करने आने वाले पर्यटकों के दीदार के लिए तीरथगढ़ ही तरसने लग जाएगा।

कोरली की हसीन वादियों में उमड़ने लगी है सैलानियों की भीड़

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  • आकर्षक नजारे की खबर छपने के बाद उमड़ी भीड़
  •  बिनता घाटी की गोद में और इंद्रावती के तट पर बसा है अनछुआ पर्यटन स्थल
    -अर्जुन झा-
    लोहंडीगुड़ा कोरली के नदी तट पर और बिनता घाटी की गोद में बसे कोरली गांव के खूबसूरत नजारे अब पर्यटकों को अपनी ओर खींचने लगे हैं। बिनता घाटी की वादियों का चुंबकीय आकर्षण सैलानियों को बरबस अपनी ओर खींचने लगा है। कोरली के गुमनाम अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य की ओर इस समाचार पत्र ने प्रकृति प्रेमियों का ध्यान आकर्षित कराया था। अखबार में खबर छपते ही कोरली चर्चा में आ गया और अब वहां सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।
    बस्तर संभाग पर कुदरत बहुत ज्यादा मेहरबान और कुदरत ने बस्तर को ढेरों नेमतों से नवाजा है। बस्तर का हर कण प्रकृति की अनुपम गाथा सुनाता है। दर्जनों प्रजातियों के पेड़ों से आच्छादित जंगल, कलकल बहती नदियां, विहंगम जलप्रपात, प्राचीन गुफाएं, शैलचित्र एवं भित्तिचित्र, प्राचीन प्रतिमाएं, आसमान से गलबाहियां करते पहाड़ और पहाड़ों को चूमते बादल.. क्या कुछ नहीं दिया है प्रकृति ने बस्तर को।

ऐसा लगता है कि कुदरत ने बस्तर को दिल खोलकर नेमतों से नवाजा है। बस्तर में विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जल प्रपात, तीरथगढ़ वाटरफॉल, कुटुमसर की गुफा, केशकाल घाटी का विहंगम दृश्य, बैलाडीला की पहाड़ियों पर विचरण करते कपसीले और स्याह बादलों के झुंड, प्राचीन और विशालकाय भगवान गणेश की अलौकिक प्रतिमा, दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी का पावन धाम, कांकेर स्थित मां कंकालिन के दिव्य दरबार के साथ ही अनगिनत दर्शनीय, रमणीय और पूज्यनीय स्थल हैं। इन जगहों पर आकर लोग अपना अतीत भूल जाते हैं, वर्तमान में खो जाते हैं और सुनहरे भविष्य का तानाबाना बुनते हैं। बस्तर की हसीन वादियों में बारहों माह सैलानियों की आमदरफ्त लगी रहती है। देशभर के और विदेशी सैलानीबड़ी संख्या में बस्तर आते हैं। बस्तर के पर्यटन मानचित्र में अब एक नया नाम जुड़ गया है। वह है बिनता घाटी की वादियों में इंद्रावती नदी के तट पर बसा और विशाल पहाड़ों से घिरा गांव कोरली। यह अनचिन्हा पर्यटन स्थल सैलानियों को अपनी ओर धीरे धीरे ही सही आकर्षित जरूर करने लगा है। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से लगभग 80 किमी दूर स्थित बिनता घाटी की छटा तो देखते ही बनती है, इंद्रावती नदी के तट पर बसे लोहंडीगुड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत भेजा के आश्रित गांव कोरली का भी नजारा दिल की गहराइयों में उतर जाता है। कोरली प्रकृति के उपहारों से समृद्ध गांव है। कलकल करती इंद्रावती नदी इस गांव की धरा का आचमन करती हुई सुकमा जिले की ओर आगे बढ़ जाती है। कोरली के पास नदी का नजारा बड़ा ही मनभावन है। पहाड़ों से घिरे कोरली में आकर इंद्रावती नदी ठहर सी जाती है, मानो उसे भी कोरली से लगाव हो गया हो। गर्मी के दिनों में झुलसाती गर्म हवाएं नदी के जल का स्पर्श पाकर शीतल बयार में तब्दील हो जाती हैं। गर्मी से बेचैन तन मन इस शीतल बयार से प्रफुल्लित हो उठता है। नदी किनारे से हटने का मन ही नहीं करता। रेतीले तट पर नदी में स्नान करते ग्रामीण और बच्चे बरबस ध्यान खींच लेते हैं। यहां मगरमच्छ भी देखे जा सकते हैं। चट्टानें नदी और कोरली गांव की सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं। नदी में नौकयान की भी व्यवस्था है। डोंगियों से नौकयान का लूत्फ पुरसुकून और यादगार बन जाता है।

जितना सुना, उससे ज्यादा पाया
इस समाचार पत्र में बिनता घाटी और कोरली के खूबसूरत नजारों की खबर प्रकाशित होते ही कोरली तो जैसे छा गया। यहां अचानक पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी है। आज रविवार को ऐसी भीड़ रही कि कोरली गांव के लोगों के चेहरे खिल उठे। मेहमाननवाजी और पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कोरली के मुरिया आदिवासी सारा कामकाज छोड़कर मेहमान पर्यटकों की तिमारदारी में जुट गए थे। जगदलपुर और राज्य के विभिन्न शहरों से आज सैकड़ों सैलानी कोरली पहुंचे थे। इन पर्यटकों ने कोरली की सुंदरता के बारे में अपने अनुभव इस संवाददाता को सुनाए। जगदलपुर और आसपास के गांव कस्बों के निवासी धीरज कुमार, विश्वमोहन मिश्र शिक्षक, व्यवसायी पुष्पेंद्र मार्को, उपेंद्र कुमार ने बताया कि कोरली के बारे में अखबार में प्रकाशित आपकी स्टोरी पढ़ने के बाद हम खुद को रोक नहीं पाए और ढूंढ़ते हुए कोरली गांव तक आ ही गए। वास्तव में अद्भूत नजारे हैं यहां। आपने जितना लिखा था, उससे भी कहीं ज्यादा सुंदर दृश्य देखने को मिले हैं हैं यहां। इस नई जगह को पहचान दिलाने के लिए आपको और आपके समाचार पत्र को बहुत बहुत धन्यवाद। कोरली के ही एक ग्रामीण साहू कुमार कश्यप ने कहा कि अगर पर्यटन विभाग बारसूर, चित्रकोट की तरह कोरली को भी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र से जोड़ देता है, तो ग्राम कोरली की तस्वीर ओर तकदीर दोनों बदल जाएगी। ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी और गांव का समुचित विकास हो पाएगा।

तकनीकी विवि में फीस वृद्धि के खिलाफ कुलपति का फूंका पुतला

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  •  स्वामी विवेकानंद तकनीकी विवि ने की परीक्षा शुल्क में 50 फीसदी वृद्धि
    जगदलपुर अभाविप बस्तर जिला इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय प्रशासन भिलाई द्वारा परीक्षा फीस में की गई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ यूनिवर्सिटी के कुलपति का पुतला दहन किया।
    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर के कार्यकर्ताओं ने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के कुलपति एमके वर्मा का पुतला जलाया। इस दौरान अभाविप के प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने बताया कि स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क जो में सीधे पचास प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी करते अब परीक्षा शुल्क को 1376 रुपए कर दिया गया है। पहले यह शुल्क मात्र 800 रू. था। यूनिवर्सिटी प्रशासन का यह कदम छात्र- छात्राओं के हित में नहीं है। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के अधीन इंजीनियरिंग कॉलेजों, फार्मेसी कॉलेजों व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अध्ययनरत 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में परीक्षा फीस में 500 से 600 रुपए तक की बढ़ोत्तरी किसी भी सूरत में न्याय संगत नहीं है। इसके अलावा छात्रों को परीक्षा शुल्क भरने में भी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा शुल्क भरने के लिए बहुत ही कम समय सीमा निर्धारित की गई है और इसके बाद लेट फीस के नाम से वसूली अलग की जाती है।

एक में जीरो, बाकी में 90 फीसदी अंक
शैलेष ध्रुव ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के बहुत सारे होनहार विद्यार्थियों के एक ही विषय में शून्य अंक आया है। जबकि बाकी सभी विषयों में उन्होंने 90 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी ऐसी गड़बड़ी होती रही है। साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र – छात्राओं को मेस राशि का भी आवंटन नहीं किया जाता। मेस के लिए विद्यार्थियों से रकम वसूल की जाती है और कुक के पारिश्रमिक के लिए भी विद्यार्थियों से अतिरिक्त राशि ली जाती है। शैलेष ध्रुव ने कहा कि विवि प्रशासन को जल्द से जल्द इन सभी विषयों पर त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ाए गए परीक्षा शुल्क को वापस लिया जाए या कम किया जाए। इस दौरान संजय मुखर्जी, ईश्वर, परिवेद, विवेक, अचिंत्य, सौरभ, समेत अभाविप के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

हसदेव अरण्य का जायजा लेने जा रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

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रायपुर हसदेव अरण्य क्षेत्र के प्रभावितों से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं के काफिले को प्रशासन ने रोक दिया।

बिलासपुर के लिमहा टोल प्लाजा के पास पुलिस के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले को रोका। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस के कई बड़े नेता सड़क मार्ग से हसदेव अरण्य क्षेत्र के प्रभावितों से मिलने और जंगलों की कटाई व कोल ब्लॉक आवंटन का मुआयना करने जा रहे थे।

मोंगरापाल ने जीता क्रिकेट स्पर्धा का पहला मैच

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जगदलपुर बस्तर के टर्फ ग्राउंड में चल रही सुभाषचंद्र बोस 20-20 कप क्रिकेट प्रतियोगिता का पहला मुकाबला आज तीतिरगांव और मोंगरापाल के मध्य हुआ। मैच मोंगरापाल ने जीता।

टॉस जीतकर तीतिरगांव के कप्तान गौरव जोशी ने पहले फील्डिंग का फैसला किया।हिमांशु सेठिया और वेदप्रकाश ने सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने पावर प्ले में जमकर तीतिरगांव के बॉलरो की पिटाई की और 4 ओवर में 40 रन जोड़े। मोंगरापाल का पहला विकेट हिमांशु को हितु ने आउट किया। 16 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाकर 18 रन बनाए। इसके बाद देवनाथ और वेदप्रकाश ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 17 ओवर तक टीम का स्कोर 137 रनों तक पहुंचाया। वेद ने 69 रन और देवनाथ ने 39 रनों की शानदार पारी खेली। मोंगरापाल की टीम ने 6 विकेट खोकर 20 ओवर में 158 रन बनाए। तीतिरगांव के बॉलर हितु ठाकुर ने 4 ओवर में 28 रन दिए और 2 विकेट चटकाए। 159 रन के जवाब में 18 ओवर में 116 रन बनाकर तीतिरगांव की टीम ऑल आउट हो गई। तीतिरगांव के सलामी बल्लेबाज राजकुमार और विकेट कीपर जिमेश जोशी मैदान पर उतरे। पहले ओवर में राजकुमार को हिमांशु ने जीरो रन पर बोल्ड किया।

दूसरे छोर से जिमेश जोशी ने धीमी पारी खेलते हुए 49 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 39 रन बनाए। राहुल की गेंद पर जिमेश पगबाधा आउट हुए। कप्तान गौरव ने शानदार शॉट लगाकर टीम को जीत दिलाने का प्रयास किया। अच्छी बल्लेबाजी कर रहे गौरव को दुलभ ने बोल्ड कर तीतिरगांव की पूरी टीम को बैकफुट में धकेल दिया। गौरव ने केवल 15 गेंदों में 28 रनों की पारी खेली। इसमे 3 छक्के और 1 चौके शामिल हैं। दूसरे मैच में भोपालपट्टनम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया।विल्सन डेविड और इरफान खान मैदान पर उतरे। लालू की पहली गेंद में विल्सन बिना खाता खोले बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए।ओवर की दूसरी गेंद में केपीआर राजू भी शून्य पर आउट हुए। इसके बाद सेंडी और इरफान ने टीम के स्कोर को आगे बढ़ाते हुए 44 रनों तक पहुंचाया। इरफ़ान ने 24 गेंदों में 24 रन बनाए। 4 चौके और एक छक्का लगाकर सेंडी ने 37 रनों की पारी खेली। निचले क्रम में सचिन और अरुण ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए टीम का स्कोर 152 रनों तक पहुंचाया। अरुण 11 गेंद में 21 रन व सचिन ने 29 रनों की पारी खेली।153 रनों के जवाब में बचेली की टीम 19 ओवर में 115 रनों पर ऑल आउट हो गई।

मां और अपने दो माह के बच्चे को टंगिया से हत्या करने वाला आरोपी हुआ गिरफ्तार

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  • अपने परिवार को टंगिया से मारने वाला आरोपी गिरफतार किया गया
  • अपनी पत्लि को टंगिया से मारकर किया अधमरा ।आरोपी द्वारा अपनी माता और स्वयं के 02 माह के बच्चे को धारदार टंगिया से मारकर किया हत्या।
  • दीगर गांव गये अपने पिता को भी मारने की थी तैयारी एवं स्वयं करने वाला था आत्महत्या ।
  • आरोपी द्वारा 40000/रू चोरी करने की बात पर थी परिवार में अनबन ।
  • पुलिस थाना पुरूर द्वारा आरोपी को भेजा गया जेल।
  • नाम आरोपी :- भवानी निषाद पिता जलंधर निषाद उम्र 27 साल निवासी उसरवारा थाना पुरूर जिला बालोद (छ0ग0)

पुरूर क्षेत्रांतर्गत ग्राम उसरवारा निवासी भवानी निषाद के द्वारा अपने गांव के एक व्यक्ति की एटीएम चोरी कर उससे 40000/रू निकालने की बात पूरे गांव में फैलने से बदनामी होने पर इसी बात को लेकर अपनी पत्नि के साथ वाद विवाद कर अवसादग्रस्त होकर अपने ही परिवार के अपनी मां शांति बाई निषाद, पत्नि जागेश्वरी निषाद एवं अपने 02 माह के पुत्र को धारदार लोहे का टंगिया से मारकर हत्या करने की रिपोर्ट पर थाना पुरूर में दिनांक 06.01.2024 को अपराध क्रमांक 04/2024 धारा 302, 307 भा0द0वि0 कायम कर विवेचना में लिया गया थाना पुरूर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये घटनास्थल पहुंचकर आरोपी की माता शांति बाई निषाद उम्र 45 साल एवं आरोपी का 02 माह का पुत्र, को टंगिया से वार करने पर सिर एवं हांथ में जगह जगह गंभीर चोट आने से मौके पर ही मृत्यु हो गई थी एवं घटनास्थल पर आरोपी की पत्नि जागेश्वरी निषाद उम्र 22 साल अधमरी हालत में पड़ी थी जिसे तुरन्त धमतरी अस्पताल ईलाज हेतु रवाना किया गया। आरोपी द्वारा घटनाकारित करने में प्रयुक्त हथियार एक धारदार लोहे का टंगिया खून से सना हुआ व आरोपी के पहने हुये रक्त रंजित शर्ट को जब्त किया गया है, आरोपी का कृत्य अपराध सदर धारा 302, 307 भादवी का घटना घटित करना पाये जाने से आरोपी को विधीवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत पर भेजा गया ।

 

सम्पूर्ण कार्यवाही में  पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद  जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय  सुशील नायक के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुरूर जिला बालोद बोनीफास एक्का के पर्यवेक्षण में प्रभारी थाना पुरूर निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में सउनि रूपेश्वर राम भगत, सउनि अजयशंकर अविनाशी, प्र०आर० विश्वजीत साहू, आर० लिखन साहू, गुणेश यादव, किशोर साहू, छोटू सोनकर, जितेन्द्र सिन्हा, थनेन्द्र देवांगन, कुलदीप नागवंशी, सुरेश पटेल, म०आर० पुष्पलता साहू आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गई। उक्त कार्यवाही में उपरोक्त अधिकारी/कर्मचारी का विशेष भूमिका रहा है।

मुख्यधारा में लौटें नक्सली, वरना हिसाब बराबर किया जाएगा : गृहमंत्री विजय शर्मा

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  • प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, उप मुख्यमंत्री शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप पहुंचे दंतेवाड़ा
  • मां दंतेश्वरी की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की
    जगदलपुर प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप संभाग स्तरीय कार्यकर्ता सम्मान समारोह में शामिल होने के पूर्व हेलीकाप्टर से दंतेवाड़ा पहुंचे और माई दंतेश्वरी की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। भाजपा की सरकार बनने के बाद आज पहली बार प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, उप मुख्यमंत्री और वनमंत्री पहली बार दंतेवाड़ा पहुंचे थे। उनका भाजपाइयों ने जोशीला स्वागत किया।दंतेवाड़ा पहुंचने पर प्रदेश प्रभारी  माथुर का स्वागत वनमंत्री केदार कश्यप ने किया।

इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम कर रही है। हमारी सरकार की मंशा है कि छत्तीसगढ़ पूरी तरह हिंसामुक्त राज्य बने, समाज के सभी तबके के लोग छत्तीसगढ़ के विकास में भागीदार बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्येय वाक्य सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास की अवधारणा पर चलते हुए हमारी सरकार सभी तबकों के उत्थान और कल्याण की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही है। गृहमंत्री  शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से जुड़े लोग भी हमारे भाई बंधु हैं, मगर उनकी विचारधारा गलत है। नक्सली विकास विरोधी हैं, निर्दोष आदिवासियों मासूम विद्यार्थियों की हत्या करते हैं। शिक्षा के मंदिर, सड़क, पुल पुलिया को तोड़ते हैं। यह गलत है। विजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार बार बार नक्सलियों से आग्रह कर रही है कि वे समाज की मुख्यधारा की ओर लौट आएं, अन्यथा उनके किए कर्मों का हिसाब बराबर किया जाएगा। गृहमंत्री ने बस्तर के आदिवासियों, युवाओं और ग्रामीणों से आह्वान किया कि नक्सलियों के बहकावे में न आएं।

 

आदिवासी युवाओं का हक मारने वाले बख्शे नहीं जाएंगे : विष्णुदेव साय

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  • पीएससी घोटाले पर गरजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव
  • व्यर्थ नहीं जाएगा भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान

जगदलपुर सीजी पीएससी परीक्षा में घोटाला करके आदिवासी युवाओं का हक मारने वालों को हरगिज बख्शा नहीं जाएगी। उन्हें उनकी करनी की सजा भोगनी ही पड़ेगी।
शनिवार को जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय भाजपा कार्यकर्ता सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने भाषण की शुरुआत नक्सलियों द्वारा मारे गए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को नमन कर की। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। अपने दिवंगत साथियों को नमन करते आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि कार्यकर्ताओं के मान सम्मान को कभी आंच नहीं आने दी जाएगी। हमारी पार्टी में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी उतना ही सम्मान मिलता है, जितना कि बड़े नेताओं को। श्री साय ने कहा कि एक आदिवासी होने के नाते आदिवासियों की धरती बस्तर में आकर मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आदिवासियों, अनुसूचित जाति के लोगों, दलितों और पिछड़ों का बहुत सम्मान करते हैं। पिछली कांग्रेस की सरकार में सीजी पीएससी परीक्षा में घोटाला कर आदिवासी युवाओं का हक मारा गया। कांग्रेस नेताओं और अफसरों के रिश्तेदारों को उपकृत किया गया। प्रधानमंत्री  मोदी ने विधानसभा चुनावों के दौरान घोषणा की थी कि पीएससी परीक्षा घोटाले की जांच कराई जाएगी। हमारी प्रदेश सरकार इस घोटाले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश कर दी है। अब पात्र परीक्षार्थियों को इंसाफ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलियों ने बस्तर के हमारे कई नेताओं की हत्या की है। मैं अपने दिवंगत नेताओं को नमन करते हुए आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि नेताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और ऐसी घटनाओं से आप लोगों को विचलित नहीं होना है।  साय ने कहा कि अपने चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाते हुए बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रू. किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। बाकी वादे और प्रधानमंत्री श्री मोदी की हर गारंटी को भी जल्द पूरा किया जाएगा। महतारी वंदन योजना के तहत मातृशक्ति को 12 हजार रू. सालाना, 5500 रू मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी, तेंदूपत्ता श्रमिकों को 4500 रू बोनस का भुगतान किया जाएगा। सभी विभागों में रिक्त पद भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य में सरकार गठन में अहम योगदान के लिए कार्यकर्ताओं को साधुवाद दिया।

जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं को : किरणदेव
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरणदेव सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा किभाजपा ही एकमात्र पार्टी है, जहां मैदानी कार्यकर्ताओं को भी पूरा सम्मान दिया जाता है। पार्टी को जब भी और जहां भी जीत मिलती है, उसका श्रेय वहां के कार्यकर्ताओं को दिया जाता है। बिना कार्यकर्ताओं की मेहनत के कोई भी राजनैतिक दल सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। किरणदेव सिंह ने कहा कि बस्तर संभाग की बारह में से आठ सीटों पर विजय आप मेहनती और लगनशील कार्यकर्ताओं, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों, महिला मोर्चा व अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर मिली है। इसके लिए आप सभी साथियों का मैं आभार प्रकट करता हूं। किरण देव सिंह ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का आह्वान भी किया। सम्मान समारोह में बस्तर संभाग के सातों जिलों बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर के हजारों पार्टी कार्यकर्ता, प्रदेश, जिला व मंडल पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधि पहुंचे थे। मंच पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव सिंह, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर के सांसद मोहन मंडावी, विधायक लता उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप डॉ. सुभाऊ कश्यप, श्रीनिवास मद्दी, कमलचंद्र भंजदेव, महेश गागड़ा, संतोष बाफना, बेदूराम कश्यप, राजाराम तोड़ेम, संजय पाण्डेय, लच्छू कश्यप, सुरेश गुप्ता, गीता मिश्रा व अन्य नेता मौजूद थे।

बलात्कार के फरार आरोपी को डौण्डी पुलिस ने किया गिरफ्तार

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पुलिस अधीक्षक जिला बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के द्वारा महिला संबंधी अपराध का त्वरित निराकरण करने का निर्देश प्राप्त हुआ है जिसके तहत थाना डौण्डी के अपराध कमांक 02/2024 धारा 376(2)(एन) भादवि के पीड़िता द्वारा वर्ष 2022 में महेश राव निवासी सिकोला भाटा दुर्ग से जरिये मोबाईल फोन के माध्यम से जान पहचान हुई थी, दोनो बातचीत करते थे, महेश राव बालोद सत्या माइको कैपिटल लिमिटेड ब्रांच बालोद में काम करता था, और पीड़िता के घर आना जाना करने लगा, फरवरी 2023 में महेश राव पीड़िता को प्यार करता हुं शादी करूंगा बोलने पर दोनों के बीच प्रेमसंबंध हो गया। पीड़िता शादी कब करोगे बोलती थी महेश राव तब कभी भी कर लेंगे बोलकर बात को टालता रहा आरोपी महेश राव पीड़िता के घर आकर अकेली पाकर शादी करूंगा कहकर पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक सम्बन्ध बनाया, मना करने पर भी नहीं माना, उसके बाद कई बार पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाया है की रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला बालोद सुशील कुमार नायक एवं श्रीमान नगर पुलिस अधीक्षक दल्लीराजहरा राजेश बांगड़े के मार्गदर्शन में आरोपी महेश राव पिता श्रीनिवास राव उम्र 27 साल साकिन कैलाश नगर दुर्ग थाना मोहन नगर जिला दुर्ग का सायबर सेल बालोद की तकनीकी सहायता से लगातार पता साजी की जा रही थी जिसे दिनांक 04.01.2024 को उसके निवास स्थल से अभिरक्षा में लिया गया एवं आरोपी महेश राव पिता श्रीनिवास राव उम्र 27 साल साकिन कैलाश नगर दुर्ग थाना मोहन नगर जिला दुर्ग को पुछताछ किया गया आरोपी के अपना जुर्म स्वीकार करने पर आरोपी को दिनांक 05.01.2024 के 13:05 बजे विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया है। प्रकरण को सुलझाने में निरीक्षक सुनील तिर्की, उपनिरीक्षक धनेश्वर साहू, आर. 318 खिलावन, आर. 362 ईश्वर भण्डारी का विशेष योगदान रहा है।

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